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​पश्चिम बंगाल में ‘कमल’ का उदय –  सुवेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ बंगाल में भाजपा युग का शुरुआत

​पश्चिम बंगाल में 'कमल' का उदय -  सुवेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ बंगाल में भाजपा युग का शुरुआत
नवजोत कौर सिद्धू
On: मई 9, 2026 2:28 अपराह्न
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​कोलकाता, मई 2026 पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। दशकों तक वामपंथ और फिर तृणमूल कांग्रेस के अभेद्य किले के रूप में पहचाने जाने वाले इस राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनी है। नंदीग्राम के नायक और जनप्रिय नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर एक नए अध्याय की शुरुआत की है।

​राजभवन के प्रांगण में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आर.एन. रवि ने सुवेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

​ सुवेंदु अधिकारी -एक संघर्षशील जननेता से मुख्यमंत्री तक का सफर

​सुवेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना महज़ एक राजनैतिक घटना नहीं बल्कि उनके वर्षों के जमीनी संघर्ष का प्रतिफल है।

  • प्रारंभिक जीवन और आधार-  15 दिसंबर 1970 को पूर्व मेदिनीपुर में जन्मे सुवेंदु एक राजनैतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी केंद्र में मंत्री रह चुके हैं।
  • नंदीग्राम का आंदोलन –  सुवेंदु की असली पहचान 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से बनी जहाँ उन्होंने किसानों के हक की लड़ाई लड़ी।
  • भाजपा में आगमन और 2021 की जीत –  2020 में भाजपा में शामिल होने के बाद, उन्होंने 2021 के चुनावों में ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से हराकर खुद को बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा ‘जायंट किलर’ साबित किया।
  • 2026 का नेतृत्व – 2026 के चुनावों में पार्टी ने उन्हें अपना चेहरा बनाया और उनके “सोनार बांग्ला” के विजन पर राज्य की जनता ने मुहर लगाई।

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​ ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह –  दिग्गज नेताओं का जमावड़ा

​कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड भगवा रंग में रंगा नजर आया। इस समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह विशेष रूप से उपस्थित रहे।

  • मुख्य अतिथि – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
  • विशिष्ट अतिथि –  अमित शाह (गृह मंत्री), राजनाथ सिंह (रक्षा मंत्री), जे.पी. नड्डा (भाजपा अध्यक्ष)।
  • अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री –  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित एनडीए शासित राज्यों के कई सीएम मौजूद रहे।
  • सांस्कृतिक झलक –  शपथ ग्रहण समारोह में शंख ध्वनि और ‘ढाक’ की थाप के साथ बंगाल की समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन किया गया।

​प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर बंगाल के सबसे बुजुर्ग भाजपा कार्यकर्ता, 97 वर्षीय माखन लाल सरकार का आशीर्वाद लिया, जो पार्टी के संघर्षपूर्ण सफर का जीवंत उदाहरण हैं।

सुवेंदु मंत्रिमंडल – नए चेहरों और अनुभव का संगम

​मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ कई दिग्गज और युवा चेहरों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समावेश का विशेष ध्यान रखा गया है।

​प्रमुख मंत्री और उनका परिचय

मंत्री का नामराजनैतिक पृष्ठभूमिभूमिका/महत्व
दिलीप घोषपूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसदसंगठन को मजबूती देने और जंगलमहल क्षेत्र में प्रभाव के लिए जाने जाते हैं।
अग्निमित्रा पॉलप्रख्यात फैशन डिजाइनर और नेत्रीमहिला सशक्तिकरण और शहरी मतदाताओं के बीच लोकप्रिय चेहरा।
अशोक कीर्तनियामतुआ समुदाय के कद्दावर नेताउत्तर 24 परगना और मतुआ वोट बैंक के प्रतिनिधि।
खुदीराम टेङूआदिवासी समाज के बड़े नेताजंगलमहल और जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध।
निसिथ प्रमाणिकपूर्व केंद्रीय राज्य मंत्रीउत्तर बंगाल के युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय और विकासवादी सोच।

2026 के चुनाव –  भाजपा की ऐतिहासिक जीत के कारण

​2026 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिली भारी सफलता के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण रहे

  • भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनादेश –  पिछले शासन के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों और रोजगार की कमी ने जनता के बीच असंतोष पैदा किया।
  • विकास का मॉडल –  भाजपा ने “डबल इंजन सरकार” का नारा दिया, जिससे जनता को लगा कि केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने से बंगाल का औद्योगिक विकास तेजी से होगा।
  • महिला सुरक्षा –  महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर लगाम लगाने के वादे ने महिला मतदाताओं (साइलेंट वोटर्स) को भाजपा की ओर मोड़ा।
  • मतुआ और आदिवासी वोट बैंक –  उत्तर और दक्षिण बंगाल के निर्णायक समुदायों ने इस बार भाजपा के पक्ष में एकतरफा मतदान किया।

​सुवेंदु सरकार की प्राथमिकताएं – आगे की राह

​मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद, सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन है। उनकी मुख्य प्राथमिकताएं निम्न हैं

  • भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल – सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता के खातों में पहुंचाना।
  • कानून व्यवस्था – राज्य में हिंसा की राजनीति को समाप्त कर शांति बहाल करना।
  • रोजगार सृजन –  आईटी सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में बंगाल को पुनर्जीवित करना ताकि युवाओं को काम के लिए बाहर न जाना पड़े।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य –  सरकारी अस्पतालों और स्कूलों के बुनियादी ढांचे में आमूल-चूल परिवर्तन।

​पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार का गठन भारतीय राजनीति की एक युगांतकारी घटना है। सुवेंदु के पास अब बंगाल को “सोनार बांग्ला” बनाने की जिम्मेदारी है। आर.एन. रवि द्वारा दिलाई गई यह शपथ केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि करोड़ों बंगालियों की उन आकांक्षाओं की शुरुआत थी, जो विकास, सुरक्षा और प्रगति का सपना देख रहे हैं।

​दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल और निसिथ प्रमाणिक जैसे दिग्गजों के साथ बनी यह टीम यदि अपने वादों पर खरी उतरती है, तो बंगाल निश्चित रूप से फिर से देश का नेतृत्व करेगा।

“यह जीत बंगाल की जनता की जीत है। अब बंगाल में आतंक का नहीं, विकास का राज होगा।” – सुवेंदु अधिकारी (शपथ ग्रहण के बाद संबोधन)

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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