25 मार्च 2026 के लिए भारत के मौसम का विस्तृत और शोध-आधारित विश्लेषण यह विवरण भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिनों और वर्तमान वायुमंडलीय स्थितियों पर आधारित है।
मार्च का महीना भारत में ऋतु परिवर्तन का समय होता है जहाँ उत्तर भारत में सर्दियों की विदाई हो रही होती है और दक्षिण व मध्य भारत में ग्रीष्म लहर (Heatwave) की दस्तक सुनाई देने लगती है। 25 मार्च 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के विविध रंग देखने को मिलेंगे।
उत्तर भारत – पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बादलों की आवाजाही
उत्तर भारत में इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है। इसके प्रभाव से
- पहाड़ी क्षेत्र – जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊँचे इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश की संभावना है।
- मैदानी इलाके – दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 मार्च को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। हालांकि भारी बारिश की संभावना कम है लेकिन शाम के समय ठंडी हवाएं चलने से तापमान में हल्की गिरावट महसूस की जा सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 32-34°C और न्यूनतम 17-19°C के बीच रहने का अनुमान है।
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पूर्व और पूर्वोत्तर भारत – भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत के लिए 25 मार्च का दिन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय – यहाँ ‘Fairly Widespread’ यानी व्यापक रूप से बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम – हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल में मौसम शुष्क लेकिन उमस भरा रहेगा।
मध्य और पश्चिम भारत – बढ़ती तपिश
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और गुजरात में गर्मी का प्रभाव बढ़ने लगा है।
- राजस्थान और गुजरात – यहाँ मरुस्थलीय हवाओं के कारण तापमान 38°C से 40°C तक पहुँच सकता है। कच्छ और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गर्म हवाएं (Loo) चलने की शुरुआती स्थिति बन सकती है।
- महाराष्ट्र – विदर्भ और मराठवाड़ा में तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री ऊपर रहेगा। कोंकण क्षेत्र में मौसम काफी गर्म और आर्द्र (Humid) रहने का अनुमान है।
दक्षिण भारत – गर्मी और छिटपुट वर्षा
- केरल और तमिलनाडु – इन राज्यों के आंतरिक हिस्सों में स्थानीय वायुमंडलीय बदलावों के कारण हल्की बारिश हो सकती है जिससे गर्मी से मामूली राहत मिलेगी।
- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना – यहाँ शुष्क मौसम के साथ तेज धूप रहेगी। रायलसीमा क्षेत्र में तापमान 41°C को पार कर सकता है।
मौसम विभाग (IMD) के मुख्य बिंदु और चेतावनी
| क्षेत्र | मौसम की स्थिति | चेतावनी / अलर्ट |
| उत्तर-पश्चिम | आंशिक बादल, सुहावना | कोई बड़ी चेतावनी नहीं |
| पूर्वोत्तर | भारी बारिश, गरज-चमक | बिजली गिरने और तेज हवा का अलर्ट |
| मध्य भारत | शुष्क और गर्म | लू (Heatwave) की आहट |
| दक्षिण भारत | गर्म और उमस भरा | तटीय क्षेत्रों में उच्च आर्द्रता |
उत्तर-पूर्व और अन्य प्रभावित राज्यों का विवरण
मौसम विभाग ने उत्तर-पूर्व के राज्यों सहित देश के लगभग 12-13 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी भारत में ‘फेयरली वाइडस्प्रेड’ (काफी विस्तृत) वर्षा का अनुमान है।
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प्रभावित मुख्य राज्य और मौसम की स्थिति
- अरुणाचल प्रदेश – हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की संभावना।
- असम – गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं।
- मेघालय – कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और आंधी का अनुमान।
- नागालैंड – गरज के साथ बौछारें और तेज हवाएं।
- मणिपुर – हल्की वर्षा और आकाशीय बिजली का अलर्ट।
- मिजोरम – आंशिक बादल और छिटपुट बारिश।
- त्रिपुरा – गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना।
- सिक्किम – उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बिजली कड़कने और ओलावृष्टि की संभावना।
- ओडिशा और झारखंड – इन राज्यों के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
- उत्तर प्रदेश – पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहेंगे, लेकिन मुख्य रूप से मौसम शुष्क रहेगा।
- बिहार – राज्य के कुछ जिलों में आंधी-तूफान के साथ हल्की बूंदाबांदी संभव है।
- तेलंगाना और कर्नाटक – दक्षिण भारत के इन राज्यों में भी प्री-मानसून गतिविधियों के कारण आंधी और बारिश का अनुमान है।
सावधानी – उत्तर-पूर्वी राज्यों में तेज हवाओं और आंधी के कारण कच्चे मकानों और खड़ी फसलों को हल्का नुकसान पहुँच सकता है। बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
25 मार्च 2026 को भारत का मौसम “मिश्रित” रहेगा। जहाँ एक ओर उत्तर पूर्वोत्तर भारत बारिश से सराबोर होगा वहीं पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी अपने तेवर दिखाएगी। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे पूर्वोत्तर में फसल कटाई रोक दें और उत्तर भारत में सिंचाई का प्रबंधन मौसम देखकर करें।







