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धर्मशाला में भारत का दबदबा, तीसरे टी20 में दक्षिणअफ्रीका पर 7 विकेट से शानदार जीत

तीसरे टी20
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 16, 2025 4:27 अपराह्न
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) स्टेडियम में खेले गए भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टीम इंडिया ने हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करते हुए मेहमान टीम को 7 विकेट से पराजित कर दिया। इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2–1 की बढ़त बना ली है। ठंडी वादियों में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों की धार और बल्लेबाजों की समझदारी निर्णायक साबित हुई।

तीसरे टी20

शुरुआत से ही भारत का नियंत्रण

मैच की शुरुआत से ही भारत ने मुकाबले पर पकड़ बना ली थी। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को भारतीय गेंदबाजों ने संभलने का मौका नहीं दिया। धर्मशाला की पिच पर नई गेंद से हल्की स्विंग और उछाल देखने को मिला, जिसका भारतीय तेज गेंदबाजों ने पूरा फायदा उठाया। शुरुआती ओवरों में ही दक्षिण अफ्रीका के दोनों सलामी बल्लेबाज पवेलियन लौट गए, जिससे मेहमान टीम दबाव में आ गई।

दक्षिण अफ्रीका की पारी: मार्कराम का संघर्ष

दक्षिण अफ्रीका की पारी का भार कप्तान एडेन मार्कराम के कंधों पर आ गया। उन्होंने एक छोर संभालते हुए धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी की और भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। मार्कराम ने जिम्मेदारी के साथ रन जोड़े और कुछ आकर्षक शॉट लगाते हुए अपनी टीम के लिए  61 रनों की पारी खेली  लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरने का सिलसिला थमता नजर नहीं आया।

भारतीय तेज गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ से बल्लेबाजों को बांधे रखा, वहीं स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रन गति पर पूरी तरह लगाम कस दी। नतीजा यह रहा कि दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने के दबाव में गलतियां करते चले गए। पूरी टीम 20 ओवर भी पूरे नहीं खेल सकी और 117 रन पर सिमट गई।

गेंदबाजों का सामूहिक प्रयास

भारतीय गेंदबाजी इस मुकाबले की सबसे बड़ी ताकत रही। अर्शदीप सिंह ने नई गेंद से शुरुआती झटके देकर दक्षिण अफ्रीका की कमर तोड़ दी। उनकी स्विंग और सटीक यॉर्कर ने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने नहीं दिया। स्पिन विभाग में वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव ने बीच के ओवरों में दबाव बनाए रखा। तीनों गेंदबाजों ने अपनी टीम के लिए 2-2 विकेट लिए।

गेंदबाजों के साथ-साथ भारतीय क्षेत्ररक्षण भी काबिले-तारीफ रहा। चुस्त फील्डिंग और सटीक थ्रो ने विपक्षी बल्लेबाजों पर अतिरिक्त दबाव बनाया, जिससे रन चुराना मुश्किल हो गया।

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लक्ष्य का पीछा: सधी हुई भारतीय बल्लेबाजी

118 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने आत्मविश्वास भरी शुरुआत की। सलामी बल्लेबाजों ने पावरप्ले का पूरा उपयोग किया अभिषेक शर्मा ने एक बार फिर ताबड़तोड़ शुरुआत दी और 18 गेंदों में 35 रन ठोंक डाले ,  शुभमन गिल ने बिना ज्यादा जोखिम लिए रन बटोरे। तेज आउटफील्ड और छोटे शॉट्स के जरिए भारत ने स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ाया।

मध्यक्रम में तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी निभाते हुए पारी को संभाला। उन्होंने हालात के अनुसार बल्लेबाजी की और टीम को किसी भी तरह के दबाव में नहीं आने दिया। अंत में शिवम दुबे ने कुछ आक्रामक शॉट्स लगाकर मैच को जल्दी समाप्त कर दिया। भारत ने 15.5 ओवर में ही तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। अर्शदीप सिंह को उनकी शानदार गेंदबाजी के मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया ।

मैच का निर्णायक मोड़

इस मुकाबले का टर्निंग प्वाइंट दक्षिण अफ्रीका की पारी के शुरुआती ओवर रहे, जहां भारत ने लगातार विकेट लेकर मेहमान टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। कम स्कोर के दबाव में भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामकता और संयम का सही संतुलन बनाए रखा। यही वजह रही कि मुकाबला एकतरफा नजर आया।

पिच और मौसम की भूमिका

धर्मशाला की पिच ने शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद दी। ठंडा मौसम और हल्की हवा ने गेंद को स्विंग कराने में सहायता की। हालांकि, जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, पिच बल्लेबाजी के लिए आसान होती चली गई। दूसरी पारी में ओस का भी हल्का असर दिखा, जिससे लक्ष्य का पीछा करना भारत के लिए और सहज हो गया।

सीरीज के लिहाज से अहमजीत

इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2–1 की बढ़त बना ली है। शुरुआती मैचों में उतार-चढ़ाव के बाद टीम इंडिया ने तीसरे मुकाबले में अपने अनुभव और गहराई का प्रदर्शन किया। यह जीत न केवल सीरीज  के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के लिए यह हार चिंता का विषय है। बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी और भारतीय गेंदबाजों के सामने रणनीति का अभाव साफ नजर आया। सीरीज में बने रहने के लिए उन्हें अगले मैच में हर हाल में वापसी करनी होगी।

कप्तान और कोच की रणनीति सफल

भारतीय टीम प्रबंधन की रणनीति भी इस मुकाबले में सफल रही। गेंदबाजों का सही इस्तेमाल, फील्डिंग में आक्रामकता और बल्लेबाजी क्रम में संतुलन—हर फैसला टीम के पक्ष में गया। युवा खिलाड़ियों के साथ अनुभवी खिलाड़ियों का तालमेल भारत की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा।

धर्मशाला में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारत ने यह साबित कर दिया कि क्यों उसे घरेलू परिस्थितियों में मजबूत टीम माना जाता है। अनुशासित गेंदबाजी, सधी हुई बल्लेबाजी और शानदार क्षेत्ररक्षण के दम पर भारत ने दक्षिण अफ्रीका को पूरी तरह मैच से बाहर कर दिया।

सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है। भारत बढ़त के साथ आत्मविश्वास से भरा है, जबकि दक्षिण अफ्रीका के सामने वापसी की कड़ी चुनौती है। आने वाले मुकाबलों में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिलना तय है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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