लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दोनों शूटर्स को एनकाउंटर के बाद पकड़ा-दिल्ली पुलिस की उत्तरी जिला एंटी-नारकोटिक्स टीम ने 14 और 15 जनवरी 2026 की दरम्यानी रात एक साहसिक ऑपरेशन में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो खूंखार शूटर्स को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई ने राजधानी में हाल ही में हुई फायरिंग और जबरन वसूली की वारदातों पर लगाम लगाई है।
एनकाउंटर कहां और कब हुआ?
यह मुठभेड़ उत्तरी दिल्ली के हीरानाकी मोड़ (Hiranki Mor) के पास हुई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बिश्नोई गैंग के शूटर यमुना पुस्ता रोड के रास्ते स्कूटी से गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने बुधवार देर रात (14 जनवरी 2026) जाल बिछाया। जब पुलिस ने संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
कौन-कौन व्यक्ति पकड़े गए?
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया:
दीपक – यह मुख्य शूटर बताया जा रहा है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में इसके पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नाबालिग सहयोगी – दूसरा पकड़ा गया आरोपी एक नाबालिग है, जो आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था।
शूटर्स का आपराधिक इतिहास और हालिया कांड
गिरफ्तार किए गए दोनों शूटर लॉरेंस बिश्नोई-अनमोल बिश्नोई सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य हैं। वे हाल ही में दिल्ली में हुई दो प्रमुख वारदातों में शामिल थे|
- पश्चिम विहार फायरिंग – इन्होंने बाहरी रिंग रोड पर स्थित ‘आरके फिटनेस’ जिम के बाहर हवा में गोलियां चलाकर दहशत फैलाई थी।
- वेस्ट विनोद नगर जबरन वसूली – पूर्वी दिल्ली के एक व्यवसायी के घर पर फायरिंग कर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
- धमकी भरा संदेश – इन्होंने फायरिंग के दौरान धमकी दी थी कि “अगली बार फोन नहीं उठाया तो जमीन से उठवा लेंगे,” जैसा हाल ही में नादिर शाह हत्याकांड में हुआ था।
महत्वपूर्ण बातें
- साहस का परिचय – बदमाशों की एक गोली एक पुलिस कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बाल-बाल बची।
- बरामदगी – पुलिस ने मौके से दो अवैध पिस्तौल, कई जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी जब्त की है।
- तकनीकी मदद – पुलिस ने इन तक पहुँचने के लिए सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस (Secure Apps) का सहारा लिया, जिसका इस्तेमाल ये अपराधी अपने हैंडलर्स से बात करने के लिए कर रहे थे।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क पर प्रहार
यह ऑपरेशन दिल्ली पुलिस के ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत पिछले कुछ दिनों में सैकड़ों गैंगस्टरों को पकड़ा गया है। ये शूटर ‘रणदीप मलिक’ नामक हैंडलर के निर्देशों पर काम कर रहे थे।
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