डेलीबार्ता,ग्वालियर।मध्यप्रदेश के ग्वालियर से एक ब्यूटी पार्लर की गंभीर लापरवाही ने एक उभरती हुई मॉडल का चेहरा और करियर दोनों संकट में डाल दिया। साल 2021 में वैक्स के दौरान ज्यादा केमिकल मिलाने से मॉडल प्रज्ञा शुक्ला का चेहरा बुरी तरह झुलस गया। लगातार इलाज और मानसिक पीड़ा के बाद आखिरकार उपभोक्ता फोरम ने ब्यूटी पार्लर की गलती को स्वीकार करते हुए उस पर जुर्माना लगाया है। यह मामला न सिर्फ सौंदर्य सेवाओं में लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों की अहमियत को भी सामने लाता है।
वैक्स कराने गई थीं मॉडल, बन गया जिंदगी का सबसे दर्दनाक अनुभव
ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित ऊदाजी की पायगा निवासी प्रज्ञा शुक्ला पेशे से मॉडल हैं। वे कई वर्षों से मॉडलिंग के क्षेत्र में सक्रिय थीं और इस फील्ड में अपना भविष्य संवारने की कोशिश कर रही थीं। साल 2021 में, जब उनकी उम्र करीब 30 वर्ष थी, तब वे विभिन्न प्रतियोगिताओं और प्रोजेक्ट्स में हिस्सा ले रही थीं।
इसी दौरान 16 अगस्त 2021 को वे चेहरे पर वैक्स कराने के लिए नई सड़क स्थित कायाकल्प ब्यूटी पार्लर एंड मेकअप स्टूडियो पहुंचीं। पार्लर की प्रोपराइटर सुनीता सोनी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि यहां बेहतरीन सर्विस और उच्च गुणवत्ता के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है।
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केमिकल की अधिक मात्रा बनी चेहरे के बिगड़ने की वजह
प्रज्ञा के मुताबिक, वैक्स के दौरान पार्लर स्टाफ ने वैक्स में जरूरत से ज्यादा केमिकल मिला दिया। इतना ही नहीं, हड़बड़ी में कुछ केमिकल सीधे उनके चेहरे पर गिर भी गया। इसके तुरंत बाद उनके चेहरे पर तेज जलन और असहनीय दर्द शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ती देख प्रज्ञा ने मौके पर ही आपत्ति जताई। इस पर पार्लर संचालिका सुनीता सोनी ने उनके चेहरे पर एक लेप लगाया और कहा कि थोड़ी देर में सब ठीक हो जाएगा और चेहरा पहले जैसा सामान्य हो जाएगा। उस समय प्रज्ञा को यही उम्मीद थी कि यह एक अस्थायी समस्या है।
समय के साथ बढ़ती गई परेशानी, उभर आए घाव और स्पॉट
हालांकि, पार्लर से लौटने के बाद भी चेहरे की जलन और लालिमा कम नहीं हुई। कुछ दिनों में ही चेहरे पर घाव और गहरे स्पॉट उभरने लगे। हालात बिगड़ते देख प्रज्ञा ने कई स्किन स्पेशलिस्ट से संपर्क किया।
एक साल तक कराया ईलाज
करीब एक साल तक उन्होंने लगातार इलाज कराया, दवाइयां लीं और डॉक्टरों की सलाह पर विभिन्न ट्रीटमेंट कराए, लेकिन चेहरे पर बने दाग और घाव ठीक नहीं हुए। धीरे-धीरे यह समस्या स्थायी रूप लेने लगी।
डॉक्टरों ने बताया सर्जरी ही आखिरी विकल्प
लगातार इलाज के बाद भी जब कोई सुधार नहीं हुआ तो आखिरकार स्किन स्पेशलिस्ट्स ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि अब इन स्पॉट्स को हटाने के लिए सर्जरी ही एकमात्र विकल्प है। डॉक्टरों ने इसके लिए करीब 50 हजार रुपए का खर्च भी बताया। यह खबर प्रज्ञा के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं थी। एक तरफ उनका चेहरा खराब हो चुका था और दूसरी ओर आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा था।
मॉडलिंग करियर पर पड़ा सीधा असर
प्रज्ञा शुक्ला ने बताया कि उनके पास उस समय कई मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स थे। चेहरे पर पड़े दाग-धब्बों की वजह से उन्हें काम मिलना बंद हो गया। मॉडलिंग जैसे प्रोफेशन में चेहरे की अहमियत सबसे ज्यादा होती है और यही उनकी सबसे बड़ी पूंजी थी।
चेहरा बिगड़ने से उनका आत्मविश्वास भी टूट गया। कई मौके हाथ से निकल गए और करियर पर गहरा असर पड़ा। हालात ऐसे बने कि जिस सपने को लेकर उन्होंने यह फील्ड चुनी थी, वह खतरे में पड़ गया।
पहले आश्वासन, फिर जिम्मेदारी से पल्ला
शुरुआत में ब्यूटी पार्लर की संचालिका सुनीता सोनी ने इलाज का आश्वासन दिया था। लेकिन जैसे-जैसे मामला गंभीर होता गया, पार्लर प्रबंधन ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना शुरू कर दिया।
प्रज्ञा का कहना है कि जब उन्होंने इलाज और नुकसान की भरपाई की बात की तो पार्लर की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। मजबूर होकर उन्हें कानूनी रास्ता अपनाना पड़ा।
उपभोक्ता फोरम की शरण में गईं प्रज्ञा
लगातार अनदेखी और नुकसान के बाद प्रज्ञा शुक्ला ने 22 सितंबर 2023 को जिला उपभोक्ता फोरम में ब्यूटी पार्लर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में पार्लर की लापरवाही, मानसिक पीड़ा, आर्थिक नुकसान और करियर पर पड़े असर का जिक्र किया।
मामले की सुनवाई करीब दो साल तक चली। दोनों पक्षों को सुनने के बाद 16 दिसंबर 2025 को अंतिम सुनवाई पूरी हुई।
फोरम का बड़ा फैसला, 18 जनवरी 2026 को आया आदेश
जिला उपभोक्ता फोरम ने 18 जनवरी 2026 को अपना फैसला सुनाया। फोरम ने स्पष्ट रूप से माना कि ब्यूटी पार्लर की लापरवाही से मॉडल का चेहरा बिगड़ा और यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत सेवाओं में कमी का मामला है।
फोरम ने कायाकल्प ब्यूटी पार्लर की प्रोपराइटर सुनीता सोनी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही 2 हजार रुपए कोर्ट खर्च के रूप में प्रज्ञा शुक्ला को देने का आदेश भी दिया गया।
समय पर भुगतान नहीं किया तो देना होगा ब्याज
फोरम ने अपने आदेश में यह भी कहा कि यदि यह राशि 45 दिनों के भीतर अदा नहीं की जाती है, तो उस पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। यह आदेश उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फोरम की टिप्पणी,सौंदर्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
फोरम ने अपने आदेश में कहा कि सौंदर्य सेवाएं देने वाले सेवा प्रदाताओं पर यह जिम्मेदारी होती है कि वे पूरी सावधानी और पेशेवर दक्षता के साथ काम करें। केमिकल प्रोडक्ट्स का उपयोग करते समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर उपभोक्ता के शरीर और स्वास्थ्य पर पड़ता है। फोरम ने माना कि इस मामले में वैक्स के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे उपभोक्ता को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान हुआ।
उपभोक्ताओं के लिए एक सीख
यह मामला उन सभी उपभोक्ताओं के लिए एक अहम सीख है जो सौंदर्य सेवाओं का उपयोग करते हैं। किसी भी ब्यूटी ट्रीटमेंट से पहले प्रोडक्ट्स की जानकारी, स्टाफ की ट्रेनिंग और सुरक्षा मानकों को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। साथ ही, यह फैसला उन ब्यूटी पार्लर और सैलून संचालकों के लिए भी चेतावनी है कि लापरवाही की कीमत उन्हें कानूनी तौर पर चुकानी पड़ सकती है।
5 साल बाद मिला इंसाफ
करीब पांच साल तक चले संघर्ष के बाद प्रज्ञा शुक्ला को न्याय मिला है। हालांकि जुर्माने की राशि उनके नुकसान की पूरी भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन यह फैसला उनकी लड़ाई और हिम्मत का प्रतीक है।
प्रज्ञा का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ मुआवजा पाना नहीं था, बल्कि यह दिखाना था कि उपभोक्ता अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा सकता है। ग्वालियर का यह मामला बताता है कि सौंदर्य सेवाओं में की गई छोटी-सी लापरवाही भी किसी की जिंदगी पर बड़ा असर डाल सकती है। उपभोक्ता फोरम का यह फैसला न सिर्फ पीड़ित को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि समाज में जिम्मेदार सेवाओं और उपभोक्ता अधिकारों की अहमियत को भी रेखांकित करता है।







