2026 का मार्च महीना अपने अंतिम चरणों में है और भारत के अधिकांश हिस्सों में वसंत की विदाई के साथ ग्रीष्म ऋतु की आहट तेज हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम डेटा और सैटेलाइट चित्रों के विश्लेषण के आधार पर आज का दिन देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के लिए विविधतापूर्ण रहने वाला है।
उत्तर भारत – पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में गर्मी
उत्तर भारत में आज मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिलेंगे।
हिमालयी क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड)
एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के उत्तर की ओर बढ़ने के कारण पहाड़ों पर हल्के बादल छाए रहेंगे।
- बर्फबारी/बारिश – लद्दाख और कश्मीर के ऊंचे इलाकों में छिटपुट बर्फबारी की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के मध्यवर्ती क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
- तापमान – ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान अभी भी 0°C से -5°C के बीच बना हुआ है।
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मैदानी इलाके (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान)
मैदानी राज्यों में शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव रहेगा।
- दिल्ली-NCR – आसमान साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 36°C से 38°C तक जा सकता है। सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस होगी।
- राजस्थान – जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा। यहाँ तापमान 40°C के आंकड़े को छू सकता है। धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है।
2. मध्य भारत – लू (Heatwave) की आहट
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के क्षेत्रों में सूर्य की किरणें अब तीखी होने लगी हैं।
- मध्य प्रदेश – ग्वालियर और चंबल संभाग में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।
- छत्तीसगढ़ – बस्तर क्षेत्र में स्थानीय दबाव के कारण शाम को बादल छा सकते हैं लेकिन बारिश की संभावना कम है।
- विदर्भ (महाराष्ट्र) – यह क्षेत्र वर्तमान में देश के सबसे गर्म हिस्सों में से एक है। अकोला और नागपुर में अधिकतम तापमान 41°C के आसपास रहने का अनुमान है। स्थानीय प्रशासन ने दोपहर में घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
3. दक्षिण भारत – प्री-मानसून गतिविधियों का सक्रिय होना
दक्षिण भारत के राज्यों में समुद्र की नमी और स्थानीय गर्मी के मिलने से प्री-मानसून (Pre-Monsoon) हलचलें देखी जा रही हैं।
| राज्य | मौसम का प्रकार | अपेक्षित तापमान |
| केरल | मध्यम वर्षा और गरज के साथ बौछारें | 32°C – 34°C |
| तमिलनाडु | तटीय क्षेत्रों में उमस और हल्की बारिश | 35°C – 37°C |
| कर्नाटक | आंतरिक हिस्सों में गरज के साथ छींटे | 36°C – 38°C |
| आंध्र प्रदेश | गर्म और आर्द्र (Humid) | 38°C – 40°C |
4. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत – नमी और वर्षा का दौर
पूर्वी भारत के राज्यों में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं का असर साफ दिखाई देगा।
- पश्चिम बंगाल और ओडिशा – तटीय क्षेत्रों में सुबह के समय हल्का कुहरा और दिन में उमस भरी गर्मी रहेगी। कोलकाता में अधिकतम तापमान 37°C रहने की संभावना है।
- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल) – यहाँ ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ के कारण मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विशेषकर असम के निचले इलाकों और मेघालय की पहाड़ियों पर बिजली कड़कने के साथ वर्षा हो सकती है।
- बिहार और झारखंड – यहाँ पश्चिमी हवाओं का जोर रहेगा जिससे मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा।
किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह (Farmers’ Advisory)
मार्च का अंत रबी फसलों की कटाई का मुख्य समय होता है। बदलते मौसम को देखते हुए किसान भाई निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें
- फसल की सुरक्षा – जिन क्षेत्रों में बारिश या ओलावृष्टि की संभावना है जैसे पंजाब, राजस्थान, MP , वहां कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें। तिरपाल या सुरक्षित स्थान पर भंडारण सुनिश्चित करें।
- सिंचाई रोकें – तेज़ हवाओं और बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए गेहूं और सरसों की खड़ी फसल में फिलहाल सिंचाई न करें वरना फसल गिरने (Lodging) का खतरा बढ़ जाता है।
- कीटनाशक का प्रयोग – यदि छिड़काव आवश्यक हो तो मौसम साफ होने का इंतज़ार करें। बारिश के दौरान किया गया छिड़काव निष्प्रभावी हो जाता है।
- मंडी की योजना – अपनी उपज को मंडी ले जाते समय उसे पूरी तरह ढक कर रखें ताकि अचानक होने वाली बारिश से दाने खराब न हों।
आम जनता के लिए स्वास्थ्य संबंधी सलाह (Health Tips)
मार्च का अंत रबी फसलों की कटाई का मुख्य समय होता है। बदलते मौसम को देखते हुए किसान भाई निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें
- हाइड्रेशन – तापमान बढ़ने के कारण शरीर में पानी की कमी न होने दें। दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। ओआरएस (ORS) या नींबू पानी का सेवन लाभदायक है।
- खान-पान – इस मौसम में वायरल बुखार और पेट के संक्रमण (Typhoid, Gastroenteritis) का खतरा बढ़ जाता है। बाहर का खुला खाना और बर्फ वाले ठंडे पदार्थों से बचें।
- त्वचा और आंखों की सुरक्षा – तेज़ धूप में निकलते समय चश्मा और छाते का प्रयोग करें। सनबर्न से बचने के लिए सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें।
- एलर्जी से बचाव – धूल भरी हवाओं और नमी के कारण अस्थमा या सांस के मरीजों को परेशानी हो सकती है। बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें।
सावधानी और सुरक्षा (General Precautions)
- बिजली गिरने से बचें – यदि आप खेत में हैं और बिजली कड़कने लगे तो पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें। पक्की छत के नीचे चले जाएं।
- यात्रा सावधानी – पूर्वोत्तर भारत और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslides) की संभावना को देखते हुए यात्रा की योजना मौसम अपडेट देखकर ही बनाएं।
नोट – यह जानकारी वर्तमान उपग्रह डेटा पर आधारित है। स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव संभव है अतः अपने क्षेत्र के स्थानीय समाचारों पर भी नज़र रखें।
29 मार्च 2026 को भारत का मौसम एक संक्रमण काल से गुजर रहा है। जहाँ उत्तर में अभी भी ठंड का हल्का अंश बाकी है वहीं मध्य और पश्चिम भारत पूरी तरह से ग्रीष्म लहर की चपेट में आने को तैयार हैं। दक्षिण और पूर्वोत्तर में बारिश राहत बनकर आएगी लेकिन उमस में भी बढ़ोतरी करेगी।







