केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंत्रिपरिषद में बदलाव की अटकलों के बीच मेरठ से सांसद अरुण गोविल, पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास और श्रीकांत शिंदे के नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं।
मोदी कैबिनेट में फेरबदल को लेकर बढ़ीं चर्चाएं
सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अपने मंत्रिपरिषद में बदलाव कर सकते हैं। मोदी 3.0 सरकार बनने के बाद यह पहला संभावित कैबिनेट विस्तार माना जा रहा है।
इस संभावित फेरबदल में पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास, मेरठ से लोकसभा सांसद अरुण गोविल और श्रीकांत शिंदे के नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं।
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अरुण गोविल के नाम पर क्यों हो रही चर्चा?
लोकप्रिय टीवी धारावाहिक रामायण में ‘श्रीराम’ की भूमिका निभाने वाले और वर्तमान में मेरठ से सांसद अरुण गोविल को मंत्रिपरिषद में शामिल किए जाने की अटकलें ऐसे समय सामने आई हैं, जब उत्तर प्रदेश में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला चर्चा में है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि सरकार उनकी साफ-सुथरी और ‘श्रीराम’ वाली लोकप्रिय छवि का राजनीतिक रूप से लाभ उठाने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उत्तर प्रदेश और आगामी चुनाव भी चर्चा का हिस्सा
अगले वर्ष की शुरुआत में उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यह भी चर्चा है कि केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश से मंत्रियों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर सकती है।
चूंकि अरुण गोविल का राजनीतिक करियर इसी लोकसभा चुनाव से शुरू हुआ है और हिंदी भाषी राज्यों में उनकी लोकप्रियता काफी अधिक है, इसलिए राजनीतिक विश्लेषकों के बीच उनके संभावित राजनीतिक उपयोग को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं।
किन नेताओं के नाम हैं चर्चा में?
कैबिनेट विस्तार को लेकर यह भी अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास को वित्त मंत्री की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
इसी तरह, शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को NDA में लाने की रणनीति के तहत श्रीकांत शिंदे को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की चर्चा है।
इसके अलावा अनुराग ठाकुर की मंत्रिपरिषद में वापसी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित शामिल होने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
वहीं, चर्चा यह भी है कि धर्मेंद्र प्रधान, हरदीप सिंह पुरी, रवनीत सिंह बिट्टू और करीब आधा दर्जन राज्य मंत्रियों को मंत्रिपरिषद से बाहर किया जा सकता है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच कहां तक पहुंची?
राम मंदिर में दान की चोरी के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में सभी आरोपियों के खिलाफ चोरी के पुख्ता सबूत मिले हैं।
जांच एजेंसियों का कहना है कि CCTV फुटेज में आरोपी चढ़ावे की नकदी और जेवर चोरी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। जांच रिपोर्ट और न्यायिक रिमांड नोट में चोरी, CCTV फुटेज, अनियमितताओं, टिन्नू की जिम्मेदारियों और अन्य साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है।
79.84 लाख रुपये की बरामदगी का दावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक सात आरोपियों की निशानदेही पर करीब 79.84 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि आठवें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई है और उसे साजिश का हिस्सा बताया गया है।
पुलिस का कहना है कि टिन्नू के पास कैश काउंटर, दान पेटी और नोट गिनने वाले हॉल की चाबियां रहती थीं।
जांच में अनुकल्प मिश्रा पर वाउचर बनाने की प्रक्रिया में गड़बड़ी करने और अपने बहनोई लव कुश मिश्रा के साथ मिलकर हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने लव कुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपये बरामद करने का दावा किया है।
जांच में यह भी सामने आया कि कई आरोपियों को सिफारिश के आधार पर नोट गिनने के काम में लगाया गया था और ड्यूटी समाप्त होने के बाद उनकी तलाशी भी नहीं ली जाती थी।
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Conclusion
मोदी कैबिनेट के संभावित विस्तार को लेकर कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक किसी भी नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। दूसरी ओर, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है, जिसमें पुलिस कई अहम बरामदगी और सबूत मिलने का दावा कर रही है।







