तेलंगाना पुलिस ने सिडनी में हुए हालिया हमले को लेकर एक बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस हमले का कथित मास्टरमाइंड हैदराबाद से स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी ने शिक्षा के नाम पर विदेश जाकर वहां अपने नेटवर्क को मजबूत किया और बाद में कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल हो गया। इस खुलासे के बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया, दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

तेलंगाना पुलिस ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और कई पहलुओं की पुष्टि की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर जो तथ्य सामने आए हैं, उन्हें ऑस्ट्रेलियाई एजेंसियों के साथ साझा किया गया है ताकि दोनों देशों के बीच समन्वय के साथ आगे की कार्रवाई की जा सके।
स्टूडेंट वीजा की आड़ में विदेश यात्रा, जांच के घेरे में नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, आरोपी कुछ साल पहले हैदराबाद से ऑस्ट्रेलिया गया था। उसने वहां एक शैक्षणिक संस्थान में दाखिला लिया और स्टूडेंट वीजा के तहत सिडनी में रहने लगा। शुरुआती दौर में उसकी गतिविधियां सामान्य रहीं, लेकिन बाद में उसकी संगत और ऑनलाइन गतिविधियों पर शक गहराता गया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए संदिग्ध लोगों के संपर्क में था। तेलंगाना पुलिस का दावा है कि उसने भारत और विदेश, दोनों जगहों पर कुछ लोगों से संपर्क बनाए रखा था, जो कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े हो सकते हैं। इन्हीं संपर्कों के जरिए कथित तौर पर हमले की योजना और संसाधनों को लेकर बातचीत हुई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, स्टूडेंट वीजा का दुरुपयोग कर विदेश जाकर कट्टर गतिविधियों में शामिल होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी कारण अब जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा था।
सिडनी हमले के तार भारत से जोड़ने की कोशिश
तेलंगाना पुलिस का कहना है कि सिडनी हमले की जांच के दौरान कुछ डिजिटल और तकनीकी सुराग मिले, जिनसे आरोपी के भारत से संबंधों की पुष्टि होती है। इनमें कॉल डिटेल्स, ईमेल ट्रेल्स और ऑनलाइन चैट शामिल हैं। हालांकि पुलिस ने अभी इन सबूतों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है, ताकि जांच प्रभावित न हो।
अधिकारियों ने बताया कि हमले से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियों में असामान्य पैटर्न देखा गया। कुछ संदिग्ध लेन-देन और संपर्कों ने जांच एजेंसियों का ध्यान उसकी ओर खींचा। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई एजेंसियों ने भारतीय अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद तेलंगाना पुलिस ने अपने स्तर पर जांच शुरू की।
तेलंगाना पुलिस का यह भी कहना है कि आरोपी के परिवार और करीबी रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि परिवार को उसकी गतिविधियों की जानकारी थी या नहीं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने किसी को गुमराह कर विदेश जाने और वहां रहने की योजना बनाई थी।
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सुरक्षा एजेंसियों में बढ़ी चिंता, निगरानी सख्त
इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों में चिंता बढ़ गई है। स्टूडेंट वीजा के जरिए विदेश जाने वाले युवाओं की पृष्ठभूमि जांच और निगरानी को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा के लिए विदेश जाना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कुछ लोग इसी रास्ते का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकता है।
तेलंगाना पुलिस ने केंद्र सरकार और अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ भी जानकारी साझा की है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या आरोपी के संपर्क में रहे अन्य लोग भारत में सक्रिय हैं। यदि ऐसा पाया गया, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के बीच भी इस खबर के बाद चिंता का माहौल है। कई संगठनों ने कहा है कि ऐसे मामलों में यह जरूरी है कि जांच पूरी निष्पक्षता और तथ्यों के आधार पर हो, ताकि आम छात्रों और प्रवासियों की छवि खराब न हो। उन्होंने यह भी मांग की है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, लेकिन निर्दोष लोगों को बेवजह परेशान न किया जाए।
आगे की जांच और संभावित असर
फिलहाल यह मामला अंतरराष्ट्रीय जांच का रूप ले चुका है। तेलंगाना पुलिस और ऑस्ट्रेलियाई एजेंसियां मिलकर डिजिटल सबूतों, यात्रा रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी जानकारियां सामने आ सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का असर भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में जा सकता है। दोनों देश पहले से ही आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग करते रहे हैं, और ऐसे मामलों में सूचना साझा करने की प्रक्रिया और तेज हो सकती है।
कुल मिलाकर, तेलंगाना पुलिस के इस खुलासे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा चुनौतियां कितनी जटिल हो चुकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि सिडनी हमले में आरोपी की भूमिका कितनी गहरी थी और क्या वह अकेला था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा। फिलहाल एजेंसियां सतर्क हैं और हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।






