24 मार्च 2026 को भारत के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम (Weather) की स्थिति काफी विविधतापूर्ण रही। उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में जहाँ पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव देखा गया वहीं पूर्वोत्तर भारत में वर्षा की गतिविधियाँ सक्रिय रहीं। देश के अन्य हिस्सों में तापमान में क्रमिक वृद्धि के साथ गर्मी का अहसास बढ़ने लगा है।
24 मार्च 2026 के लिए राज्यवार मौसम (State Wise Weather) का विवरण
उत्तर भारत
उत्तर भारत में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहा।
- दिल्ली-NCR – आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहे। अधिकतम तापमान 30°C से 32°C के बीच और न्यूनतम तापमान 14°C से 16°C के आसपास दर्ज किया गया। यहाँ मौसम शुष्क लेकिन सुहावना बना रहा।
- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड – पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण इन पहाड़ी राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा और बर्फबारी की स्थिति बनी रही। निचले मैदानी इलाकों में बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई।
- पंजाब और हरियाणा – इन राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से कहीं-कहीं हल्के बादल देखे गए। तापमान में सामान्य से थोड़ी वृद्धि दर्ज की गई।
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पूर्वोत्तर भारत
पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहा।
- मेघालय , अरुणाचल प्रदेश और असम, – इन राज्यों के लिए मौसम विभाग ने वर्षा का अलर्ट जारी किया था। 24 मार्च को यहाँ गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना बनी रही। विशेष रूप से कुछ अलग-थलग स्थानों पर भारी वर्षा भी दर्ज की गई। 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी प्रभावी रही।
- मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा और मिजोरम- इन क्षेत्रों में भी गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं के साथ वर्षा की गतिविधियाँ जारी रहीं।
पूर्वी भारत
- सिक्किम और पश्चिम बंगाल – उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं (थंडरस्क्वल) और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना रही। गंगा के मैदानी इलाकों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिला।
- ओडिशा, बिहार और झारखंड – इन राज्यों में गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधियाँ दर्ज की गईं। 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का दौर बना रहा। आने वाले दिनों में यहाँ तापमान में क्रमिक वृद्धि का पूर्वानुमान है।
मध्य और पश्चिम भारत
इस क्षेत्र में धीरे-धीरे गर्मी का असर तेज होता दिख रहा है।
- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान – इन राज्यों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा। हालांकि तापमान में 4-7°C तक की वृद्धि होने का पूर्वानुमान है जिससे गर्मी का अहसास बढ़ने लगा है।
- गुजरात और महाराष्ट्र – इन राज्यों में अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। कोंकण और गुजरात के तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरी स्थिति का अनुभव किया गया।
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दक्षिण भारत
दक्षिण के प्रायद्वीपीय भारत में मौसम शुष्क और गर्म रहा।
- कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश- तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा और तेज हवाएं चलने की संभावना रही। तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई।
- तमिलनाडु और केरल – केरल और माहे के कुछ इलाकों में गर्म और उमस भरी स्थितियों की चेतावनी जारी की गई थी जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कुल मिलाकर 24 मार्च 2026 को भारत का मौसम (Weather) एक संक्रमणकालीन दौर (transitional period) में था। एक ओर जहाँ उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी प्रणालियों के कारण वर्षा और बर्फबारी का दौर था वहीं देश के मध्य, पश्चिम और दक्षिण (west and south) हिस्सों में गर्मी की तीव्रता में क्रमिक वृद्धि (gradual increase) दर्ज की गई। किसानों और आम नागरिकों को गरज-चमक (thunder and lightning) और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी।
यह जानकारी मौसम विभाग (IMD) और प्रमुख मौसम पूर्वानुमान एजेंसियों (weather forecasting agencies) के नवीनतम डेटा पर आधारित है।







