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लोकतंत्र का महासंग्राम 2026 – पांच राज्यों में ‘केसरिया’ लहर बंगाल में ऐतिहासिक परिवर्तन और दक्षिण में विजय का ‘TVK’ उदय

लोकतंत्र का महासंग्राम 2026 - पांच राज्यों में 'केसरिया' लहर बंगाल में ऐतिहासिक परिवर्तन और दक्षिण में विजय का 'TVK' उदय
नवजोत कौर सिद्धू
On: मई 5, 2026 1:46 अपराह्न
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​4 मई 2026 भारत के राजनीतिक इतिहास में एक मील के पत्थर के रूप में दर्ज हो गया है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों और सात सीटों पर हुए उपचुनावों के परिणामों ने न केवल सत्ता के समीकरण बदले हैं बल्कि भारतीय राजनीति के भविष्य की एक नई तस्वीर भी पेश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्वोत्तर से लेकर पूर्वी भारत तक अपनी विजय पताका फहराई है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में “दीदी” के किले को ढहाकर भाजपा का सत्ता में आना और असम में जीत की हैट्रिक लगाना पार्टी की रणनीतिक कुशलता को दर्शाता है।

​पश्चिम बंगाल – ‘सोनार बांग्ला’ का नया अध्याय

​पश्चिम बंगाल का चुनाव 2026 का सबसे चर्चित और कड़ा मुकाबला था। यहाँ भाजपा ने न केवल ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को हराया बल्कि दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज होकर राजनीतिक विशेषज्ञों को चौंका दिया।

  • कुल सीटें –  294
  • परिणाम
    • भाजपा – 206 सीटें (पूर्ण बहुमत)
    • TMC –  81 सीटें
    • कांग्रेस व अन्य – 07 सीटें

मुख्य आकर्षण –  नंदीग्राम और भवानीपुर जैसी सीटों पर कड़ा संघर्ष देखने को मिला। भाजपा की इस जीत ने बंगाल में दशकों से चली आ रही ‘क्षेत्रीय अस्मिता’ बनाम ‘राष्ट्रवाद’ की बहस को एक नया मोड़ दे दिया है। शुभेंदु अधिकारी की भूमिका और केंद्र की विकास योजनाओं का प्रभाव इस जीत के प्रमुख आधार रहे।

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​ असम – हिमंत बिस्वा सरमा की हैट्रिक

​असम में भाजपा नीत एनडीए (NDA) ने अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर राज्य में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है।

  • कुल सीटें –  126
  • परिणाम
    • भाजपा+ (NDA) – 102 सीटें
    • कांग्रेस+ –  21 सीटें
    • अन्य – 03 सीटें

​असम में घुसपैठ, विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के मुद्दों ने भाजपा को ऐतिहासिक बढ़त दिलाई। 126 में से 102 सीटें जीतना यह दर्शाता है कि राज्य में विपक्ष लगभग प्रभावहीन हो चुका है।

​ तमिलनाडु – ‘थलापति’ विजय का ऐतिहासिक उदय

​तमिलनाडु के चुनाव परिणामों ने पूरे देश का ध्यान खींचा। यहाँ द्रविड़ राजनीति के गढ़ में सेंध लगाते हुए अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कझगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

  • कुल सीटें –  234
  • परिणाम
    • TVK (विजय) – 108 सीटें
    • DMK – 85 सीटें
    • AIADMK – 32 सीटें
    • अन्य/भाजपा – 09 सीटें

​विजय की पार्टी ने द्रमुक (DMK) के सत्ता विरोधी लहर का लाभ उठाया और युवाओं के बीच अपनी पैठ बनाई। हालांकि किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, लेकिन TVK का सबसे बड़ी पार्टी बनना तमिलनाडु की राजनीति में एक युगांतकारी परिवर्तन है।

​ केरल –  भाजपा का ऐतिहासिक ‘खाता’ और वामपंथ का पतन

​केरल में इस बार मुकाबला त्रिकोणीय रहा। जहाँ कांग्रेस नीत UDF ने सत्ता में वापसी की, वहीं भाजपा ने पहली बार केरल विधानसभा में अपनी संख्यात्मक उपस्थिति दर्ज कराई, जो पार्टी के लिए दक्षिण विस्तार की दृष्टि से बड़ी उपलब्धि है।

  • कुल सीटें –  140
  • परिणाम
    • UDF (कांग्रेस+) –  63 सीटें
    • LDF (वामदल) –  34 सीटें
    • भाजपा – 03 सीटें (ऐतिहासिक शुरुआत)
    • अन्य –  40 सीटें

​केरल में भाजपा की 3 सीटों पर जीत और कई सीटों पर वोट शेयर में भारी वृद्धि ने यह संकेत दिया है कि अब केरल के मतदाता ‘तीसरे विकल्प’ की ओर देख रहे हैं।

​ पुडुचेरी –  एनडीए की वापसी

​केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भाजपा और एआईएनआरसी (AINRC) गठबंधन ने अपनी सत्ता बरकरार रखी है। यहाँ प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और स्थानीय नेतृत्व के समन्वय ने जनता का विश्वास जीता।

  • कुल सीटें –  30
  • परिणाम
    • AINRC + BJP – 16 सीटें
    • DMK + कांग्रेस – 06 सीटें
    • अन्य (TVK सहित) – 08 सीटें

​उपचुनाव 2026 –  7 सीटों का लेखा-जोखा

​4 मई 2026 को ही पाँच राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के परिणाम भी घोषित किए गए। यहाँ भी भाजपा का दबदबा देखने को मिला

  • भाजपा की जीत (4 सीटें) –  गुजरात, महाराष्ट्र (राहुरी), त्रिपुरा और नागालैंड की एक-एक सीट पर भाजपा और उसके सहयोगियों ने जीत हासिल की।
  • कांग्रेस की जीत (2 सीटें) –  कर्नाटक की दो सीटों पर कांग्रेस ने अपनी पकड़ बनाए रखी।
  • बारामती (महाराष्ट्र) –  सुनेत्रा पवार की ऐतिहासिक जीत
    • ​उपचुनावों में सबसे चर्चित सीट बारामती रही, जहाँ दिवंगत नेता अजीत पवार की विरासत को आगे बढ़ाते हुए सुनेत्रा पवार ने करीब 2.18 लाख वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने अपने पति के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए और इस जीत को बारामती की जनता का ‘अजीत दादा’ को सच्चा श्रद्धांजलि करार दिया।

विशेष नोट –  बारामती में सुनेत्रा पवार की ऐतिहासिक जीत ने पवार परिवार के गढ़ में नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दिया है। यह जीत अजीत पवार गुट और भाजपा गठबंधन के लिए एक संजीवनी की तरह है।

​2026 के ये चुनाव परिणाम स्पष्ट करते हैं कि भारतीय मतदाता अब ‘स्थिरता’ और ‘विकास’ को प्राथमिकता दे रहा है। भाजपा का बंगाल में सत्ता में आना और केरल में खाता खोलना यह बताता है कि पार्टी ने अपनी भौगोलिक सीमाओं को सफलतापूर्वक लांघा है। वहीं तमिलनाडु में TVK का उदय क्षेत्रीय दलों के लिए एक नई चुनौती है। इन परिणामों ने 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर दिया है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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