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Mahakal Wedding Reception 2026 – बाबा महाकाल का शाही विवाह रिसेप्शन 26 फरवरी को  नगर भोज और अनोखी बारात की तैयारियां तेज

बाबा महाकाल का शाही विवाह रिसेप्शन 26 फरवरी को  नगर भोज और अनोखी बारात की तैयारियां तेज
नवजोत कौर सिद्धू
On: फ़रवरी 22, 2026 8:47 अपराह्न
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डेलीबार्ता,उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन अपनी धार्मिक परंपराओं और अनोखे आयोजनों के लिए देशभर में विशेष पहचान रखती है। महाशिवरात्रि पर्व के बाद यहां भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह के उपलक्ष्य में एक भव्य ‘शाही रिसेप्शन’ यानी नगर भोज का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 26 फरवरी 2026 को होगा, जिसकी तैयारियां पूरे शहर में उत्साह के साथ चल रही हैं। खास बात यह है कि इस समारोह की विवाह पत्रिका इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जिसनें सबका ध्यान खींचा है।‌

अनूठी विवाह पत्रिका ने खींचा ध्यान

इस आयोजन की निमंत्रण पत्रिका पारंपरिक शादी कार्ड की तर्ज पर तैयार की गई है। इसमें गणपति पूजन, हल्दी-मेहंदी, महिला संगीत और शुभ लग्न सहित सभी वैवाहिक रस्मों का उल्लेख किया गया है। विशेष बात यह है कि पत्रिका में सामान्य परिवारजनों की जगह भगवान गणेश, कार्तिकेय तथा रिद्धि-सिद्धि को रिश्तेदारों के रूप में दर्शाया गया है, जिससे यह कार्ड लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

26 फरवरी को होगा भव्य नगर भोज (A grand city feast) 

श्री महाकाल शयन आरती भक्त परिवार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के तहत पूरे नगर के लिए विशाल भोज का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन समिति से जुड़े राजेश अग्रवाल और महेंद्र कटियार के अनुसार, शहरभर में पीले चावल और निमंत्रण पत्र घर-घर बांटे जा रहे हैं।

आयोजकों का अनुमान है कि इस नगर भोज में करीब 25 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे।जिनके लिये सुरक्षा सहित तमाम व्यवस्थाओं का पुख्ता इंतजाम रहेगा।

 बाबा महाकाल की निकलेगी भव्य बारात

मुख्य आयोजन से पहले भगवान शिव की प्रतीकात्मक बारात शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली जाएगी, जो महाकाल मंदिर तक पहुंचेगी। इस बारात का मुख्य आकर्षण भगवान शिव के गण माने जाने वाले भूत-प्रेत, पिशाच, डाकिनी और नंदीगण की झांकियां होंगी, जो भजनों और ढोल-नगाड़ों पर नृत्य करते हुए नजर आएंगे। और यह दृश्य अपनें आप में एक अनूठा दृश्य होगा।

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उत्सव जैसा माहौल, उमड़ता है पूरा शहर

स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार, यह आयोजन उज्जैन में किसी बड़े त्योहार से कम नहीं होता। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं और धार्मिक आस्था के साथ उत्सव का आनंद लेते हैं।

बाबा महाकाल के विवाह से जुड़ा यह आयोजन धार्मिक परंपरा, लोक आस्था और सांस्कृतिक उत्सव का अनूठा संगम माना जाता है, जिसे देखने के लिए शहर ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।

उज्जैन का वो रिसेप्शन जिसमें इंसान ही नहीं, ‘भूत-प्रेत’ भी लगाएंगे ठुमके! अनूठी पत्रिका वायरल, पढ़कर रह जाएंगे दंग क्या कभी देखा है कि किसी रिसेप्शन और बारात में भूत-पिशाच नाचते हुए निकलें? महाकाल की नगरी उज्जैन में बाबा भोलेनाथ की शादी का भव्य रिसेप्शन होने जा रहा है। 26 फरवरी को नगर भोज के लिए पीले चावल बांटे जा रहे हैं और तैयारियां ऐसी कि सारा शहर उमड़ पड़ेगा। विवाह की निमंत्रण पत्रिका भी चर्चा का विषय बनी है

उज्जैन: अवंतिका नगरी यानी बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन अपनी अनूठी परंपराओं के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व के बाद यहां एक ऐसा आयोजन होने जा रहा है, जो पूरे देश में मिसाल है। यहा। भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का ‘शाही रिसेप्शन’ (नगर भोज) आयोजित किया जा रहा है, जिसका निमंत्रण पत्र (शादी का कार्ड) इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

रिश्तेदारों की जगह देवताओं के नाम

इस अनूठी शादी की पत्रिका में आम शादियों की तरह ही सभी रस्मों का जिक्र है। खास बात यह है कि जहां आम कार्ड्स में परिवार के सदस्यों के नाम होते हैं, वहीं महाकाल के इस कार्ड में भगवान गणेश, कार्तिकेय और रिद्धि-सिद्धि के नाम रिश्तेदारों के रूप में लिखे गए हैं। कार्ड में गणपति पूजन, हल्दी-मेहंदी, महिला संगीत और शुभ लग्न का पूरा विवरण दिया गया है।

26 फरवरी को भव्य नगर भोज और बारात

‘श्री महाकाल शयन आरती भक्त परिवार’ द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम 26 फरवरी को होने जा रहा है। आयोजन समिति के सदस्य राजेश अग्रवाल और महेन्द्र कटियार ने बताया कि ‘बाबा महाकाल की इस शादी के लिए भव्य तैयारियां की जा रही हैं। पीले चावल के साथ घर-घर पत्रिका बांटी जा रही है। इस विशाल भोज में लगभग 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।’

भूत-पिशाच और नंदीगण होंगे बाराती

रिसेप्शन से पहले बाबा महाकाल की एक भव्य ‘बारात’ निकाली जाएगी। यह बारात नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए महाकाल मंदिर पहुंचेगी। बारात का मुख्य आकर्षण भगवान शिव के प्रिय भूत, पिशाच, डाकिनी और नंदीगण होंगे, जो भजनों पर झूमते नजर आएंगे। भक्त उर्मिला ठाकुर कहती हैं कि उज्जैन में यह आयोजन किसी त्यौहार से कम नहीं होता और पूरा शहर सड़कों पर उमड़ पड़ता है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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