बंगाल के चुनाव परिणाम की घोषणा 4 मई को हो गई है। बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी को एकतरफा जीत मिली है। बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी को 207 सीटें मिली हैं, तो वहीं 80 सीटें टीएमसी के खाते में गई हैं। कांग्रेस ने 2 सीटें लाकर अपनी इज़्ज़त बचाने का काम किया। इस बीच पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री कौन होगा इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बंगाल का पर्यवेक्षक बनाया गया ही। उड़ीसा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। ये दोनों नेता बंगाल में जाकर विधायक दल के नेता का चुनाव करेंगे। सबसे ज्यादा संभावना शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनाए जाने की है। अगर बीजेपी किसी महिला नेता के साथ जाती है तो रूपा गांगुली को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इस बीच बंगाल में मुख्यमंत्री पद की शपथ का कार्यक्रम 9 मई को रखा गया है। अमित शाह को पश्चिम बंगाल का गेम चेंजर माना जाता है। साल 2014 से ही अमित शाह बंगले में विजय फतह करने में लग गए थे। ठीक 12 सालों बाद अमित शाह को उनकी मेहनत का परिणाम मिल पाया है।
अमित शाह निर्णायक की भूमिका में
जब से बंगाल में चुनावी अभियान चालू हुआ है तब से अमित शाह बंगाल में ही टिके रहे। अमित शाह लगभग 15 दिन तक पश्चिम बंगाल में टिके रहे। इसका परिणाम उनको 207 सीट जीतकर मिला है। अमित शाह ने हर रैलियों में टीएमसी पर जमकर निशाना साधा। अमित शाह ने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को हिटलर करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का सही क्रियान्वयन टीएमसी की पार्टी बंगाल में नहीं कर रही है। अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में सुधारों की बात की। अमित शाह चुनाव के वक्त लगातार बंगाल के गलियों में और घरों में जाकर चुनावी माहौल बनाया और बीजेपी के पक्ष में वोट देने की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पश्चिम बंगाल में कई रैलियां की लेकिन जो छाप अमित शाह ने पश्चिम बंगाल ने छोड़ी वह छाप बीजेपी का कोई और नेता नहीं छोड़ पाया।
read more :
ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इनकार
ममता बनर्जी ने टीएमसी की हार के बाद मीडिया के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बंगाल में वोट चोरी हुई है। बंगाल में बीजेपी ने वोट चोरी कर के चुनाव जीता है। इस्तीफा देने के सवाल के जवाब में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी। वह राज्यपाल से मिलकर बीजेपी की शिकायत करेंगी। बंगाल में हुए चुनावों में 100 से ज्यादा सीटों पर वोट चोरी हुई है। ममता बनर्जी खुद अपनी सीट पर चुनाव हार गईं। भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15000 वोटों से मात दी। इस हार का सदमा ममता बनर्जी बर्दाश्त नहीं कर पाई और वह लगातार चुनाव आयोग और बीजेपी पर आरोप लगा रही है। ममता बनर्जी 15 सालों से बंगाल की सत्ता संभाल रही हैं और उन्हें इतनी बड़ी हार अभेद्य सी लग रही है।
कोलकाता में बीजेपी नेताओं की मीटिंग
कोलकाता में बंगाल बीजेपी के कई बड़े नेताओं की मीटिंग हो रही है। यह मीटिंग कोलकाता के साल्ट ऑफिस में हो रही है। इस मीटिंग में शुभेंदु अधिकारी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शामिक भट्टाचार्य और दिलीप घोष जैसे कई बड़े नेता शामिल हैं। इस मीटिंग में बंगाल में बीजेपी सरकार के नए मंत्रिमंडल पर वार्ता संभव है।
बंगाल में मुख्यमंत्री कौन होगा इसका निर्णय तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ही करेंगे लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हारकर अपनी मुख्यमंत्री पद के सीट के लिए पहले ही दावा ठोक दिया है।
शुभेंदु अधिकारी ने बताया हिंदुओं की जीत
शुभेंदु अधिकारी बंगाल बीजेपी के बड़े नेता कहे जाते है। साल 2021 में टीएमसी से आए शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट से टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को 15000 वोटो से मात दी। शुभेंदु अधिकारी ने यह जीत हिंदुओं को समर्पित किया हैं उन्होंने बताया कि बंगाल की जीत केवल और केवल हिंदुओं के दम पर आई है। बंगाल के मुसलमानों का वोट उन्हें नहीं मिला, इसलिए वे केवल बंगाल के हिंदुओं के लिए काम करेंगे। यह जीत उन्होंने हिंदुओं को समर्पित करते हुए कहा कि बंगाल का हिंदू सालों से टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी से परेशान था और आज विधानसभा चुनाव में बंगाल का हिंदू जाग गया है। उन्होंने मां काली को इस जीत के लिए धन्यवाद दिया। शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री के रेस में सबसे आगे हैं। अमित शाह के ऊपर अब यह निर्भर रहेगा कि वह किसी पुरुष नेता को मुख्यमंत्री बनाते है या ममता बनर्जी के विकल्प के लिए वह किसी महिला मुख्यमंत्री के साथ जाते है। अगर बीजेपी बंगाल में किसी महिला मुख्यमंत्री के साथ सरकार बनाती है तो बंगाल की जनता को कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि मानत बनर्जी का एक अच्छा विकल्प बीजेपी के लिए कोई महिला नेता ही हो सकती है।







