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योगी सरकार का बड़ा फैसला – नए साल के जश्न को भंग करने वाले  शरारतीयो और स्टंट करने वालो पर ड्रोन और नाइट विजन कैमरों से पहरेदारी

शरारतीयो और स्टंट करने वालो पर ड्रोन और नाइट विजन कैमरों से पहरेदारी
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 1, 2026 9:31 पूर्वाह्न
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​शरारतीयो और स्टंट करने वालो पर ड्रोन और नाइट विजन कैमरों से पहरेदारीयोगी सरकार का सेफ न्यू ईयर’ प्लान-नए साल 2026 के आगमन पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर अभूतपूर्व तैयारी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार हुड़दंगियों स्टंटबाजों और सार्वजनिक स्थानों पर शांति भंग करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है।

विशेषकर लखनऊ नोएडा गाजियाबाद वाराणसी प्रयागराज और कानपुर में नए साल के जश्न के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हाई-टेक निगरानी का जाल बिछाया गया है।

कब से कब तक रहेगी सख्ती

​सुरक्षा का यह विशेष घेरा 31 दिसंबर की शाम 6 बजे से शुरू होकर 1 जनवरी की देर रात तक सक्रिय रहेगा। मुख्य ध्यान 31 दिसंबर की रात 9 बजे से 2 जनवरी की सुबह तक रहेगा जब सड़कों पर भीड़ और जश्न का माहौल सबसे अधिक होता है।

 कहां-कहां होगी निगरानी- हॉटस्पॉट की पहचान

​सरकार ने उन स्थानों को चिन्हित किया है जहाँ सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है-

  • पार्क और सार्वजनिक स्थल–  रिवरफ्रंट क्लब और रिजॉर्ट्स के आसपास।
  • ​चौराहे और फ्लाईओवर्स- स्टंटबाजों को रोकने के लिए प्रमुख चौराहों और एक्सप्रेसवे के एंट्री एग्जिट पॉइंट्स पर विशेष नजर रहेगी।
  • ​धार्मिक स्थल – अयोध्या काशी और मथुरा जैसे शहरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल तैनात रहेगा।

​ कैसे होगी निगरानी तकनीकी हथियार

​योगी सरकार ने इस बार पारंपरिक पुलिसिंग के साथ आधुनिक तकनीक का समावेश किया है

  • ​ड्रोन कैमरों का उपयोग-  आसमान से हर हलचल पर नजर रखी जाएगी। ये ड्रोन न केवल वीडियो रिकॉर्ड करेंगे बल्कि इनमें लगे लाउडस्पीकर के जरिए पुलिस भीड़ को निर्देश भी दे सकेगी
  • ​नाइट विजन कैमरे – अंधेरे या कम रोशनी वाले इलाकों जैसे पार्क या सुनसान सड़कें में असामाजिक तत्वों को पकड़ने के लिए नाइट विजन और थर्मल कैमरों का उपयोग किया जाएगा।
  • बॉडी वॉर्न कैमरे-  गश्त पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास बॉडी कैमरे होंगे ताकि किसी भी विवाद या बदसलूकी की स्थिति में पुख्ता डिजिटल साक्ष्य मौजूद रहें।
  • AI आधारित फेस रिकग्निशन-  संदिग्धों और पूर्व अपराधियों की पहचान के लिए कुछ क्षेत्रों में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस वाले कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

​कहां से देखा जाएगा कंट्रोल रूम

​पूरी निगरानी प्रक्रिया को स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम ICCC और जिला मुख्यालयों में बने इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर से संचालित किया जाएगा।​यहाँ पुलिस के आला अधिकारी और तकनीकी एक्सपर्ट्स बड़ी स्क्रीन पर लाइव फीड देखेंगे।

​जैसे ही कोई ड्रोन या कैमरा किसी स्टंटबाज या संदिग्ध गतिविधि को कैप्चर करेगा तुरंत पास की UP-112 वैन और पीआरवी PRV को सूचना भेज दी जाएगी।

​किस प्रकार की कार्रवाई होगी

​हुड़दंगियों के लिए इस बार सजा सख्त है- 

  • ​भारी जुर्माना-ओवरस्पीडिंग और स्टंट करने पर भारी चालान के साथ गाड़ी जब्त करने के निर्देश हैं।
  • ड्राइविंग लाइसेंस रद्द –बार-बार नियम तोड़ने वालों का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है।
  • ​होटल और क्लबों के लिए निर्देश-शराब पीकर हंगामा करने वालों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।
  • ​ड्रंक एंड ड्राइव चेक- ब्रेथ एनालाइजर के साथ हर प्रमुख चौराहे पर चेकिंग होगी।

​जनता के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

​शालीनता से मनाएं जश्न –परिवार के साथ जश्न मनाने वालों को कोई परेशानी नहीं होगी लेकिन अश्लीलता या शोर-शराबे पर रोक है।

​समय सीमा का पालन-लाउडस्पीकर और डीजे के लिए कोर्ट और सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा और डेसिबल स्तर का पालन करना अनिवार्य है।

​स्टंटबाजी से बचें –सार्वजनिक सड़कों पर स्टंट करना न केवल आपकी जान जोखिम में डालता है बल्कि अब आप पर सीसीटीवी की सीधी नजर है।

​योगी सरकार का यह कदम प्रदेश की जनता विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। तकनीक का यह प्रयोग अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को दोहराता है। पुलिस प्रशासन का संदेश स्पष्ट है जश्न मनाएं लेकिन अनुशासन की सीमा में।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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