कुआलालंपुर। भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधु ने मलेशिया ओपन सुपर 1000 टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। महिला एकल में जहां सिंधु ने अपना दबदबा कायम रखा, वहीं पुरुष युगल में भारत की शीर्ष जोड़ी सतविक साईराज रेड्डी और चिराग शेट्टी को क्वार्टरफाइनल में हार का सामना करना पड़ा।
क्वार्टरफाइनल में सिंधु की दमदार शुरुआत
महिला एकल के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में पी.वी. सिंधु ने जापान की पूर्व विश्व नंबर एक अकाने यामागुची के खिलाफ आक्रामक खेल दिखाया। सिंधु ने पहले ही गेम में लय पकड़ते हुए 21–11 से बढ़त बना ली। उनके शॉट चयन, तेज मूवमेंट और सटीक स्मैश ने शुरुआत से ही मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा।
चोट के कारण यामागुची ने छोड़ा मैच
पहला गेम गंवाने के बाद दूसरे गेम में यामागुची शारीरिक परेशानी से जूझती नजर आईं। घुटने की चोट से परेशान जापानी खिलाड़ी ने अंततः मुकाबला बीच में ही छोड़ दिया। इस तरह सिंधु को सेमीफाइनल का टिकट मिल गया। यह जीत सिंधु के लिए खास रही, क्योंकि यामागुची के खिलाफ उनका हेड-टू-हेड रिकॉर्ड और मजबूत हुआ।
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चोट से वापसी के बाद सिंधु का आत्मविश्वास चरम पर
लंबे समय तक चोट से बाहर रहने के बाद सिंधु का यह प्रदर्शन उनके शानदार फॉर्म का संकेत है। कोर्ट पर उनकी फुर्ती, धैर्य और अनुभव साफ नजर आया। मलेशिया ओपन जैसे बड़े सुपर 1000 टूर्नामेंट में सेमीफाइनल तक पहुंचना यह साबित करता है कि सिंधु एक बार फिर शीर्ष स्तर पर मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सेमीफाइनल में वांग झीयी से होगी टक्कर
सेमीफाइनल में अब पी.वी. सिंधु का सामना चीन की वांग झीयी से होगा। वांग झीयी ने अपने क्वार्टरफाइनल मैच में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए सीधे गेम में जीत दर्ज की। यह मुकाबला सिंधु के लिए चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन मौजूदा लय को देखते हुए भारतीय खिलाड़ी से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
सतविक–चिराग की जोड़ी का सफर थमा
पुरुष युगल क्वार्टरफाइनल में भारत की स्टार जोड़ी सतविक साईराज रेड्डी और चिराग शेट्टी को इंडोनेशिया की अनुभवी जोड़ी फजर अल्फियन और मुहम्मद रियान अर्दियांतो के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। इस हार के साथ भारतीय जोड़ी का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया।
अब भारत की सारी उम्मीदें सिंधु पर
मलेशिया ओपन में अन्य भारतीय खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद अब देश की निगाहें पूरी तरह पी.वी. सिंधु पर टिकी हैं। सेमीफाइनल में जीत न सिर्फ उन्हें फाइनल के करीब ले जाएगी, बल्कि यह भारतीय बैडमिंटन के लिए भी बड़ी उपलब्धि होगी। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि सिंधु अपने अनुभव और जुझारूपन से एक और यादगार प्रदर्शन करेंगी।







