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Invention of and Snakes- क्या आप जानते है भारत में हुआ है शतरंज और सांप-सीढ़ी का आविष्कार 

Invention of Chess and Snakes- क्या आप जानते है भारत में हुआ है शतरंज और सांप-सीढ़ी का आविष्कार 
नवजोत कौर सिद्धू
On: फ़रवरी 25, 2026 9:40 अपराह्न
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भारत की धरती न केवल आध्यात्म और दर्शन की जननी रही है, बल्कि यह उन खेलों की भी जन्मस्थली है जिन्होंने पूरी दुनिया के मनोरंजन और बौद्धिक विकास को एक नई दिशा दी। शतरंज (Chess) और सांप-सीढ़ी (Snakes and Ladders) दो ऐसे खेल हैं जो आज दुनिया के हर कोने में खेले जाते हैं, लेकिन इनका मूल भारत के प्राचीन इतिहास और संस्कृति में गहराई से रचा-बसा है।

शतरंज –  बुद्धि और रणनीति का महासंग्राम

शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि मस्तिष्क का व्यायाम है। इसे ‘राजाओं का खेल’ कहा जाता है।

प्राचीन इतिहास  –  चतुरंग से शतरंज तक

शतरंज का प्राचीन भारतीय नाम ‘चतुरंग’ था। इसकी उत्पत्ति छठी शताब्दी (गुप्त काल) के आसपास मानी जाती है। ‘चतुरंग’ का अर्थ है “सेना के चार अंग”:

  • पदाति (पैदल सैनिक)
  • अश्व (घोड़े)
  • गज (हाथी)
  • रथ

यही चार अंग आधुनिक शतरंज में क्रमशः प्यादा, घोड़ा, ऊंट और हाथी बन गए। सातवीं शताब्दी में यह खेल फारस (Persia) पहुँचा, जहाँ इसे ‘शतरंज’ कहा जाने लगा और फिर अरब देशों के माध्यम से यह यूरोप पहुँचा।

शतरंज की बिसात और मोहरे

शतरंज 64 खानों (8×8) वाले एक बोर्ड पर खेला जाता है, जिसमें सफेद और काले रंग के वैकल्पिक खाने होते हैं।

मोहरासंख्या चाल की विशेषता 
राजा (King)1किसी भी दिशा में केवल एक कदम। 
वजीर/रानी (Queen) 1किसी भी दिशा (सीधे या तिरछे) में कितने भी कदम। 
हाथी (Rook) 2केवल सीधी रेखा में (क्षैतिज या लंबवत)। 
ऊंट (Bishop) 2केवल तिरछी (Diagonal) दिशा में। 
घोड़ा (Knight) 2‘ढाई’ कदम की चाल (L-shape), यह मोहरों के ऊपर से कूद सकता है। 
प्यादा (Pawn)8केवल आगे की ओर एक कदम (पहली बार में दो कदम संभव)।

कैसे खेलें? (नियम और रणनीतियाँ)

  • लक्ष्य –  खेल का मुख्य उद्देश्य विपक्षी के राजा को ‘शह और मात’ (Checkmate) देना है, यानी राजा को ऐसी स्थिति में फँसाना जहाँ से वह बच न सके।
  • शुरुआत – हमेशा सफेद मोहरों वाला खिलाड़ी पहली चाल चलता है।
  • विशेष चालें –  इसमें ‘कैसलिंग’ (Castling) और ‘एन पासेंट’ (En Passant) जैसी विशेष चालें होती हैं जो खेल को रोमांचक बनाती हैं।

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सांप-सीढ़ी – जीवन का दर्शन और भाग्य का खेल

जहाँ शतरंज रणनीति का खेल है, वहीं सांप-सीढ़ी भाग्य और नैतिकता का प्रतीक है।

प्राचीन इतिहास –  मोक्षपटम

प्राचीन भारत में इसे ‘मोक्षपट’ या ‘परमपदम्’ के नाम से जाना जाता था। इसका आविष्कार 13वीं शताब्दी में संत ज्ञानदेव ने किया था (कुछ प्रमाण इसे और भी पुराना बताते हैं)।

मूल रूप से, यह खेल बच्चों को कर्म और नैतिकता सिखाने के लिए बनाया गया था

  • सीढ़ियाँ – अच्छे कर्मों (पुण्य) का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो व्यक्ति को स्वर्ग या मोक्ष की ओर ले जाती हैं।
  • सांप – बुरे कर्मों (पाप) का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो व्यक्ति को पुनर्जन्म के चक्र में नीचे गिरा देते हैं।

खेल की संरचना

पारंपरिक बोर्ड पर सांपों की संख्या सीढ़ियों से अधिक होती थी, जो यह दर्शाता था कि अच्छाई का मार्ग कठिन है और बुराई के प्रलोभन कहीं अधिक हैं। 100वाँ खाना ‘मोक्ष’ या ‘निर्वाण’ का प्रतीक होता है।

कैसे खेलें?

  • यह खेल डाइस (पासा) की मदद से खेला जाता है।
  • खिलाड़ी अपनी गोटियाँ 1 नंबर से शुरू करते हैं।
  • यदि गोटी सीढ़ी के नीचे आती है, तो वह ऊपर चढ़ जाती है।
  • यदि गोटी सांप के मुँह पर आती है, तो उसे पूँछ तक नीचे आना पड़ता है।
  • जो सबसे पहले 100 पर पहुँचता है, वह विजेता कहलाता है।

भारत से वैश्विक पहचान तक का सफर

  • शतरंज का विकास –  15वीं शताब्दी के अंत तक यूरोप में शतरंज के नियमों में बदलाव हुए और ‘वजीर’ (Queen) को सबसे शक्तिशाली मोहरा बनाया गया। आज ‘फिडे’ (FIDE) विश्व स्तर पर इसकी प्रतियोगिताएं आयोजित करता है।
  • सांप-सीढ़ी का बदलाव –  19वीं शताब्दी में अंग्रेज इस खेल को भारत से इंग्लैंड ले गए। उन्होंने इसके नैतिक और धार्मिक संदेशों को हटाकर इसे एक साधारण मनोरंजन का खेल बना दिया। 1943 में ‘मिल्टन ब्रैडली’ ने इसे अमेरिका में ‘चोट्स एंड लैडर्स’ (Chutes and Ladders) के नाम से पेश किया।

ये खेल क्यों हैं खास? (महत्व)

  • मानसिक विकास –  शतरंज एकाग्रता, धैर्य और दूरदर्शिता (Forethought) विकसित करता है।
  • नैतिक शिक्षा –  सांप-सीढ़ी बच्चों को सिखाता है कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और सफलता के लिए धैर्य जरूरी है।
  • सामाजिक जुड़ाव –  ये दोनों खेल परिवार के सभी सदस्यों (बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक) को एक साथ लाने का बेहतरीन माध्यम हैं।

शतरंज और सांप-सीढ़ी केवल समय बिताने के साधन नहीं हैं, बल्कि ये भारत की उस महान विरासत का हिस्सा हैं जिसने गणित, तर्क और दर्शन को खेल के रूप में पिरोया है। शतरंज जहाँ हमें संघर्ष करना और योजना बनाना सिखाता है, वहीं सांप-सीढ़ी हमें विनम्रता और नियति का पाठ पढ़ाती है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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