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18 जून 2026: देश के मौसम का मिजाज – कहीं मानसून की झमाझम, कहीं भीषण आंधी और लू का अलर्ट

मौसम पूर्वानुमान
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 18, 2026 9:40 पूर्वाह्न
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​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार 18 जून 2026 को पूरे भारत के मौसम में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां दक्षिण और उत्तर-पूर्वी राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक दे चुका है। इसके साथ ही मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में उमस भरी गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप अभी भी थमा नहीं है।आइए भौगोलिक आधार पर देश के मौसम की स्थिति को विस्तार से समझते हैं

​उत्तर-पश्चिम और पहाड़ी भारत- पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता

​18 जून 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ पूरी तरह सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से पहाड़ी राज्यों के मौसम में काफी राहत मिलने की उम्मीद है

  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश- इन क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर (Fairly Widespread to Widespread) हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
  • उत्तराखंड- देवभूमि उत्तराखंड में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
  • पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश- मैदानी इलाकों में आइसोलेटेड (छिटपुट) स्थानों पर तेज धूल भरी आंधी चलने और आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी से तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है लेकिन उमस का स्तर बना रहेगा।
  • राजस्थान (पूर्वी और पश्चिमी भाग)- राजस्थान के लिए आईएमडी ने विशेष अलर्ट जारी किया है। 18 जून को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भीषण थंडरस्क्वाल (Thundersquall) यानी 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली विनाशकारी आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की आशंका है।

​उत्तर-पूर्वी और पूर्वी भारत- मानसून का रौद्र रूप

​उत्तर-पूर्वी भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से मेहरबान है और यह क्षेत्र वर्तमान में अत्यधिक भारी वर्षा का सामना कर रहा है

  • असम और मेघालय- इन दोनों राज्यों में मौसम विभाग ने ‘अत्यधिक भारी बारिश’ (Isolated Very Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया है। कुछ संवेदनशील इलाकों में बाढ़ और जलभराव जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
  • अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा- इन राज्यों में व्यापक स्तर पर (Widespread) बारिश होने की संभावना है जिसमें अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा (Heavy Rainfall) दर्ज की जा सकती है।
  • पश्चिम बंगाल और सिक्किम- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल (Sub-Himalayan West Bengal) और सिक्किम में मानसून की मूसलाधार बारिश जारी रहेगी जहां भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल (Gangetic West Bengal) के इलाकों में मौसम गर्म और अत्यधिक उमस भरा बना रहेगा।
  • बिहार, झारखंड और ओडिशा- बिहार के कुछ जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है जबकि झारखंड और ओडिशा में मौसम मुख्य रूप से शुष्क, गर्म और उमस भरा रहेगा हालांकि शाम के समय छिटपुट आंधी आ सकती है।

मध्य और पश्चिमी भारत- लू का प्रकोप और आंधी

​देश के मध्य भाग में अभी भी मानसून की प्रतीक्षा की जा रही है जिसके कारण तापमान ऊंचे स्तर पर बना हुआ है

  • मध्य प्रदेश- मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 18 जून को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और थंडरस्क्वाल (आंधी-तूफान) का अनुमान है। पूर्वी मध्य प्रदेश में छिटपुट वर्षा हो सकती है।
  • विदर्भ और छत्तीसगढ़- इन क्षेत्रों में मानसून पूर्व की गतिविधियां बहुत धीमी हैं। विदर्भ के कुछ हिस्सों में 18 जून को भी हीटवेव (लू) की स्थिति बनी रहेगी। छत्तीसगढ़ के कुछ पॉकेट्स में गर्म हवाएं चलने की संभावना है।
  • महाराष्ट्र (कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र)- कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी जिससे मौसम सुहावना रहेगा। हालांकि मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के अंदरूनी हिस्सों में तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है जिससे कुछ इलाकों में लू जैसी स्थिति बन सकती है।
  • गुजरात और सौरराष्ट्र-कच्छ- गुजरात के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और गर्म रहेगा तटीय इलाकों में उमस काफी अधिक रहेगी।

​दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत- मानसूनी बौछारें

​दक्षिण भारत में मानसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है और तटीय क्षेत्रों को राहत दे रहा है

  • केरल और माहे- केरल में व्यापक रूप से वर्षा होने का अनुमान है जिससे वहां का मौसम ठंडा बना रहेगा।
  • कर्नाटक और लक्षद्वीप- तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के साथ-साथ लक्षद्वीप समूह में 18 जून को अधिकांश स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है।
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश- तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। इसके विपरीत, तटीय आंध्र प्रदेश (यानम) और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं (Strong Surface Winds) चलेंगी और मौसम गर्म रहेगा।
  • तेलंगाना- तेलंगाना के कुछ अलग-अलग हिस्सों में 18 जून को भी हीटवेव (लू) की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है जिससे दोपहर के समय लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

​महत्वपूर्ण मौसमी आंकड़े और चेतावनियां (एक नजर में)

क्षेत्र / राज्यमुख्य मौसमी गतिविधिहवा की गति / अलर्ट
राजस्थानभीषण आंधी-तूफान (Thundersquall)60-80 किमी/घंटा की रफ्तार
असम, मेघालय, सिक्किमअत्यधिक भारी बारिश (Very Heavy Rain)बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
जम्मू-कश्मीर, हिमाचलव्यापक वर्षा और बिजली गिरनापहाड़ी रास्तों पर सावधानी
विदर्भ, तेलंगाना, मध्य महाराष्ट्रलू (Heatwave) का प्रकोपदोपहर में अत्यधिक गर्मी
पश्चिम मध्य प्रदेशतेज आंधी और धूल भरा तूफान55-70 किमी/घंटा की रफ्तार

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18 जून 2026 के लिए विशेष नागरिक सुझाव और सावधानियां

​मौसम विभाग द्वारा जारी इस बहु-आयामी पूर्वानुमान को देखते हुए नागरिकों को अपनी सुरक्षा के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए

  • आंधी और तूफान वाले क्षेत्रों के लिए (राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा)- जब आंधी या थंडरस्क्वाल की स्थिति बने तो घरों के अंदर ही रहें। कच्चे मकानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और साइनबोर्ड्स के नीचे खड़े होने से बचें। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने या कमजोर बुनियादी ढांचे के गिरने का खतरा रहता है।
  • भारी बारिश वाले क्षेत्रों के लिए (उत्तर-पूर्व भारत, केरल, सिक्किम)- निचले इलाकों में रहने वाले लोग जलभराव (Waterlogging) के प्रति सचेत रहें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग भूस्खलन (Landslides) की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी के बाद ही निकलें। मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
  • लू और अत्यधिक गर्मी वाले क्षेत्रों के लिए (तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा)- दोपहर 11-00 बजे से दोपहर 3-30 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो तो सिर को हल्के सूती कपड़े, टोपी या छतरी से ढकें। शरीर में पानी की कमी न होने दें नींबू पानी, छाछ, ओआरएस (ORS) और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करते रहें।
  • बिजली चमकने के दौरान (थंडरस्टॉर्म अलर्ट)- यदि आप खुले मैदान में हैं और आसमान में बिजली कड़क रही है तो तुरंत किसी पक्के मकान या बंद वाहन के अंदर शरण लें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बंद कर दें और लोहे की रेलिंग या पानी के स्रोतों से दूर रहें।

 ​नोट- यह पूर्वानुमान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिनों के विश्लेषण पर आधारित है। स्थानीय स्तर पर मौसम में त्वरित बदलाव संभव हैं अतः तात्कालिक अपडेट के लिए अपने क्षेत्रीय मौसम केंद्र की सूचनाओं पर भी नजर रखें।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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