व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

FIH प्रो लीग 2025-26-शुरुआती झटकों से उबर न सकी भारतीय टीम बेल्जियम ने 4–2 से हराया

FIH प्रो लीग 2025-26-शुरुआती झटकों से उबर न सकी भारतीय टीम बेल्जियम ने 4–2 से हराया
नवजोत कौर सिद्धू
On: फ़रवरी 15, 2026 3:32 अपराह्न
Follow Us:

राउरकेला। एफआईएच पुरुष हॉकी प्रो लीग 2025–26 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का खराब दौर जारी रहा। विश्व की मजबूत टीम बेल्जियम ने बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत को 4–2 से हराकर मेजबान टीम को लगातार तीसरी हार का सामना करने पर मजबूर कर दिया। मुकाबले में बेल्जियम ने पहले हाफ में आक्रामक खेल दिखाते हुए मैच पर मजबूत पकड़ बना ली, जबकि भारतीय टीम ने दूसरे हाफ में वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन शुरुआती नुकसान की भरपाई नहीं कर सकी। 

यह मुकाबला एफआईएच प्रो लीग के राउरकेला चरण का महत्वपूर्ण मैच था, जहां भारतीय टीम घरेलू दर्शकों के सामने बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लेकर उतरी थी, लेकिन बेल्जियम की संगठित रणनीति और तेज आक्रमण ने भारत की योजनाओं को शुरुआती मिनटों में ही झटका दे दिया।

बेल्जियम की तेज शुरुआत, भारत बैकफुट पर

मैच की शुरुआत से ही बेल्जियम ने तेज रफ्तार और सटीक पासिंग के जरिए भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। बेल्जियम को शुरुआती मिनटों में ही सफलता मिली जब ह्यूगो लाबुशेरे ने 11वें मिनट में गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद बेल्जियम ने आक्रमण की गति और बढ़ा दी।

स्टार ड्रैग-फ्लिकर अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स ने 14वें और 17वें मिनट में लगातार दो गोल दागकर भारत को गहरे संकट में डाल दिया। कुछ ही मिनटों में बेल्जियम 3–0 की मजबूत बढ़त बना चुका था। इसके तुरंत बाद आर्थर डी स्लोवर ने गोल कर स्कोर 4–0 कर दिया और मुकाबला लगभग एकतरफा होता नजर आने लगा। 

भारतीय रक्षण पंक्ति इस दौरान तालमेल की कमी से जूझती दिखाई दी। बेल्जियम के खिलाड़ियों ने विंग से हमले और सर्कल एंट्री का शानदार इस्तेमाल करते हुए भारतीय गोलपोस्ट पर लगातार खतरा बनाए रखा।

दूसरे क्वार्टर में भारत की पहली प्रतिक्रिया

लगातार दबाव झेलने के बाद भारतीय टीम ने धीरे-धीरे मैच में वापसी की कोशिश की। 24वें मिनट में आदित्य लालगे ने शानदार फील्ड गोल कर भारत का खाता खोला। इस गोल से भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा और दर्शकों में भी उत्साह लौट आया। 

हालांकि पहले हाफ के अंत तक बेल्जियम 4–1 से आगे रहा और मैच पर उसकी पकड़ मजबूत बनी रही।

mkggj

हाफ टाइम के बाद बदली भारत की रणनीति

दूसरे हाफ में भारतीय टीम बिल्कुल बदले हुए अंदाज में मैदान पर उतरी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में टीम ने आक्रामक हॉकी खेलनी शुरू की। भारत ने गेंद पर नियंत्रण बढ़ाया और मिडफील्ड से बेहतर मूव बनाए।

37वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 4–2 कर दिया। इसके बाद भारतीय टीम ने लगातार दबाव बनाते हुए वापसी की उम्मीद जगाई। 

भारतीय डिफेंस ने भी दूसरे हाफ में बेहतर प्रदर्शन किया और बेल्जियम को कोई अतिरिक्त गोल नहीं करने दिया। हालांकि, शुरुआती चार गोलों का अंतर बहुत बड़ा साबित हुआ।

मौके बने, लेकिन फिनिशिंग रही कमजोर

मैच के अंतिम दो क्वार्टरों में भारत ने कई सर्कल एंट्री और आक्रमण बनाए, लेकिन निर्णायक क्षणों में फिनिशिंग की कमी साफ दिखाई दी। बेल्जियम की रक्षण पंक्ति और गोलकीपर ने संयम बनाए रखा और भारत को वापसी का मौका नहीं दिया।

 भारतीय टीम की सबसे बड़ी समस्या मैच की शुरुआत रही, जहां टीम लय पकड़ने में देर कर गई। बेल्जियम ने इसी कमजोरी का फायदा उठाकर शुरुआती बढ़त बना ली।

लगातार तीसरी हार से बढ़ी चिंता

इस हार के साथ भारत को राउरकेला चरण में लगातार तीसरी हार झेलनी पड़ी। इससे पहले भी बेल्जियम ने भारत को 3–1 से हराया था, जबकि अगले मैच में अर्जेंटीना के खिलाफ भारत को 0–8 की भारी शिकस्त मिली थी।

लगातार हार से टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं, खासकर रक्षण व्यवस्था और मैच की शुरुआत में मानसिक तैयारी को लेकर।

बेल्जियम की रणनीति रही निर्णायक 

विश्व हॉकी की शीर्ष टीमों में शामिल बेल्जियम ने इस मैच में अपनी अनुभव और संरचित खेल शैली का शानदार प्रदर्शन किया। तेज काउंटर अटैक, सटीक पेनल्टी कॉर्नर और अनुशासित डिफेंस उनके जीत के प्रमुख कारण रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि बेल्जियम की टीम ने भारतीय खिलाड़ियों को समय और जगह नहीं दी, जिससे मेजबान टीम अपनी स्वाभाविक आक्रामक हॉकी नहीं खेल सकी। 

युवा खिलाड़ियों के लिए सीख

एफआईएच प्रो लीग को भारतीय टीम के लिए बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। टीम में कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया है और यह प्रतियोगिता उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव दे रही है।

हालांकि परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, लेकिन दूसरे हाफ में दिखाई गई जुझारू भावना भारतीय टीम के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

रणनीतिक सुधार की आवश्यकता 

भारतीय टीम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती आत्मविश्वास वापस हासिल करने की है। लगातार हार के बाद टीम को रणनीतिक सुधार, शुरुआती क्वार्टरों में बेहतर तालमेल और पेनल्टी कॉर्नर डिफेंस पर विशेष ध्यान देना होगा।

घरेलू दर्शकों के समर्थन के बावजूद परिणाम न मिलना टीम के लिए निराशाजनक जरूर है, लेकिन टूर्नामेंट अभी लंबा है और वापसी की संभावनाएं बरकरार हैं।यदि भारत को प्रो लीग में अपनी स्थिति मजबूत करनी है, तो आने वाले मैचों में शुरुआत से ही आक्रामक और अनुशासित खेल दिखाना होगा।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment