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 पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने कैबिनेट को किया भंग – ममता बनर्जी अब नहीं रही मुख्यमंत्री

 पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने कैबिनेट को किया भंग - ममता बनर्जी अब नहीं रही मुख्यमंत्री
नवजोत कौर सिद्धू
On: मई 8, 2026 1:17 अपराह्न
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि ने अपनी संवैधानिक शक्ति का प्रयोग करते हुए पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के कैबिनेट को भंग कर दिया है। यह फैसला ममता बनर्जी के इस्तीफे नहीं दिए जाने के बाद लिया गया है। ममता बनर्जी ने चुनाव हारने के बाद कहा था कि वह हारी नहीं है इसलिए राज्यपाल को इस्तीफा भी नहीं सौंपेगी। उन्होंने यह भी कहा था मेरी लड़ाई बीजेपी से नहीं बल्कि सीधे तौर पर चुनाव आयोग से है। 

भारत का संवैधानिक नियम यह कहता कि जब किसी राज्य के विधानसभा चुनावों में कोई दूसरा दल जीत हासिल करता है तो पहले जिस दल की सरकार थी उसके नेता को इस्तीफा देना पड़ता है। इस नियम को ममता बनर्जी ने मानने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने इस्तीफे दिए जाने को लेकर कहा था कि वह मुझे बर्खास्त कर दे लेकिन मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। ज्ञात हो कि भवानीपुर सीट से बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को 15000 वोटो से शिकस्त दी थी।

INDIA गठबंधन को मजबूत करने का संकल्प

ममता ने चुनाव हारने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें INDIA गठबंधन से सोनिया जी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल का फोन आया है। इन सभी नेताओं के साथ INDIA गठबंधन को और अधिक मजबूत लड़ेगी और चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी। ममता बनर्जी अपनी हार को लेकर शायद सदमा शहन नहीं कर पा रही है इसीलिए वह बार बार चुनाव आयोग पर आरोप पे आरोप लगाने से नहीं चूक रही है। उन्होंने बंगाल विधानसभा चुनाव बीजेपी और चुनाव आयोग की मिली भगत बताया है।

 इस बीच पश्चिम बंगाल में कुछ दिनों से बीजेपी और टीएमसी दलों के कार्यकर्ता हिंसा में उतर आए है। पहले ही बीजेपी और टीएमसी के कुल मिलाकर 3 कार्यकर्ताओं की मौत हिंसा से हो चुकी हैं। अब शुभेंदु अधिकारी के PA की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई है। शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी के गुंडों पर इसका आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अपनी हार को पचा नहीं पा रही है इसलिए वह किसी भी हद तक गिर सकती है। 

अनुच्छेद 174(2)(ब) के तहत कैबिनेट हुआ भंग 

राज्यपाल ने अपने शक्तियों का प्रयोग करते हुए संवैधानिक नियम के अनुसार 174(2)(ब) के तहत कैबिनेट को भंग किया। इस अनुच्छेद के अनुसार अगर कोई मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं दे रहा है तो राज्यपाल उसके कैबिनेट को पूरे अधिकार के साथ भंग कर सकता है। अगर 5 वर्षों के विधानसभा सत्र कार्य के बीच में कोई दल बहुमत खो दे तब राज्यपाल के पास यह अधिकार होता है कि वह कैबिनेट को भंग कर सके।

 ममता बनर्जी ने इस्तीफा न देने की बात कहकर टीएमसी समर्थकों से बहुत वाहवाही लूटी होगी लेकिन संवैधानिक व्यवस्था के आगे हर बड़ा नेता झुक ही जाता है। अब अगर टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं भी देगी तब भी वह मुख्यमंत्री नहीं कहलाएगी। बीजेपी की सरकार अब पश्चिम बंगाल में बनने वाली है। माना जा रहा है कि शुभेंदु अधिकारी बंगाल में बीजेपी के नए मुख्यमंत्री हो सकते है। महिला मुख्यमंत्री के रूप में रूपा गांगुली का नाम भी सबसे आगे है। 

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 संघर्ष जारी रखने की कही बात

ममता बनर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि बीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ मिलकर बंगाल विधानसभा चुनाव में वोट चोरी की है। यह लोकतंत्र का काला दिन है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के पहले दिन में टीएमसी और अन्य दलों के लोग काली पट्टी पहन कर जाए। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि 1500 से अधिक टीएमसी कार्यालयों पर बीजेपी ने कब्जा किया। उन्होंने अपने ही पार्टी के धोखेबाज लोगों के लिए कहा कि जिन्होंने टीएमसी के साथ धोखा किया है उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाएगा।

 हमें हारना नहीं है बल्कि और संघर्ष के साथ खड़े रहना है। ममता बनर्जी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि चुनाव हारने के बाद उनके साथ बदसुलूकी और धक्का मुक्की हुई जिस पर बंगाल पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने कुछ नहीं किया। बंगाल पुलिस और सीआरपीएफ को बीजेपी की केंद्र सरकार ने अपने अधीन कर लिया है। इस बीच ममता बनर्जी से मिलने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पहुंचे। इन दोनों की काफी देर तक बातचीत हुई। मीडिया से पूछे जाने कर उन्होंने INDIA गठबंधन को मजबूत करने का संकल्प लेने की बात कही। 

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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