भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार 26 मई 2026, दिन मंगलवार को देश के मौसम में दो बड़े और विपरीत बदलाव देखने को मिलेंगे। एक तरफ जहां उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की चपेट में रहेगा, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) के समय से पहले केरल के तट पर दस्तक देने की प्रबल संभावना बनी हुई है। इसके प्रभाव से दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत – भीषण गर्मी का प्रकोप
देश के मैदानी इलाकों में सूरज के तीखे तेवरों से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम के साथ भीषण लू चलने का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर
- पूर्वानुमान – भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और दोपहर के समय 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं (लू) चलेंगी।
- तापमान – अधिकतम तापमान से 46°C के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 29°C के आसपास बना रहेगा।
राजस्थान (जयपुर, जोधपुर, बीकानेर)
- पूर्वानुमान – पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में ‘सीवियर हीटवेव’ (भीषण लू) की स्थिति बनी रहेगी। जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिलों में पारा रिकॉर्ड स्तर को छू सकता है। दोपहर में तेज धूल भरी हवाएं चलने की भी आशंका है।
- तापमान – अधिकतम तापमान 45°C से 47°C तक जा सकता है।
उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा
- पूर्वानुमान – पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में लू का प्रकोप जारी रहेगा। हालांकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शाम के समय हल्की धूल भरी आंधी चलने की मामूली संभावना है, जिससे तापमान में विशेष गिरावट तो नहीं होगी लेकिन उमस बढ़ सकती है।
दक्षिण भारत – मानसून की दस्तक और भारी वर्षा
दक्षिण भारत के लिए 26 मई 2026 का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। सामान्यतः 1 जून को आने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार अपने निर्धारित समय से पहले 26 मई को ही केरल के तट पर पैर पसार सकता है।
केरल और लक्षद्वीप
- पूर्वानुमान – मानसून के अग्रिम आगमन के कारण केरल के अधिकांश जिलों और माहे में व्यापक रूप से भारी से बहुत भारी वर्षा (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने की चेतावनी जारी की गई है। तटीय इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- शहर (तिरुवनंतपुरम, कोच्चि) – इन शहरों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
तमिलनाडु और कर्नाटक
- पूर्वानुमान – तमिलनाडु के घाट वाले इलाकों और पुडुचेरी में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में मौसम विभाग ने गरज के साथ आंधी और बिजली कड़कने की चेतावनी दी है, जहां हवा की गति 50-70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। बेंगलुरु में मौसम सुहावना रहेगा और हल्की बौछारें गिर सकती हैं।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत – मूसलाधार बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते पूर्वोत्तर भारत में प्री-मानसून और मौसमी गतिविधियों के कारण भारी तबाही और जलभराव जैसी स्थिति की आशंका है।
असम और मेघालय
- पूर्वानुमान – आईएमडी (IMD) ने इन दोनों राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा
- पूर्वानुमान – अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने का अनुमान है। नागालैंड और मणिपुर में भी मध्यम से भारी बारिश के साथ थंडरस्टॉर्म (गरज-चमक के साथ बौछारें) की स्थिति बनी रहेगी।
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल
- पूर्वानुमान – उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में छिटपुट भारी बारिश होगी। बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहने के साथ तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलेंगी, जिससे चिलचिलाती गर्मी से हल्की राहत मिल सकती है, हालांकि उमस बढ़ेगी। पटना और रांची में शाम को बूंदाबांदी संभव है।
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मुख्य शहरों का संभावित तापमान एक नजर में
| शहर | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान | मुख्य मौसमी गतिविधि |
| नई दिल्ली | 45°C | 29°C | तेज लू और साफ आसमान |
| जयपुर | 46°C | 31°C | भीषण लू और शुष्क मौसम |
| लखनऊ | 43°C | 28°C | गर्म और उमस भरा मौसम |
| मुंबई | 34°C | 28°C | बादल छाए रहेंगे, अत्यधिक उमस |
| बेंगलुरु | 31°C | 22°C | गरज के साथ हल्की बारिश |
| कोलकाता | 36°C | 27°C | आंशिक बादल, उमस भरी गर्मी |
| गुवाहाटी | 29°C | 23°C | मूसलाधार बारिश और आंधी |
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव
मौसम की इन दोहरी चुनौतियों (भीषण गर्मी और भारी बारिश) को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए निम्नलिखित सुरक्षात्मक दिशा-निर्देश जारी किए हैं
लू और अत्यधिक गर्मी से बचाव के लिए (उत्तर व मध्य भारत के लिए)
- हाइड्रेशन बनाए रखें – प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ या लस्सी का सेवन करते रहें।
- धूप से बचें – दोपहर 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो सिर को सूती कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें।
- पहनावा – हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे।
- विशेष देखभाल – बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार व्यक्तियों को ठंडे स्थानों पर रखें। पालतू जानवरों के लिए भी छाया और पर्याप्त पानी की व्यवस्था करें।
भारी बारिश और आंधी-तूफान से बचाव के लिए (दक्षिण व पूर्वोत्तर भारत के लिए)
- आकाशीय बिजली से सुरक्षा – कड़कड़ाहट की आवाज सुनाई देने पर तुरंत सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें। पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें।
- जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी – जलभराव वाले रास्तों या कमजोर पुलों को पार करने की कोशिश न करें। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) की संभावना को देखते हुए अनावश्यक यात्रा टालें।
- मछुआरों के लिए चेतावनी – केरल, लक्षद्वीप और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के तटों पर समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तेज हवाएं चलने के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
नोट – देश इस समय भीषण लू और मानसूनी बारिश के दोहरे मोड़ पर है। उत्तर-पश्चिम भारत के लोग दोपहर के समय घर में रहकर गर्मी से बचें, जबकि दक्षिण और पूर्वोत्तर के नागरिक भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनियों के प्रति सतर्क रहें। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट्स का पालन करना ही सुरक्षा की सर्वोत्तम कुंजी है।







