बेंगलुरु । अनुभवी कप्तान सुनील छेत्री और युवा स्ट्राइकर एन. सिवशक्ति नारायणन के शानदार गोलों की बदौलत बेंगलुरु एफसी ने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2025-26 सत्र का आगाज़ जीत के साथ किया। श्री कांतीरवा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में बेंगलुरु ने स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली को 2-0 से पराजित कर पूरे तीन अंक हासिल किए।
मुकाबले की खास बात यह रही कि दोनों गोल मैच के निर्णायक क्षणों पहले और दूसरे हाफ के अतिरिक्त समय में आए, जिससे मेजबान टीम ने धैर्य और अनुभव का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
शुरुआत से ही आक्रामक दिखी बेंगलुरु
घरेलू दर्शकों के बीच उतरी बेंगलुरु एफसी ने मैच की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ की। टीम ने शुरुआती मिनटों से ही गेंद अपने नियंत्रण में रखते हुए विपक्षी हाफ में दबाव बनाना शुरू कर दिया। मिडफील्ड से तेज पासिंग और विंग से हमलों के जरिए बेंगलुरु लगातार मौके बनाने की कोशिश करता रहा।
दिल्ली की टीम ने शुरुआत में रक्षात्मक रणनीति अपनाई और खिलाड़ियों को पीछे रखकर खेल को संतुलित रखने की कोशिश की। हालांकि बेंगलुरु के लगातार हमलों के कारण उन्हें ज्यादा समय डिफेंस में ही बिताना पड़ा।
पहले 20 मिनट में बेंगलुरु ने कई बार गोलपोस्ट के करीब पहुंचकर खतरा पैदा किया, लेकिन फिनिशिंग की कमी के कारण बढ़त नहीं मिल सकी। दूसरी ओर दिल्ली ने काउंटर अटैक के जरिए जवाब देने की कोशिश की, मगर बेंगलुरु की रक्षापंक्ति सतर्क रही।
अतिरिक्त समय में सिवशक्ति का शानदार गोल
पहले हाफ के इंजरी टाइम में बेंगलुरु को वह मौका मिला जिसका उसे लंबे समय से इंतजार था। टीम के शानदार मूव के बाद गेंद सिवशक्ति नारायणन के पास पहुंची और उन्होंने बिना समय गंवाए सटीक शॉट लगाकर गेंद जाल में पहुंचा दी।
इस गोल के साथ ही स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा। हाफ टाइम तक बेंगलुरु 1-0 से आगे हो चुका था और मैच का दबाव अब दिल्ली की टीम पर आ गया ।
दूसरे हाफ में दिल्ली का आक्रामक रुख
ब्रेक के बाद स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली ने मैच में वापसी की कोशिश करते हुए आक्रामक खेल दिखाया। टीम ने आगे बढ़कर खेलना शुरू किया और बराबरी का गोल खोजने के लिए लगातार प्रयास किए।
कुछ मौकों पर दिल्ली के खिलाड़ी बेंगलुरु के पेनल्टी बॉक्स तक पहुंचे भी, लेकिन अंतिम क्षणों में तालमेल की कमी और मजबूत डिफेंस के कारण सफलता नहीं मिली।
बेंगलुरु एफसी ने इस दौरान संयम बनाए रखा और जल्दबाजी करने के बजाय मैच की गति को नियंत्रित करने पर ध्यान दिया। मिडफील्ड खिलाड़ियों ने गेंद को संभालकर खेला और विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
छेत्री की एंट्री से बदला माहौल
मैच के अंतिम चरण में जब सुनील छेत्री को मैदान पर उतारा गया तो दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। अनुभवी खिलाड़ी की मौजूदगी ने टीम के आक्रमण को नई दिशा दी।
छेत्री ने मैदान पर आते ही अपनी सक्रियता से दिल्ली की रक्षापंक्ति पर दबाव बढ़ा दिया। उनकी मूवमेंट और पोजिशनिंग से बेंगलुरु को आगे खेलने में आसानी मिली।

अंतिम क्षणों में दूसरा गोल
मुकाबले के अतिरिक्त समय में बेंगलुरु को एक और मौका मिला और इस बार छेत्री ने कोई गलती नहीं की। उन्होंने शांत अंदाज में गेंद को गोल में पहुंचाकर टीम की बढ़त 2-0 कर दी।
यह गोल मैच का निर्णायक क्षण साबित हुआ। इसके बाद दिल्ली की वापसी की उम्मीद लगभग खत्म हो गई और बेंगलुरु के खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने लगे।
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टीम प्रदर्शन रहा संतुलित
पूरे मैच में बेंगलुरु एफसी का खेल संतुलित नजर आया। डिफेंस, मिडफील्ड और आक्रमण तीनों विभागों में तालमेल दिखा। टीम ने धैर्य के साथ खेलते हुए सही समय पर हमला किया और मौके को गोल में बदला।
दिल्ली की टीम ने मेहनत जरूर की, लेकिन अंतिम तीसरे हिस्से में प्रभाव की कमी साफ दिखाई दी। गोल करने के अवसर सीमित रहे और जो मौके बने भी, उन्हें भुनाया नहीं जा सका।
दर्शकों का मिला भरपूर समर्थन
घरेलू मैदान पर बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने पूरे मैच के दौरान टीम का उत्साह बढ़ाया। हर हमले पर तालियां और छेत्री के मैदान पर आते ही गूंजता स्टेडियम मैच के रोमांच को और बढ़ाता रहा।
घरेलू समर्थन ने भी बेंगलुरु के खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सीजन के लिए सकारात्मक संकेत
सीजन के पहले मुकाबले में मिली यह जीत बेंगलुरु एफसी के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई है। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन टीम की सबसे बड़ी ताकत नजर आया।
सिवशक्ति का गोल टीम के भविष्य की उम्मीद दिखाता है, जबकि छेत्री का अनुभव अभी भी टीम के लिए निर्णायक साबित हो रहा है।
वहीं, स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली को आगे के मुकाबलों में अपने आक्रमण और फिनिशिंग पर काम करने की जरूरत होगी ताकि करीबी मैचों में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें।
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