31 मार्च 2026 को भारत का मौसम एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है वहीं दक्षिण और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर तेज हो रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आज के दिन देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, बर्फबारी और बढ़ते तापमान का मिश्रण देखने को मिलेगा।
उत्तर भारत – बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
उत्तर भारत में 28 मार्च से सक्रिय हुआ तीव्र पश्चिमी विक्षोभ आज 31 मार्च को अपने चरम पर रहने की संभावना है।
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश – इन राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। कई स्थानों पर बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
- उत्तराखंड – यहां भी चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में हिमपात हो सकता है जबकि मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना जताई गई है।
- पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR – आज दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इससे तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी जिससे लोगों को शुरुआती गर्मी से राहत मिलेगी।
मध्य और पश्चिम भारत – गर्मी और धूल भरी आंधी
मध्य भारत के राज्यों में मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन राजस्थान के कुछ हिस्सों में हवाओं का रुख बदल सकता है।
- राजस्थान – पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर और बीकानेर क्षेत्रों में धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। वहीं पूर्वी राजस्थान में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ – मध्य प्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि शेष राज्य में मौसम साफ और गर्म रहेगा। अधिकतम तापमान 36°C से 38°C के बीच रहने का अनुमान है।
- गुजरात और महाराष्ट्र – गुजरात के कच्छ और उत्तरी भागों में छिटपुट वर्षा हो सकती है लेकिन कोंकण और मुंबई में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा (Hot & Humid) रहेगा। विदर्भ के कुछ इलाकों में तापमान 40°C को पार कर सकता है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत – भारी बारिश और ‘ऑरेंज अलर्ट’
पूर्वोत्तर भारत में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण मौसम काफी सक्रिय है।
- असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश – IMD ने इन राज्यों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। यहाँ 31 मार्च को व्यापक रूप से वर्षा और भारी गर्जना के साथ बिजली गिरने की आशंका है।
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम – उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।
- बिहार और झारखंड – इन राज्यों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा हालांकि छिटपुट बादल छाए रह सकते हैं और शाम के समय तेज हवाएं चलने की संभावना है।
दक्षिण भारत – उमस और हल्की वर्षा
दक्षिण भारतीय राज्यों में फिलहाल मानसून पूर्व की गतिविधियां (Pre-Monsoon activity) सीमित हैं।
- केरल और कर्नाटक – केरल के आंतरिक हिस्सों और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं।
- तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश – चेन्नई सहित तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में उमस बढ़ेगी। तेलंगाना के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक रह सकता है।
तापमान का सारांश (अनुमानित)
| क्षेत्र | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | मुख्य स्थिति |
| नई दिल्ली | 33-34 | 18-19 | आंशिक बादल/हल्की बारिश |
| मुंबई | 35-36 | 24-25 | उमस भरा और साफ |
| कोलकाता | 34-35 | 23-24 | हल्की वर्षा की संभावना |
| बेंगलुरु | 32-33 | 20-21 | सुखद मौसम |
| श्रीनगर | 12-14 | 03-05 | बारिश और बर्फबारी |
विशेष परामर्श (Advisory)
किसानों के लिए सलाह
- कटाई और भंडारण – मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के किसान जो गेहूं या चने की कटाई कर रहे हैं वे फसल को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाएं। ओलावृष्टि और अचानक बारिश से फसल को नुकसान हो सकता है।
- कीटनाशक का प्रयोग – बारिश और तेज हवाओं के पूर्वानुमान को देखते हुए अगले 48 घंटों तक छिड़काव या उर्वरक डालने से बचें।
- पशुधन – गरज के साथ बिजली चमकने के दौरान मवेशियों को खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न बांधें।
स्वास्थ्य संबंधी सलाह
- निर्जलीकरण (Dehydration) से बचाव – मध्य और पश्चिम भारत के निवासी दिन के समय पर्याप्त पानी पिएं। लू से बचने के लिए दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।
- मौसमी बीमारियां – तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार का खतरा बढ़ सकता है। ताज़ा और सुपाच्य भोजन लें।
- त्वचा की सुरक्षा – उच्च यूवी इंडेक्स (11+) को देखते हुए बाहर निकलते समय सनस्क्रीन और छतरी का उपयोग करें।
यात्रियों के लिए सलाह
- पहाड़ी क्षेत्र – उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की यात्रा करने वाले पर्यटक भूस्खलन और फिसलन वाली सड़कों के प्रति सतर्क रहें।
- उड़ान और ट्रेन सेवाएं – पूर्वोत्तर भारत और बंगाल में खराब मौसम के कारण उड़ानों में देरी हो सकती है। यात्रा से पहले शेड्यूल की जांच कर लें।
- सावधानी – वज्रपात (Lightning) के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करें और सुरक्षित पक्के निर्माणों के नीचे शरण लें।
नोट – यह रिपोर्ट 2026 के मौसमी रुझानों और IMD के अनुमानों पर आधारित है। सटीक जानकारी के लिए स्थानीय मौसम केंद्र के अपडेट्स को प्राथमिकता दें।







