नेपाल के इतिहास में 27 मार्च का दिन स्वर्णिम अध्याय में लिख गया। नेपाल के नए पीएम बालेन्द्र शाह ने नेपाल के 40वे प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। बालेंद्र शाह को नेपाल की आम जनता अब अपने प्रधानमंत्री के रूप में बालेंद्र शाह को चुन लिया है। रैपर से राजनेता बने बालेंद्र शाह zen Z क्रांति के उभरते नेता के तौर में सामने आए है।
महज कुछ ही साल पहले आए इस नेता ने इस कदर अपनी छाप नेपाल की जनता के सामने छोड़ी कि नेपाल की जनता ने उन्हें प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा दिया। अब बालेंद्र शाह 35 वर्ष की आयु में नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए है। राष्ट्रपति पौडेल ने बालेंद्र शाह को शपथ दिलाई। कोई सोच भी नहीं सकता था कि रैप करने वाला की रैपर आज देश के राजनीतिक वातावरण को इतनी जल्दी बदल देगा। जिस तरह जेन z ने तख्तापलट किया और युवाओं की बात समझे ऐसे प्रधानमंत्री को चुना उस बात से साफ स्पष्ट है कि बालेंद्र शाह को अब नेपाल के युवाओं की हर बात सुननी पड़ेगी।
बालेंद्र शाह का राजनैतिक सफर
रैपर बालेंद्र शाह को खुद भी पता नहीं था कि वह आज इतने बड़े पद पे देश को संभालेंगे। वो 30 मई 2022 में काठमांडू के 15वे मेयर के रूप में शपथ ली थी तब उनके पास राजनैतिक अनुभव कम ही था। आम चुनावों के बाद साफ स्पष्ट था कि नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ही होंगे। वह 18 जनवरी 2026 तक काठमांडू के मेयर रहे। आम चुनाव में नेपाल के जेन z ने बालेंद्र शाह को अपनी पहली पसंद बताया। बालेंद्र शाह की भी पार्टी आम चुनाव में पूरे पहुमत से चुनाव जीती और नेपाल में अपनी सरकार बनाई।
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बालेंद्र शाह ने शपथ के बाद सुशीला कार्की को गले लगाया
शपथ के बाद बालेंद्र शाह ने सुशीला कार्की को गले लगाकर उनका अभिवादन किया। जब के पी शर्मा ओली ने तख्तापलट के दौरान इस्तीफा दिया था तब सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का प्रधानमंत्री चुना गया था। सुशीला कार्की भारतीय मूल की है और उन्होंने अपनी पढ़ाई BHU से पूर्ण की है। वो भारत से काफी जुड़ी हुई है। बालेंद्र शाह भी सुशीला कार्की को अपने मार्गदर्शक के रूप में देखते है।
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भारत से रिश्ता कैसा रहेगा यह अब बालेंद्र शाह पर निर्भर
बालेंद्र शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने x हैंडल के माध्यम से बालेंद्र शाह को बधाई दी और उन्होंने यह भरोसा जताया कि भारत नेपाल के बीच रिश्ते और अधिक मजबूत होंगे। दोनों देश आपस में मिलकर कई समझौतों और कई योजनाओं में विचार कर दोनों देशों के बीच आपसी भाईचारा बनाए रखेंगे। बालेंद्र शाह को भी भारत का मित्र बताया जा रहा है। अगर बालेंद्र शाह को कुर्सी पर बने रहना है तो उनको भारत का साथ किसी भी कीमत पर चाहिए हीं होगा क्योंकि भारत नेपाल के लिए टूरिज्म के क्षेत्र में सबसे बड़ा व्यापार रास्ता है। भारत से ही कई श्रद्धालु काठमांडू जाते हैं और वहां पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करते हैं। अब देखना यह होगा कि कैसे बालेंद्र शाह भारत और नेपाल के बीच रिश्तों को संभाल पाते है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा और भी कई देशों के नेताओं ने बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।







