भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देशानुसार पार्टी संगठन में आज यानी 28 मई 2026 को एक बहुत बड़ा फेरबदल किया गया है। आगामी विधानसभा चुनावों और सांगठनिक मजबूती को ध्यान में रखते हुए देश के चार महत्वपूर्ण राज्यों दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है।
इस संगठनात्मक बदलाव में पुराने चेहरों की जगह नए और कद्दावर नेताओं को कमान सौंपी गई है ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा जा सके।
दिल्ली प्रदेश भाजपा – हर्ष मल्होत्रा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भाजपा ने सांगठनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए पूर्वी दिल्ली के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने वीरेंद्र सचदेवा का स्थान लिया है। दिल्ली में अगले विधानसभा चुनावों को देखते हुए हर्ष मल्होत्रा की यह नियुक्ति बेहद रणनीतिक मानी जा रही है।
- राजनैतिक कद और पूर्व विवरण – हर्ष मल्होत्रा दिल्ली भाजपा के एक बेहद सम्मानित और जमीनी कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने साल 2024 के लोकसभा चुनावों में पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से भारी मतों से जीत हासिल की थी। इसके बाद उन्हें जून 2024 में केंद्र सरकार में कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में राज्य मंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।
- जमीनी अनुभव – वर्ष 2015 से 2016 के दौरान हर्ष मल्होत्रा पूर्वी दिल्ली नगर निगम (EDMC) के मेयर रह चुके हैं। पार्षद और मेयर के रूप में उनके कार्यकाल को काफी सराहा गया था विशेषकर सरकारी स्कूलों में कुपोषण के खिलाफ उनके द्वारा चलाए गए अभियानों को काफी राष्ट्रीय पहचान मिली थी। दिल्ली की राजनीति और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी दी है।
पंजाब प्रदेश भाजपा – सरदार केवल सिंह ढिल्लो
सीमावर्ती राज्य पंजाब में पार्टी का आधार बढ़ाने और अकाली दल से अलग होने के बाद अपने पैरों पर खड़े होने के प्रयासों के तहत भाजपा ने वरिष्ठ नेता सरदार केवल सिंह ढिल्लो को पंजाब भाजपा की कमान सौंपी है।
- राजनैतिक कद और पूर्व विवरण – केवल सिंह ढिल्लो पंजाब की राजनीति का एक जाना-माना और रसूखदार नाम हैं। भाजपा में शामिल होने से पहले वे लंबे समय तक कांग्रेस के एक बड़े और रसूखदार नेता रहे हैं। वे बरनाला विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं। साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट न मिलने और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के बाद कांग्रेस ने उन्हें निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए।
- भाजपा में सफर – भाजपा में आने के बाद उन्होंने साल 2022 में संगरूर लोकसभा उपचुनाव और साल 2024 में बरनाला विधानसभा उपचुनाव लड़ा था। हालांकि इन चुनावों में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी, लेकिन पंजाब के मालवा क्षेत्र में उनका व्यक्तिगत प्रभाव और सिखों के बीच उनकी पैठ बहुत मजबूत है। भाजपा पंजाब में गैर-शहरी और ग्रामीण सिखों के बीच अपना जनाधार बढ़ाना चाहती है, जिसके लिए केवल सिंह ढिल्लो को सबसे मुफीद चेहरा माना गया है।
हरियाणा प्रदेश भाजपा – डॉ. अर्चना गुप्ता
हरियाणा में भाजपा ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली की जगह एक महिला चेहरे पर दांव खेलते हुए डॉ. अर्चना गुप्ता को हरियाणा भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।
- राजनैतिक कद और पूर्व विवरण – डॉ. अर्चना गुप्ता पेशे से एक बेहद सम्मानित डॉक्टर हैं और उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई के दौरान रेडियोलॉजी में गोल्ड मेडल हासिल किया था। वे लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा के सांगठनिक ढांचे से जुड़ी रही हैं। इस नियुक्ति से ठीक पहले वे हरियाणा भाजपा में ‘प्रदेश महामंत्री’ के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं।
- सांगठनिक पकड़ – डॉ. अर्चना गुप्ता पानीपत जिले की जिलाध्यक्ष के रूप में भी बेहतरीन काम कर चुकी हैं। उन्हें संगठन चलाने का लंबा अनुभव है और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी छवि एक साफ-सुथरी और बौद्धिक नेता की है। हरियाणा में महिलाओं और प्रबुद्ध वर्ग को साधने के उद्देश्य से डॉ. अर्चना गुप्ता की यह ताजपोशी पार्टी के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
त्रिपुरा प्रदेश भाजपा – अभिषेक देव रॉय
उत्तर-पूर्वी राज्य त्रिपुरा में भी भाजपा ने युवा और ऊर्जावान चेहरे पर भरोसा जताते हुए अभिषेक देव रॉय को त्रिपुरा प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।
- राजनैतिक कद और पूर्व विवरण – अभिषेक देव रॉय त्रिपुरा में भाजपा के उभरते हुए युवा नेता हैं। वे पिछले कई सालों से राज्य में संगठन को मजबूत करने और आदिवासी व गैर-आदिवासी समुदायों के बीच पार्टी की पकड़ को संतुलित करने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
- चुनौती और रणनीति – त्रिपुरा में वामपंथ और क्षेत्रीय दलों के उभार के बीच भाजपा को अपनी सत्ता और संगठन को लगातार बनाए रखना है। अभिषेक देव रॉय की सांगठनिक कुशलता और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें त्रिपुरा की जिम्मेदारी सौंपी है ताकि उत्तर-पूर्व में भाजपा के विजय रथ को और रफ्तार दी जा सके।
फेरबदल के पीछे केंद्रीय नेतृत्व की मुख्य रणनीति
भाजपा आलाकमान के इस बड़े फैसले के पीछे कई दूरगामी राजनीतिक रणनीतियां दिखाई दे रही हैं
- सत्ता और संगठन में संतुलन – दिल्ली में हर्ष मल्होत्रा को कमान सौंपकर भाजपा ने यह साफ कर दिया है कि वह मंत्रियों को सांगठनिक जिम्मेदारी देने से पीछे नहीं हटेगी।
- अनुभवी और क्षेत्रीय चेहरों को तरजीह – पंजाब में केवल सिंह ढिल्लो जैसे अनुभवी और स्थानीय रसूख वाले सिख नेता को आगे करना यह दिखाता है कि पार्टी क्षेत्रीय अस्मिता और जातिगत/धार्मिक समीकरणों को बेहद संजीदगी से ले रही है।
- महिला और युवा नेतृत्व को बढ़ावा – हरियाणा में डॉ. अर्चना गुप्ता और त्रिपुरा में अभिषेक देव रॉय की नियुक्तियां इस बात का प्रमाण हैं कि पार्टी महिलाओं और युवाओं को अग्रिम पंक्ति में लाकर भविष्य के नेतृत्व को तैयार कर रही है।
नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राज्यों में किए गए इन बड़े बदलावों से यह स्पष्ट है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों और सांगठनिक चुनावों के लिए खुद को पूरी तरह से री-ब्रांड और मजबूत करने में जुट गई है।







