डलास। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का पहला ही मुकाबला और ऐसा रोमांच जिसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की होगी! अमेरिकी राज्य टेक्सास के खचाखच भरे एटीएंडटी स्टेडियम में इंग्लैंड ने अपने अभियान का ऐसा तूफानी आगाज किया है कि विरोधी टीमें अभी से हैरान हैं। ग्रुप-एल के इस हाई-वोल्टेज मैच में इंग्लैंड ने फुटबॉल जगत की सबसे जिद्दी टीमों में से एक, क्रोएशिया को 4-2 के बड़े अंतर से पटखनी दे दी।
स्टेडियम में मौजूद करीब 70 हजार दर्शकों की सांसें इस 90 मिनट के खेल में ऊपर-नीचे होती रहीं, लेकिन आखिरी बाजी इंग्लैंड के नाम रही।इस यादगार फतह के सबसे बड़े हीरो रहे कप्तान हैरी केन, जिन्होंने मोर्चे से अगुवाई करते हुए दो कमाल के गोल दागे। सिर्फ केन ही नहीं, इंग्लैंड की युवा सनसनी जूड बेलिंघम और बाद में मैदान पर उतरे मार्कस रैशफोर्ड ने भी एक-एक गोल दागकर क्रोएशियाई खेमे में तहलका मचा दिया। इस धमाकेदार जीत के साथ इंग्लैंड ने न सिर्फ तीन बेहद कीमती अंक अपनी जेब में डाले, बल्कि ग्रुप-एल की पॉइंट्स टेबल में सीधे टॉप पर छलांग लगा दी है।
पहले हाफ का हाई-वोल्टेज ड्रामा: वार पर पलटवार
कोच थॉमस ट्यूशेल की रणनीति मैच के पहले मिनट से ही साफ दिख रही थी—सिर्फ और सिर्फ अटैक। इंग्लिश फॉरवर्ड्स ने शुरुआत से ही क्रोएशियाई डिफेंस की नाक में दम करना शुरू कर दिया। मैच के अभी 12 ही मिनट बीते थे कि नॉनी मडुके को क्रोएशियाई डी-बॉक्स के अंदर गलत तरीके से गिरा दिया गया। रेफरी ने तुरंत पेनाल्टी का इशारा किया। दबाव वाले इस मौके पर कप्तान हैरी केन आगे आए और उन्होंने क्रोएशिया के स्टार गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविच को पूरी तरह छकाते हुए गेंद को जाल में उलझा दिया। इंग्लैंड 1-0 से आगे था।पर क्रोएशिया इतनी जल्दी हथियार डालने वाली टीम कहां थी! शुरुआती झटके से उबरकर उन्होंने मैच की लय पकड़ी और 36वें मिनट में मार्टिन बाटुरीना ने वो कर दिखाया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। इंग्लैंड के डिफेंडर्स की एक छोटी सी लापरवाही का फायदा उठाकर बाटुरीना ने डी-बॉक्स के बाहर से ऐसा रॉकेट शॉट दागा कि इंग्लैंड के गोलकीपर बस देखते रह गए। स्कोर 1-1 की बराबरी पर आ चुका था।इसके बाद पहले हाफ के आखिरी 10 मिनट किसी सस्पेंस थ्रिलर जैसे रहे। 42वें मिनट में विंग से आए एक शानदार क्रॉस को लपकने के लिए हैरी केन हवा में उछले और कमाल के हेडर के जरिए स्कोर 2-1 कर दिया। लगा कि इंग्लैंड बढ़त के साथ ही ब्रेक पर जाएगा, लेकिन कहानी में एक और मोड़ बाकी था। पहले हाफ के इंजुरी टाइम में पेटार मूसा ने इंग्लिश डिफेंस की सुस्ती का फायदा उठाया और एक बेहतरीन मैदानी गोल दागकर क्रोएशिया को 2-2 की बराबरी पर ला खड़ा किया। हाफ टाइम तक मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ था।
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दूसरे हाफ में बेलिंघम का जादू और रैशफोर्ड की सील
हाफ टाइम के बाद जब इंग्लैंड की टीम मैदान पर लौटी, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज एकदम अलग थी। खेल के 47वें मिनट में ही जूड बेलिंघम ने अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने एक बेहद फुर्तीले मूव को गोल में तब्दील करते हुए इंग्लैंड को 3-2 से आगे कर दिया। बेलिंघम का यह गोल मैच का असली टर्निंग पॉइंट रहा, क्योंकि इसके बाद क्रोएशियाई टीम वो दबाव झेल नहीं पाई।बढ़त बनाने के बाद इंग्लैंड ने खेल को धीमा किया और शॉर्ट पासेज के जरिए गेंद को अपने पास ही रखा। मैच के आखिरी मिनटों में जब क्रोएशिया ने बराबरी के लिए अपने सारे खिलाड़ी आगे झोंक दिए, तब इंग्लैंड ने काउंटर-अटैक का दांव खेला। 85वें मिनट में सब्सटिट्यूट के तौर पर आए मार्कस रैशफोर्ड ने क्रोएशिया के थके हुए डिफेंस को चीरते हुए टीम का चौथा गोल दाग दिया। इस गोल ने क्रोएशिया की बची-खुची उम्मीदों पर पानी फेर दिया और इंग्लैंड ने 4-2 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

केन ने रचा इतिहास, गैरी लिनेकर के क्लब में एंट्री
मैच में दो गोल दागने वाले कप्तान हैरी केन को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इस डबल धमाके के साथ ही केन ने इतिहास भी रच दिया है। वह अब इंग्लैंड के लिए विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने के मामले में महान फुटबॉलर गैरी लिनेकर की बराबरी पर आ गए हैं। केन का यह फॉर्म में होना इंग्लैंड के खिताब जीतने के सपने के लिए सबसे बड़ी संजीवनी है।
आगे का गणित: ग्रुप-एल में मचेगा घमासान
इस जीत ने इंग्लैंड को ग्रुप-एल की रेस में सबसे आगे खड़ा कर दिया है। अब उनके हौसले बुलंद हैं और अगली चुनौती घाना की होगी, जो अपनी रफ्तार के लिए जानी जाती है। दूसरी तरफ, घायल क्रोएशियाई टीम पनामा के खिलाफ अपनी खोई हुई साख वापस पाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। विश्व कप के इस पहले ही मैच ने यह ट्रेलर दिखा दिया है कि आगे की पिक्चर कितनी ब्लॉकबस्टर होने वाली है।







