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​नोएडा में श्रमिक अशांति: दूसरे दिन भी भारी बवाल पथराव और गिरफ्तारी

​नोएडा में श्रमिक अशांति: दूसरे दिन भी भारी बवाल पथराव और गिरफ्तारी
नवजोत कौर सिद्धू
On: अप्रैल 14, 2026 1:57 अपराह्न
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​नोएडा उत्तर प्रदेश दिल्ली से सटे हाई-टेक शहर नोएडा में पिछले 48 घंटों से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर शुरू हुआ मजदूरों का प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुका है। प्रशासन की तमाम कोशिशों और कंपनियों द्वारा मजदूरी में बढ़ोतरी के आश्वासनों के बावजूद, श्रमिक झुकने को तैयार नहीं हैं।

​घटनाक्रम – दूसरे दिन की स्थिति

​आज लगातार दूसरे दिन नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों (Phase-2, Phase-3 और सेक्टर 63) में मजदूरों ने उग्र प्रदर्शन किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह काम पर जाने के बजाय मजदूर जत्थों में सड़कों पर उतर आए।

​मुख्य बिंदु

  • पथराव और तोड़फोड़ – प्रदर्शनकारियों ने कई निजी कंपनियों के कार्यालयों और वाहनों को निशाना बनाया। पथराव के कारण कई वाहनों के शीशे टूट गए और औद्योगिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है।
  • पुलिस के साथ झड़प –  भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें हुईं।
  • मजदूरी में इजाफा बेअसर –  औद्योगिक संगठनों का दावा है कि उन्होंने न्यूनतम मजदूरी और बोनस में वृद्धि की घोषणा कर दी है लेकिन मजदूर संगठनों का कहना है कि यह वृद्धि महंगाई के अनुपात में नाकाफी है।

​प्रशासन की कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ

​नोएडा पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है।

​अब तक की कार्रवाई

  • गिरफ्तारी –  हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के आरोप में अब तक 50 से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
  • सीसीटीवी से पहचान –  पुलिस ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज का उपयोग कर उन उपद्रवियों की पहचान कर रही है जिन्होंने भीड़ को उकसाया या तोड़फोड़ की।
  • धारा 144 – संवेदनशील इलाकों में धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है जिससे पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी है।

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​विवाद की जड़ –  मजदूर क्यों नहीं मान रहे?

​मजदूरी बढ़ाए जाने के बावजूद आंदोलन जारी रहने के पीछे कई गहरे कारण बताए जा रहे हैं

  • बकाया भुगतान – कई मजदूरों का आरोप है कि पिछला बकाया वेतन अभी तक नहीं मिला है।
  • काम के घंटे – वेतन वृद्धि के साथ-साथ कंपनियां काम के घंटे बढ़ाने का दबाव बना रही हैं जिसका श्रमिक विरोध कर रहे हैं।
  • यूनियन की मांग –  श्रमिक अब केवल वेतन नहीं, बल्कि अपनी यूनियनों को आधिकारिक मान्यता देने की मांग पर अड़े हैं।
  • महंगाई का दबाव – मजदूरों का तर्क है कि 10\% – 15\% की वृद्धि शहर के बढ़ते रेंट और खाने-पीने के खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

​औद्योगिक उत्पादन पर असर

​इस बवाल ने नोएडा के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को हिलाकर रख दिया है। मोबाइल असेंबली यूनिट्स, गारमेंट एक्सपोर्ट हाउस और ऑटोमोबाइल पार्ट्स बनाने वाली कंपनियों में काम ठप पड़ा है।

क्षेत्रप्रभाव का स्तरमुख्य समस्या
सेक्टर 63अत्यधिकतोड़फोड़ और शटर डाउन
फेज-2मध्यमश्रमिकों की कम उपस्थिति
ईकोटेक (ग्रेटर नोएडा)सामान्यपुलिस गश्त जारी

आगे की राह और सुरक्षा के इंतजाम

​नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने साफ किया है कि शांति भंग करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं जिला प्रशासन और श्रम विभाग के अधिकारी बीच-बचाव की कोशिश कर रहे हैं ताकि उद्योग और श्रमिकों के बीच संवाद फिर से शुरू हो सके।

​ नोएडा में मजदूरों का यह बवाल केवल आर्थिक मांग नहीं बल्कि औद्योगिक संबंधों में बढ़ते अविश्वास का प्रतीक है। जब तक दोनों पक्ष एक ठोस समझौते पर नहीं पहुँचते तब तक क्षेत्र में तनाव बने रहने की आशंका है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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