इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय MeitY– भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय MeitY और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय MIB ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ओटीटी OTT और अन्य डिजिटल मध्यस्थों के लिए कड़े निर्देश और सुझाव जारी किए हैं। ये निर्देश विशेष रूप से अश्लीलता डीपफेक और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर हैं।
सरकारी निर्देशों का मुख्य उद्देश्य- नियमों और सुझावों की विस्तृत जानकारी
सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इंटरनेट को खुला सुरक्षित भरोसेमंद और जवाबदेह (Open Safe Trusted and Accountable) बनाना है।
हालिया एडवाइजरी दिसंबर 2025 में सरकार ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया कंपनियां केवल एक पाइप की तरह काम नहीं कर सकतीं बल्कि उन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद सामग्री की जिम्मेदारी लेनी होगी।
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अश्लील और अवैध कंटेंट की परिभाषा
नए सुझावों के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि कौन सी चीजें प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंधित हैं-
- अश्लील सामग्री (Obscene Content) – ऐसी सामग्री जो कामुक हो कामुकता को बढ़ावा देती हो या समाज के नैतिक ताने-बाने को भ्रष्ट करती हो।
- यौन रूप से स्पष्ट (Sexually Explicit)- नग्नता यौन कृत्य या निजी अंगों का प्रदर्शन।
- अभद्र चित्रण (Indecent Representation) – महिलाओं का ऐसा चित्रण जो उनके सम्मान को ठेस पहुँचाता हो।
- पेडोफिलिक कंटेंट (Paedophilic Content)– बच्चों से जुड़ी किसी भी प्रकार की अश्लील या शोषणकारी सामग्री।
- डीपफेक और सिंथेटिक मीडिया – एआई AI द्वारा बनाए गए फर्जी वीडियो या फोटो जो किसी व्यक्ति की छवि बिगाड़ने या गलत जानकारी फैलाने के लिए इस्तेमाल किए जाएं।
क्या देखना/शेयर करना अवैध है
आईटी नियम 2021 के नियम 3(1)(b) के अनुसार, उपयोगकर्ताओं को निम्नलिखित कंटेंट होस्ट प्रदर्शित अपलोड या साझा करने की अनुमति नहीं है|
- नफरत फैलाने वाला –जो नस्लीय या जातीय रूप से आपत्तिजनक ह
- भ्रामक-जो जानबूझकर गलत जानकारी Misinformation फैलाए।
- सुरक्षा के खिलाफ-जो भारत की संप्रभुता अखंडता या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा पैदा करे।
- निजता का उल्लंघन-किसी की सहमति के बिना उसकी निजी फोटो या जानकारी साझा करना।
- बदला लेने वाली अश्लीलता (Revenge Porn)-किसी को अपमानित करने के लिए साझा की गई यौन सामग्री।
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सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नई जिम्मेदारियां
सरकार ने कंपनियों को चेतावनी दी है कि यदि वे इन नियमों का पालन नहीं करती हैं तो वे अपनी सुरक्षा खो (Safe Harbour) देंगी यानी उन पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकेगी।
- 24 घंटे का नियम – यदि किसी व्यक्ति की नग्नता या यौन कृत्य से संबंधित शिकायत मिलती है तो प्लेटफॉर्म को उसे 24 घंटे के भीतर हटाना होगा।
- 72 घंटे का नियम – अन्य अवैध कंटेंट की शिकायतों का निपटारा 72 घंटे के भीतर करना अनिवार्य है।
स्वचालित उपकरण (Automated Tools)
बड़े प्लेटफॉर्म्स को अश्लील सामग्री की पहचान करने और उसे फैलने से रोकने के लिए एआई आधारित फिल्टर लगाने होंगे।
- सख्त लेबलिंग –एआई द्वारा बनाई गई किसी भी सामग्री Deepfakes पर स्पष्ट लेबल होना चाहिए कि यह कृत्रिम है।
दंडात्मक प्रावधान सजा और जुर्माना
नियमों के उल्लंघन पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम IT Act और भारतीय न्याय संहिता BNS 2023 के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है
- धारा 67 – अश्लील सामग्री प्रकाशित करने पर पहली बार में 3 साल की जेल और ₹5 लाख तक का जुर्माना।
- धारा 67A – यौन स्पष्ट सामग्री Sexually Explicit साझा करने पर 5 साल की जेल और ₹10 लाख का जुर्माना।
OTT प्लेटफार्मों पर कार्रवाई
सरकार ने अश्लीलता फैलाने वाले लगभग 43 ओटीटी ऐप्स और वेबसाइटों को पहले ही ब्लॉक कर दिया है।
कंटेंट हटाने की नई पारदर्शी प्रक्रिया अक्टूबर-नवंबर 2025 के बदलाव
अब सरकार या पुलिस का कोई भी अधिकारी मनमाने ढंग से पोस्ट नहीं हटा सकेगा। नए नियमों के अनुसार आदेश देने वाला अधिकारी संयुक्त सचिव Joint Secretary या उससे ऊपर के पद का होना चाहिए। आदेश में कानूनी आधार उल्लंघन का कारण और सटीक URL देना अनिवार्य होगा।
सुझाव
एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय मर्यादा का पालन करना आवश्यक है। ऐसी कोई भी सामग्री जो अश्लील हो या किसी की निजता का हनन करती हो उसे न तो देखें और न ही आगे बढ़ाएं। यदि आपको ऐसा कंटेंट दिखता है तो तुरंत प्लेटफॉर्म के शिकायत अधिकारी (Grievance Officer) को रिपोर्ट करें।







