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आंध्र प्रदेश में जनसंख्या बढ़ाने की पहल-तीसरे बच्चे पर ₹30,000 चौथे पर ₹40,000 सहायता 

आंध्र प्रदेश में जनसंख्या बढ़ाने की पहल:-तीसरे बच्चे पर ₹30,000 चौथे पर ₹40,000 सहायता 
नवजोत कौर सिद्धू
On: मई 17, 2026 1:23 अपराह्न
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आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की सरकार एक अनोखी योजना लाने जा रही है। राज्य में घटते जन्मदर को ध्यान ने रखते हुए चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने अनोखी स्कीम जनता के लिए लाई है। इस योजना के अनुसार अगर कोई माता पिता तीसरे बच्चे को जन्म देते है तो उन्हें ₹30,000 और चौथे बच्चे को जन्म देते है तो ₹40,000 मिलेंगे। यह योजना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आंध्र प्रदेश में जन्मदर बहुत ही कम हो गया है। 

लगातार घटते जन्मदर को देखते हुए चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने जनता को लाभान्वित करने के लिए यह अनोखी स्कीम लॉन्च की है। आंध्र प्रदेश सरकार ने रुपये देने की स्कीम को नकद प्रोत्साहन राशि नाम दिया है। 

एक रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश में कई दंपत्ति ऐसे हैं जो बच्चे पैदा करने के इच्छुक नहीं हैं। कई दंपत्ति ऐसे भी है जो केवल एक बच्चा पैदा कर के संतुष्ट होना चाहते है। 

जन्मदर कम होने का कारण

आंध्र प्रदेश सरकार ने भले ही नकद प्रोत्साहन राशि की घोषणा कर दी हो लेकिन शायद ही इस घोषणा के लालच में पढ़े लिखे दंपति आए। आंध्र प्रदेश में साक्षरता दर काफी ज्यादा है। इसका मतलब है कि पढ़ें-लिखे दंपतियों की संख्या काफी ज्यादा मात्रा में आंध्र प्रदेश में निवास करती है। पढ़ें-लिखें दंपतियों में बच्चे पैदा करने की इच्छा बहुत कम होती है। अगर कोई दंपत्ति बच्चे पैदा भी करता है तो वह 1 ही बच्चे से संतुष्ट हो जाता है। पढ़ें-लिखें दंपतियों को लगता है कि आज की इतनी महंगाई में सही तरीके से बच्चों का पालन-पोषण कैसे होगा। उनको अच्छी शिक्षा कैसे उपलब्ध हो पाएगी। 

भविष्य में उनके लिए ज्यादा पूंजी इक्कठा करनी पड़ेगी जिससे समय आने पर वो उस पूंजी का सही इस्तेमाल कर सके। जन्मदर कम होने का सबसे बड़ा कारण परिवार का आर्थिक नियोजन है। कई परिवार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होते कि वह बच्चे पैदा कर सके और उन्हें पाल पोश कर बड़ा कर सके। 

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दूसरे बच्चे के लिए भी किया था ऐलान

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जहां तीसरे और चौथे बच्चे के लिए नकद प्रोत्साहन राशि की घोषणा की थी तो वही इसके पहले दूसरे बच्चे के लिए भी ₹25000 देने की घोषणा की थी। तब विपक्षी दलों ने इस योजना पर चंद्रबाबू नायडू को जमकर घेरा था। विपक्ष ने सरकारी धन की बर्बादी करार दिया था। अभी दूसरे बच्चे के होने पर दंपत्ति को ₹25000 देना है या नहीं देना है इस बात पर निर्णय नहीं हुआ है लेकिन तीसरे और चौथे बच्चे को नकद प्रोत्साहन राशि देने की बात तो पक्की है। आंध्र प्रदेश के नरसन्नापेटा में आयोजित स्वर्ण आंध्र स्वच्छ आंध्र के कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने नकद प्रोत्साहन राशि की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे हमारी राष्ट्र संपत्ति है इसलिए हमें उनका ध्यान रखना चाहिए न कि इन्हें हमे बोझ समझना चाहिए। 

राज्य की प्रजनन दर केवल 1.5 

किसी भी राज्य को अपने जनसंख्या दर को स्थिर रखने के लिए आवश्यक आदर्श प्रतिस्थापन स्तर 2.1 का होना अति आवश्यक है। अगर इससे कम किसी भी राज्य का जनसंख्या दर पहुंचता है तब उस राज्य का जन्मदर सही नहीं है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू जन्मदर के गिरावट में लगातार अपने तरीके से प्रयास कर रहे है। नकद प्रोत्साहन राशि की घोषणा करना भी इसी प्रयास का हिस्सा है। बच्चों को पैदा करना आसान होता है लेकिन आज के इस महंगाई के दौर में उनको हर चीज उपलब्ध करना बहुत कठिन। शायद यही वजह है कि आंध्र प्रदेश में दंपत्ति बच्चे को जन्म नहीं दे रहे हैं। जहां पहले लोग हम दो हमारे दो की नीति पर काम करते थे तो आज लोग हम दो हमारा एक कि नीति को ही मान रहे। 

महिलाओं के पास समय कम 

जब भी कोई मां किसी बच्चे को जन्म देती है, तो उसे शुरू से ही अपने बच्चे को पूरा समय देना पड़ता है। आज के परिवेश में अधिकांश महिलाएं पढ़ी लिखी होती है और नौकरी करना चाहती है। नौकरी और घर के कामों के साथ-साथ वह बच्चे को संभालने में असहज महसूस करती है। वो या तो बच्चा पैदा ही नहीं करना चाहती या तो अगर बच्चे पैदा भी करना चाहती है तो केवल एक बच्चे के साथ वह संतुष्ट रहती है। केवल चंद्रबाबू नायडू के नकद प्रोत्साहन राशि की घोषणा मात्र से आंध्र प्रदेश में प्रजनन दर नहीं बढ़ने वाला है। अगर आंध्र प्रदेश में प्रजनन दर को विकसित करना है तो निचले स्तर के अधिकारियों को जमीनी स्तर पर काम करना होगा तभी ही आंध्र प्रदेश में जन्मदर बढ़ पाएगा। 

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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