भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 27 मार्च 2026 को भारत के मौसम में एक साथ तीन बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। एक ओर जहाँ पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर चलेगा वहीं दूसरी ओर मध्य और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
उत्तर भारत (North India)- पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बौछारें
उत्तर भारत में इस समय सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव सबसे अधिक दिखाई दे रहा है।
- बर्फबारी का क्षेत्र – जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बालिस्तान और मुजफ्फराबाद के ऊंचाई वाले इलाकों में 27 मार्च को हल्की से मध्यम बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के ऊपरी जिलों जैसे लाहौल-स्पीति और किन्नौर में भी सफेद चादर बिछी रह सकती है।
- मैदानी इलाकों में बारिश – उत्तराखंड में गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं राजधानी दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दिल्ली-एनसीआर में सुबह और दोपहर के समय हल्की बूंदाबांदी या ‘ड्रिजल’ होने का अनुमान है, जिससे दिन के तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।
- उत्तर प्रदेश – पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट बारिश और तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चलने का अनुमान है जबकि पश्चिमी यूपी में मौसम शुष्क लेकिन ठंडा रहेगा।
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पूर्व और पूर्वोत्तर भारत – भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत के लिए 27 मार्च का दिन मौसम के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- असम और मेघालय- इन राज्यों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ‘थंडरस्क्वाल’ भीषण आंधी के साथ भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है।
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम – उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अनुमान है। गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
- बिहार: बिहार के उत्तरी हिस्सों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है जो रबी की फसलों के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
मध्य और पश्चिम भारत – बढ़ता तापमान और लू (Heatwave) की आहट
जहाँ उत्तर और पूर्व में बारिश है वहीं मध्य और पश्चिम भारत गर्मी की तपिश झेल रहे हैं।
- तापमान का ग्राफ: गुजरात, राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों और आंतरिक ओडिशा में अधिकतम तापमान 38°C से 40°C के बीच रहने की संभावना है।
- हीटवेव की स्थिति: दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और गुजरात के तटीय इलाकों में ‘हॉट एंड ह्यूमिड’ गर्म और उमस भरी स्थिति बनी रहेगी। हालांकि, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज के साथ हल्की छिटपुट बारिश गर्मी से थोड़ी राहत दे सकती है।
- महाराष्ट्र – विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री ऊपर रहेगा जिससे दोपहर के समय लू जैसे हालात बन सकते हैं।
दक्षिण भारत (South India) – उमस और हल्की बारिश
दक्षिण भारतीय राज्यों में समुद्र से आने वाली नमी के कारण मौसम मिला-जुला रहेगा।
- कर्नाटक और केरल – आंतरिक कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
- तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु – चेन्नई सहित तमिलनाडु के तटीय इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा लेकिन आर्द्रता (Humidity) अधिक होने के कारण बेचैनी महसूस हो सकती है। यहाँ अधिकतम तापमान 32°C से 35°C के आसपास रहेगा।
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मौसम के पीछे के मुख्य कारक (main factors)
IMD के विशेषज्ञों के अनुसार 27 मार्च को मौसम की इस विविधता के पीछे निम्नलिखित प्रमुख प्रणालियाँ काम कर रही हैं
- पश्चिमी विक्षोभ – एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण के रूप में उत्तर भारत को प्रभावित कर रहा है।
- द्रोणी (Trough) – दक्षिण छत्तीसगढ़ से उत्तरी तमिलनाडु तक एक ‘ट्रफ’ रेखा बनी हुई है जो दक्षिण-मध्य भारत में नमी ला रही है।
- एंटी-साइक्लोन – बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना उच्च दबाव क्षेत्र पूर्वोत्तर राज्यों में भारी नमी भेज रहा है जिससे वहाँ बारिश और आंधी का माहौल है।
किसानों और आम जनता (Ifarmers and general public) के लिए सलाह
- किसानों के लिए – बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के किसान ओलावृष्टि को देखते हुए कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
- गर्मी से बचाव – राजस्थान और गुजरात के निवासी दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधी धूप से बचें और खुद को हाइड्रेटेड रखें।
- यात्रियों के लिए – पहाड़ी क्षेत्रों (J&K, हिमाचल) में जाने वाले पर्यटक बर्फबारी के कारण होने वाले भूस्खलन और सड़क बंद होने की खबरों पर नजर रखें।
27 मार्च 2026 को भारत का मौसम “विविधताओं का संगम” रहेगा। एक तरफ हिमालय की चोटियों पर बर्फ गिरेगी तो दूसरी तरफ थार के रेगिस्तान में सूरज की तपिश बढ़ेगी। बंगाल की खाड़ी से उठती नमी पूर्वोत्तर को भिगोएगी तो मध्य भारत उमस और गर्मी के बीच झूलता रहेगा।







