भारतीय फुटबॉल के लिए साल 2026 नई उम्मीदों और बड़ी चुनौतियों का संदेश लेकर आया है। भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम के मुख्य कोच खालिद जमील ने आगामी ‘यूनिटी कप 2026’ के लिए अपनी 28 सदस्यीय प्रारंभिक टीम का ऐलान कर दिया है। इस घोषणा में जिस एक फैसले ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह है स्टार मिडफील्डर अनिरुद्ध थापा की राष्ट्रीय टीम में वापसी। पिछले काफी समय से टीम से बाहर चल रहे थापा को एक बार फिर नीली जर्सी में देखना प्रशंसकों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि थापा की मौजूदगी भारतीय मिडफील्ड को न केवल तकनीकी मजबूती देगी, बल्कि कठिन मैचों के दौरान टीम को जरूरी अनुभव भी प्रदान करेगी।
यूनिटी कप का आयोजन 27 से 31 मई तक इंग्लैंड की राजधानी लंदन में किया जा रहा है। इस चतुष्कोणीय टूर्नामेंट में भारत का मुकाबला नाइजीरिया, जमैका और जिम्बाब्वे जैसी शारीरिक रूप से मजबूत और तेज फुटबॉल खेलने वाली टीमों से होगा। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत जमैका के खिलाफ करेगी। भारतीय फुटबॉल के इतिहास में यह पल इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि भारतीय सीनियर टीम लगभग 24 साल के लंबे अंतराल के बाद इंग्लैंड की धरती पर कोई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता खेलने जा रही है। यह दौरा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का एक बड़ा मंच साबित होने वाला है,प्रतियोगिता में शामिल होने वाली टीमें—नाइजीरिया और जमैका—अपनी रफ्तार और आक्रामक खेल शैली के लिए विश्व फुटबॉल में एक खास पहचान रखती हैं।
फीफा रैंकिंग के लिहाज से भारतीय टीम भले ही इन देशों से नीचे हो, लेकिन कोच खालिद जमील इसे अपनी टीम की क्षमता आंकने का एक बेहतरीन अवसर मान रहे हैं। जमील ने टीम चयन के बाद अपने बयान में स्पष्ट किया कि यदि भारतीय फुटबॉल को अगले स्तर पर ले जाना है, तो हमें लगातार मजबूत देशों के खिलाफ खेलना होगा। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें आधुनिक फुटबॉल की तेज गति को समझने में मदद मिलती है।कोच ने आगे कहा कि आने वाले समय में भारत को एशियाई कप और विश्व कप क्वालीफायर जैसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट खेलने हैं। उन बड़े मंचों पर जाने से पहले लंदन का यह दौरा टीम की कमियों को सुधारने और खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती परखने के लिए सबसे सटीक जगह है। खालिद जमील की देखरेख में टीम अब रक्षात्मक खेल के साथ-साथ तेज काउंटर अटैक पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
अनुभव और युवा जोश का अनूठा संगम
टीम की रक्षा पंक्ति और गोल पोस्ट की जिम्मेदारी भरोसेमंद हाथों में है। गोलकीपर के तौर पर गुरप्रीत सिंह संधू और विशाल कैथ को शामिल किया गया है, जिनके पास बड़े मैचों का अच्छा अनुभव है। वहीं डिफेंस में संदेश झिंगन, राहुल भेके और अनवर अली जैसे खिलाड़ियों पर विपक्षी फॉरवर्ड्स को रोकने का भारी दारोमदार होगा।मिडफील्ड में थापा की वापसी ने कोच की रणनीतियों को नई दिशा दी है। उनके साथ सहल अब्दुल समद और लालेंगमाविया राल्टे की मौजूदगी भारतीय आक्रमण को धार देगी। फॉरवर्ड लाइन में लालियांजुआला छांगते, मनवीर सिंह और लिस्टन कोलासो जैसे तेजतर्रार खिलाड़ियों को रखा गया है, जो काउंटर अटैक पर विपक्षी टीम के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
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भविष्य की तैयारी : युवाओं के लिए बड़ा अवसर
खालिद जमील ने अपनी प्रारंभिक टीम में रिकी शाबोंग, नौफल पीएन, सुहैल अहमद भट और ऋतिक तिवारी जैसे कई युवा चेहरों को जगह देकर यह साफ कर दिया है कि उनकी नजरें सिर्फ इस टूर्नामेंट पर ही नहीं, बल्कि आने वाले एशियाई और विश्व कप क्वालीफायर मुकाबलों पर भी हैं। इन युवाओं के लिए लंदन का यह दौरा किसी सुनहरे मौके से कम नहीं होगा, जहां वे विदेशी परिस्थितियों में खुद को साबित कर सकते हैं।भारतीय टीम लंदन रवाना होने से पहले बेंगलुरु में एक विशेष प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेगी। इस शिविर में खिलाड़ियों की फिटनेस और खेल की बारीक रणनीतियों पर काम किया जाएगा। कोचिंग स्टाफ का मानना है कि इंग्लैंड के ठंडे मौसम और वहां की तेज पिचों के हिसाब से खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से ढालना जरूरी है।
भारतीय टीम की 28 सदस्यीय प्रारंभिक सूची:
- गोलकीपर: गुरप्रीत सिंह संधू, विशाल कैथ, ऋतिक तिवारी, अल्बिनो गोम्स।
- डिफेंडर: राहुल भेके, निखिल पुजारी, रोशन सिंह, अभिषेक सिंह टेकचाम, अनवर अली, संदेश झिंगन, आकाश मिश्रा, बिजॉय वर्गीस, प्रमवीर।
- मिडफील्डर: आशिक कुरुनियन, लालेंगमाविया राल्टे, सहल अब्दुल समद, अनिरुद्ध थापा, जेकसन सिंह, नौफल पीएन, रिकी शाबोंग।
- फॉरवर्ड: रायन विलियम्स, मनवीर सिंह, लिस्टन कोलासो, सुहैल अहमद भट, एडमंड लालरिंदिका, लालियांजुआला छांगते, रहीम अली और फारुख चौधरी।
भारतीय फुटबॉल के लिए अहम मौका
भारतीय फुटबॉल पिछले कुछ वर्षों में लगातार सुधार की कोशिश कर रहा है। हालांकि टीम अभी भी विश्व फुटबॉल की बड़ी ताकतों से काफी पीछे है, लेकिन ऐसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खिलाड़ियों को सीखने और खुद को बेहतर बनाने का मौका देते हैं।यूनिटी कप भारतीय टीम के लिए सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि अपनी क्षमता परखने का मंच भी होगा। अगर टीम यहां अच्छा प्रदर्शन करती है तो इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए सकारात्मक माहौल बनेगा।







