नेपाल के नए पीएम बालेन्द्र शाह तुरंत एक्शन में आ गए है। पीएम पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने नेपाल की जनता से किया वादा अपने पहले कैबिनेट बैठक में पूरा कर दिया है। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और उनके सरकार में गृहमंत्री को गिरफ्तार कर लिया गया है। केपी शर्मा ओली पर आरोप था कि zen Z आंदोलन में उन्होंने prorest कर रहे आम जनता पर भीड़ को काबू करने के लिए गोली चलवाई थी जिससे कई नागरिकों की जान चली गई थी। जब नेपाल के प्रधानमंत्री आम चुनाव सभा के दौरान जनता को संबोधित कर रहे थे तब उन्होंने नेपाल की जनता से वादा किया था कि अगर वह सत्ता में आए तो केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
नेपाल में युवा अब अपना भरोसा बालेंद्र शाह पर जता चुके है। नेपाल की जनता को उम्मीद है कि वह जिन कमियों से गुजर रहे है वह कमी अब बालेंद्र शाह पूरा करेंगे। यहां बालेंद्र शाह अब मात्र 35 वर्ष की आयु में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बन गए है। उन्होंने नेपाल के राष्ट्रपति के सामने पीएम पद की शपथ की। भारत के प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर बालेंद्र शाह को बधाई दी और उन्होंने भारत और नेपाल के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने की शुभकामनाएं दी।
इन बिंदुओं पर हुआ था पिछले साल आंदोलन
केपी शर्मा ओली की जब सरकार थी तब उन्होंने एक फैसला लिया और वह फैसला नेपाल की जनता के लिए मील का पत्थर साबित हो गया। ओली सरकार ने एक अधिनियम पारित किया था जिसमें उन्होंने कुछ सोशल मीडिया ऐप्स को नेपाल में पूरी तरह बंद कर दिया था। उन सोशल मीडिया ऐप्स में फेसबुक, इंस्टाग्राम, मैसेंजर, वॉट्सएप, टेलीग्राम मुख्य रूप से शामिल थे। आज का युवा जहां अपना काम वॉट्सएप टेलीग्राम के माध्यम से आसानी से करता है तो वही अगर अचानक से इन एप्स को बंद कर दिया जाए तो आम जन को दिक्कत तो होगी ही।
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इनके अलावा भी थे और कुछ प्रमुख बिंदु
ओली सरकार के गिरने का प्रमुख कारण केवल एप्स को बंद करना हीं नहीं था बल्कि सालों से ओली सरकार द्वारा ठीक से कम न किया जाना भी था। उनमें प्रमुख कारण यह थे–
1. बेरोजगारी– नेपाल की जनता लगातार कई वर्षों से रोजगार की मांग कर रही है लेकिन ओली सरकार ने बार बार उनकी मांगों को ठुकरा दिया। बालेंद्र शाह ने उस समय काठमांडू के मेयर रहते zen z के साथ बेरोजगारी विषय पर आवाज उठाई।
2. अर्थव्यवस्था–नेपाल भारत के उत्तरप्रदेश से लगा हुआ एकमात्र हिंदू राष्ट्र है। भारत की अर्थव्यवस्था दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है लेकिन नेपाल वही का वही है। न की आयत के साधन न की निर्यात के साधन।
3. राजशाही– ओली सरकार लंबे वर्षों से सत्ता में थी। नेपाल की जनता भी बदलाव चाहती थी। आरोप यह भी है कि ओली सरकार को जब भी बहुमत न मिलता तो वह दूसरी पार्टी के साथ गठबंधन कर फिर से अपना सरकार बना लेती और फिर से सत्ता पर आ जाती। इससे नेपाल की जनता काफी परेशान थी और इस बार उन्होंने ठान लिया कि ओली सरकार को किसी भी कीमत पर गिराना ही है।
भारत की भूमिका
अब भारत की भूमिका इस पूरे मुद्दे पर क्या रहेगी यह तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर निर्भर रहेगा। जब ओली सरकार गिरी तो नेपाल में उग्र आंदोलन चालू हो गया। नेपाल में इतना तनाव बढ़ गया कि नेपाल में प्रधानमंत्री ऑफिस, प्रधानमंत्री का घर और यहां तक संसद में आग फूंक दी। इस बात से यह अंदाजा लगाया जा सकता था कि नेपाल की जेन z कितनी परेशान थी।







