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7 जून 2026 को IMD द्वारा संपूर्ण भारत का मौसम पूर्वानुमान

भारत का मौसम
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 7, 2026 5:23 पूर्वाह्न
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​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार 7 जून 2026 को संपूर्ण भारत के मौसम में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) तेजी से आगे बढ़ते हुए प्रायद्वीपीय भारत को अपनी जद में ले रहा हैl  जबकि उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तापमान में एक बार फिर आंशिक बढ़त दर्ज की जा रही है।

​यदि हम देश के भौगोलिक क्षेत्रों के आधार पर विश्लेषण करें तो आगामी 24 घंटों में भारत के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज कुछ इस प्रकार रहने की संभावना है

​दक्षिण भारत –  मानसून की तीव्र सक्रियता और भारी वर्षा

​केरल में मानसून के आगमन के बाद यह प्रणाली अब कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और गोवा की तरफ मजबूती से बढ़ रही है।

  • केरल और तटीय कर्नाटक –  आईएमडी ने इन क्षेत्रों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। 7 जून को केरल और कर्नाटक के तटीय जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा (7 से 20 सेमी तक) होने की प्रबल आशंका है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
  • तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश –  तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के रायलासीमा क्षेत्र में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है।

​उत्तर-पश्चिम भारत –  धूलभरी आंधियां और बढ़ता तापमान

​पिछले दिनों पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में जो राहत मिली थी वह अब धीरे-धीरे कम हो रही है।

  • मैदानी इलाके (दिल्ली, पंजाब, हरियाणा) –  इन क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। हालांकि तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी शुरू हो गई है जिससे दिन का तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने की उम्मीद है।
  • राजस्थान –  पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधियां (Dust Storms) चलने की संभावना बनी हुई है।

​पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत –  मूसलाधार बारिश का दौर

​उत्तर-पूर्वी राज्य इस समय मानसून और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते भारी वर्षा का सामना कर रहे हैं।

  • असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश-  इन राज्यों में 7 जून को व्यापक स्तर पर मूसलाधार बारिश का अनुमान है। गुवाहाटी और आसपास के इलाकों में स्थानीय प्रशासन को जलजमाव (Waterlogging) और भूस्खलन (Landslides) के प्रति अलर्ट पर रखा गया है।
  • पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा –  गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश होगी। वहीं ओडिशा के आंतरिक इलाकों और बिहार के कुछ हिस्सों में मौसम गर्म और उमस भरा (Hot and Humid) बना रहेगा। बिहार के कुछ सीमित पॉकेट्स में हीटवेव जैसी स्थिति का भी सामना करना पड़ सकता है।

​मध्य भारत और पश्चिमी तट – उमस और छिटपुट बौछारें

  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ –  इन राज्यों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और तेज हवाओं के साथ हल्की बौछारें गिरने से मौसम मिलाजुला रहेगा।
  • कोंकण और गोवा –  मुंबई सहित कोंकण के तटीय इलाकों में मानसून पूर्व और मानसूनी हवाओं के प्रभाव से मध्यम से भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

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​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव व गाइडलाइन

​बदलते मौसम और मानसून के शुरुआती चरण को देखते हुए मौसम विभाग ने आम नागरिकों, किसानों और स्थानीय प्रशासन के लिए निम्नलिखित सुरक्षात्मक और व्यावहारिक सुझाव जारी किए हैं

  • तटीय क्षेत्रों के लिए समुद्री चेतावनी –  तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक के तटों, मन्नार की खाड़ी और अंडमान सागर में हवाओं की गति 40-50 किमी प्रति घंटा (जो बढ़कर 60 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है) रहने की संभावना है। नाविक और मछुआरे अगले 48 घंटों तक गहरे समुद्र में जाने से पूरी तरह परहेज करें।
  • शहरी क्षेत्रों में जलजमाव से बचाव –  उत्तर-पूर्व (विशेषकर असम और मेघालय) और दक्षिण भारत के शहरों में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर सकता है। नागरिक जलजमाव वाले रास्तों पर यात्रा करने से बचें और स्थानीय आपदा प्रबंधन (ASDMA आदि) के निर्देशों का पालन करें।
  • गर्मी और उमस से सुरक्षा –  उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों और बिहार के नागरिकों को सलाह दी जाती है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। उमस भरे मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • आकाशीय बिजली और आंधी से सावधानी – उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में जहां भी धूलभरी आंधी या गरज-चमक की स्थिति बने वहां मजबूत इमारतों के भीतर शरण लें। पेड़ों, बिजली के खंभों या अस्थायी शेड के नीचे खड़े होने से बचें।

नोट –  7 जून 2026 को भारत का मौसम दो छोरों पर बंटा है जहां दक्षिण और उत्तर-पूर्व मूसलाधार मानसूनी बारिश से सराबोर हैं वहीं उत्तर और पूर्वी मैदानी भागों में शुष्क मौसम के साथ तापमान में दोबारा बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। किसी भी यात्रा या कृषि कार्य से पहले अपने क्षेत्र के तात्कालिक स्थानीय आईएमडी (IMD) पूर्वानुमान को अवश्य चेक करें।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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