व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

IMD के पूर्वानुमान द्वारा 6 जून 2026 को भारत का मौसम 

भारत का मौसम
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 6, 2026 5:58 पूर्वाह्न
Follow Us:

​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार 6 जून 2026 को संपूर्ण भारत के मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। एक तरफ जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में अपनी रफ्तार पकड़ चुका है वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम का मिजाज बदला हुआ है।

​दक्षिण भारत –  मानसून की सक्रियता और भारी बारिश

​4 जून 2026 को मानसून ने केरल में अपने सामान्य समय से थोड़ी देरी से प्रवेश किया है। अब यह तेजी से प्रायद्वीपीय भारत की ओर बढ़ रहा है।

  • केरल और कर्नाटक –  IMD ने 6 जून को केरल और तटीय व आंतरिक कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश (7 से 20 सेमी) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
  • तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना –  इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली कड़कने और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। तमिलनाडु के कुछ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है।

​उत्तर-पूर्वी भारत –  बाढ़ जैसी स्थिति और मूसलाधार वर्षा

​उत्तर-पूर्वी भारत में पिछले कई दिनों से मानसून पूर्व और अब मानसूनी हवाओं के कारण भारी वर्षा का दौर जारी है।

  • असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश –  इन राज्यों में 6 जून को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ (Flash Floods) जैसी स्थिति बन सकती है।
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा –  यहाँ भी व्यापक रूप से मध्यम से भारी बारिश के साथ तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

​उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत –  आंधी-तूफान के साथ राहत की बौछारें

​मई के महीने में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का सामना करने के बाद उत्तर-पश्चिम भारत के लोगों के लिए जून की शुरुआत थोड़ी राहत भरी रही है। पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों पर बने एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

  • दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा –  6 जून को इन क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। तेज धूलभरी हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा) चलने से अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी जिससे दिल्ली का तापमान 37°C से 39°C के बीच रहने की उम्मीद है।
  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड –  पहाड़ी राज्यों में मध्यम बारिश कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) और ऊंचे शिखरों पर हल्की बर्फबारी की संभावना है। 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ –  मध्य भारत में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के पूर्वी व पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद है जिससे उमस भरी गर्मी से आंशिक राहत मिलेगी।

​पूर्वी भारत –  बिहार में तापमान में आंशिक बढ़ोतरी

  • बिहार, झारखंड और ओडिशा – ओडिशा और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में छिटपुट बारिश और गरज-चमक की स्थिति रहेगी। हालांकि बिहार में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है और अधिकतम तापमान में 2-3°C की बढ़ोतरी होने की संभावना है जिससे वहां हल्की गर्मी का प्रभाव बढ़ेगा।

read also

​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव

​बदलते मौसम, भारी बारिश और आंधी-तूफान को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों, यात्रियों और विशेषकर किसानों के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं

  • आकाशीय बिजली से बचाव – उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में तीव्र गरज-चमक (Thunderstorm) की चेतावनी है। जब बिजली कड़क रही हो तो खुले मैदानों पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। पक्के मकानों में शरण लें।
  • यात्रियों के लिए सलाह – पहाड़ी क्षेत्रों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड) और उत्तर-पूर्वी राज्यों में यात्रा करने वाले लोग भूस्खलन (Landslides) और अचानक आने वाली बाढ़ के प्रति सतर्क रहें। यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम और रास्तों की स्थिति की जांच अवश्य कर लें।
  • जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी – शहरी और निचले इलाकों में भारी बारिश के कारण होने वाले जलभराव (Waterlogging) से बचें। कमजोर और जर्जर ढांचों या निर्माणाधीन इमारतों के पास खड़े न हों।
  • किसानों के लिए कृषि संबंधी सुझाव
    • ​जिन क्षेत्रों में भारी बारिश का 7अलर्ट (केरल, कर्नाटक, उत्तर-पूर्व) है, वहां खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था तुरंत करें।
    • ​उत्तर-पश्चिम भारत के किसान, जहां आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें।
    • ​दक्षिण भारत के किसान मानसून की प्रगति को देखते हुए खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी शुरू कर सकते हैं, लेकिन भारी बारिश के ठीक दौरान कीटनाशकों का छिड़काव या खाद डालने से बचें।

​6 जून 2026 को भारत का मौसम दो मुख्य प्रणालियों (दक्षिण में मानसून और उत्तर में पश्चिमी विक्षोभ) के प्रभाव में रहेगा। अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों के कारण तापमान नियंत्रित रहेगा जिससे भीषण लू से बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय मौसम की पल-पल की जानकारी के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट या ‘मौसम’ ऐप का उपयोग करें।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment