CUET UG 2026 से लेकर स्कूल छुट्टियों तक की जानकारी –देश में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी नौकरियों से जुड़ी गतिविधियां लगातार तेज़ हो रही हैं। वर्ष 2026 के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) के रजिस्ट्रेशन शुरू होने से लेकर नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभाव, सरकारी भर्तियों, छात्रवृत्ति योजनाओं और विभिन्न राज्यों में स्कूल छुट्टियों तक कई महत्वपूर्ण घोषणाएं सामने आई हैं। ये सभी अपडेट्स छात्रों, अभिभावकों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद अहम हैं।
CUET UG 2026 की शुरु हुई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह परीक्षा देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों, डीम्ड और निजी विश्वविद्यालयों में स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।
CUET UG का उद्देश्य अलग-अलग विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं के बोझ को कम करना और छात्रों को एक समान अवसर प्रदान करना है। परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित की जाती है, जिसमें भाषा विषय, डोमेन विषय और सामान्य परीक्षा (General Test) शामिल होते हैं।
छात्र अपनी कक्षा 12वीं के विषयों के आधार पर डोमेन विषय चुन सकते हैं। CUET के जरिए विज्ञान, कला, वाणिज्य सहित विभिन्न स्ट्रीम के छात्र देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश पा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान छात्रों को व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक जानकारी और परीक्षा शहर का चयन करना होता है।
सरकारी नौकरियां- भर्तियों और परीक्षाओं से जुड़ी अहम जानकारी
- UNDP भर्ती-संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा विभिन्न पदों पर भर्तियों की घोषणा की गई है। ये भर्तियां अनुबंध आधारित होती हैं और इनमें शिक्षा, पर्यावरण, सामाजिक विकास, आईटी और प्रशासन जैसे क्षेत्रों के पद शामिल होते हैं। चयन प्रक्रिया में शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और साक्षात्कार को महत्व दिया जाता है।अंतरराष्ट्रीय संस्थान में काम करने के इच्छुक युवाओं के लिए यह एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।
- बिहार STET का आ गया रिजल्ट-बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) द्वारा आयोजित बिहार STET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) का परिणाम जारी कर दिया गया है। यह परीक्षा राज्य में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए आवश्यक होती है। परिणाम जारी होने के बाद सफल अभ्यर्थी आगे की नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
- OICL नें जारी कर दिये एडमिट कार्ड-ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (OICL) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र, तिथि और समय की जानकारी पहले से जांच लें और समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंचें।
SSC परीक्षाएं के यह है अपडेट्स
- MTS और हवलदार-कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) और हवलदार पदों की परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा कर दी है। ये परीक्षाएं केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में ग्रुप ‘C’ पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की जाती हैं। परीक्षा में सामान्य ज्ञान, गणित, तर्कशक्ति और अंग्रेजी/हिंदी से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
नई शिक्षा नीति (NEP 2020), उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य शिक्षा को अधिक लचीला, बहुविषयक और रोजगारोन्मुखी बनाना है।
एक नियामक प्रणाली NEP 2020 के अनुसार मेडिकल और लॉ को छोड़कर सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक ही नियामक ढांचा लागू करने का प्रावधान है। इससे अलग-अलग नियामक संस्थाओं के कारण होने वाली जटिलताओं को कम किया जाएगा और शिक्षा की गुणवत्ता पर बेहतर निगरानी संभव होगी।
- एमफिल कोर्स हुआ समाप्त-नई शिक्षा नीति के तहत एमफिल (M.Phil) पाठ्यक्रम को समाप्त कर दिया गया है। अब स्नातकोत्तर (PG) के बाद छात्र सीधे पीएचडी में प्रवेश ले सकते हैं। इसका उद्देश्य शोध को सरल और समयबद्ध बनाना है।
- बोर्ड परीक्षा पैटर्न में हुआ बदलाव-NEP 2020 के तहत बोर्ड परीक्षाओं को अधिक योग्यता आधारित बनाने पर जोर दिया गया है। रटने की बजाय अवधारणाओं की समझ पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। कुछ कक्षाओं में साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है, ताकि छात्रों पर दबाव कम हो।
उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग RTE के तहत बढेयेगा सीटें, होगी स्कूल की मैपिंग
उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत कक्षा 1 या प्री-प्राइमरी में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहती हैं। इस कदम का उद्देश्य वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
- स्कूलों की मैपिंग-राज्य में स्कूल मैपिंग की प्रक्रिया भी जारी की गई है। इसके तहत यह आकलन किया जा रहा है कि किन क्षेत्रों में स्कूलों की संख्या अधिक है और कहां शिक्षा संस्थानों की कमी है। इससे भविष्य में नए स्कूल खोलने और संसाधनों के बेहतर वितरण में मदद मिलेगी।
- छात्रवृत्ति और सहायता योजनाएं-पीजी छात्रों के लिए ₹2000 मासिक सहायता उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पीजी (स्नातकोत्तर) छात्रों के लिए ₹2000 प्रति माह की सहायता राशि की घोषणा की गई है। यह सहायता आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में मदद करेगी। इस योजना से छात्रों पर आर्थिक दबाव कम होने की उम्मीद है और ड्रॉपआउट दर में भी कमी आ सकती है।
विभिन्न राज्यों में छुट्टियों की घोषणा, स्कूल रहेगें बंद
देश के कई राज्यों में मौसम, त्योहारों और प्रशासनिक कारणों से स्कूलों की छुट्टियों की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश में अत्यधिक ठंड, हीटवेव या अन्य कारणों से जिलों के स्तर पर स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए जाते हैं। प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के स्कूलों में छुट्टियों की जानकारी जिला प्रशासन द्वारा दी जाती है।
वहीं दिल्ली में वायु प्रदूषण, मौसम की स्थिति और सरकारी आदेशों के कारण समय-समय पर स्कूल बंद किए जाते हैं। ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प भी अपनाया जाता है। इसके साथ ही पंजाब में सर्दी और कोहरे के कारण स्कूलों की छुट्टियां घोषित की जाती हैं। कई बार स्कूलों के समय में बदलाव भी किया जाता है। वहीं मध्य प्रदेश में जिला कलेक्टरों द्वारा मौसम की स्थिति को देखते हुए स्कूल बंद रखने के आदेश दिए जा सकते हैं। यह आदेश सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर लागू हो सकते हैं । हरियाणा में भी ठंड, या अन्य आपात स्थितियों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित की जा सकती हैं। राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा को सदैव प्राथमिकता देती है।







