विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के ग्रुप-सी में खेले गए हाई-स्कोरिंग और रोमांचक मुकाबले में मुंबई ने हिमाचल प्रदेश को सात रन से पराजित कर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। कोहरे की वजह से देरी से शुरुआत से प्रभावित इस मुकाबले को 33-33 ओवर प्रति पारी का किया गया था, जिसमें दर्शकों को अंत तक सांस रोक देने वाला संघर्ष देखने को मिला।
मैच में मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 33 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 299 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में हिमाचल प्रदेश की टीम ने जोरदार प्रयास किया, लेकिन पूरी टीम 32.4 ओवरों में 292 रन पर सिमट गई और लक्ष्य से सिर्फ सात रन पीछे रह गई।
मैच की पृष्ठभूमि
ग्रुप-सी में यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम था। मुंबई जहां क्वार्टरफाइनल की ओर कदम बढ़ाना चाहती थी, वहीं हिमाचल प्रदेश के लिए यह मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा था। सीमित ओवरों में बड़े स्कोर और आक्रामक क्रिकेट की उम्मीद पहले से ही जताई जा रही थी, जिसे दोनों टीमों ने मैदान पर उतारकर दिखाया।
मैच से पहले बारिश के कारण ओवरों में कटौती करनी पड़ी और मुकाबला 33 ओवर प्रति पारी तक सीमित कर दिया गया। छोटे फॉर्मेट के चलते शुरुआत से ही बल्लेबाजों पर तेजी से रन बनाने का दबाव था। टॉस के बाद मुंबई ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, जो अंत में सही साबित हुआ
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मुंबई की बल्लेबाजी: आक्रामक सोच, बड़ा स्कोर
मुंबई ने सीमित ओवरों का पूरा फायदा उठाते हुए आक्रामक बल्लेबाजी की। पारी की शुरुआत से ही रन गति ऊंची रखी गई और विकेट गिरने के बावजूद बल्लेबाजों ने हाथ नहीं रोके।
टीम के लिए कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को संभालते हुए जिम्मेदारी दिखाई और बड़े स्कोर की नींव रखी। मध्यक्रम में मुशीर खान ने तेज़ रन बनाकर पारी को गति दी। लगातार विकेट गिरने के बावजूद मुंबई का रन रेट गिरा नहीं और टीम ने 33 ओवरों में 299/9 का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
यह स्कोर छोटे मुकाबले में बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था और इससे साफ था कि हिमाचल प्रदेश को जीत के लिए असाधारण बल्लेबाजी करनी होगी।
हिमाचल प्रदेश की गेंदबाजी
हिमाचल प्रदेश के गेंदबाजों ने पूरी कोशिश की, लेकिन मुंबई के बल्लेबाजों की आक्रामक सोच के सामने वे पूरी तरह रन रोकने में सफल नहीं हो सके। बीच के ओवरों में कुछ विकेट जरूर गिरे, लेकिन डेथ ओवरों में मुंबई ने तेजी से रन बटोरे, जिससे लक्ष्य और भी मुश्किल हो गया।
हिमाचल प्रदेश की पारी: जबरदस्त संघर्ष, लेकिन सात रन की कमी
300 रन के करीब लक्ष्य का पीछा करने उतरी हिमाचल प्रदेश की टीम ने हार नहीं मानी और शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। पावरप्ले में तेजी से रन बटोरे गए और रन रेट को आवश्यक स्तर के आसपास बनाए रखा गया।
मध्यक्रम में हिमाचल के बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी लेते हुए बड़े शॉट खेले और टीम को मुकाबले में बनाए रखा। एक समय ऐसा लगा कि मैच हिमाचल की पकड़ में जा सकता है, लेकिन जैसे-जैसे अंतिम ओवर नजदीक आए, दबाव बढ़ता गया।
अंतिम कुछ ओवरों में विकेट गिरने से लक्ष्य मुश्किल होता चला गया और पूरी टीम 32.4 ओवरों में 292 रन बनाकर आउट हो गई। इस तरह हिमाचल प्रदेश की टीम जीत से महज सात रन दूर रह गई।
मुंबई की गेंदबाजी: संयम और दबाव की परीक्षा में सफल
मुंबई के गेंदबाजों के लिए यह आसान मुकाबला नहीं था। बड़े लक्ष्य का बचाव करते हुए उन्होंने दबाव में भी संयम बनाए रखा। मध्य और अंतिम ओवरों में विकेट निकालना ही मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
गेंदबाजों ने रन-रेट पर लगाम लगाने की कोशिश की और समय-समय पर विकेट निकालकर हिमाचल की लय तोड़ी। आखिरी ओवरों में बढ़ते दबाव ने हिमाचल के बल्लेबाजों को जोखिम भरे शॉट खेलने पर मजबूर किया, जिसका फायदा मुंबई को मिला।
इस रोमांचक जीत के साथ मुंबई ने ग्रुप-सी में अपने अंक और नेट रन रेट को मजबूत किया और क्वार्टरफाइनल की ओर एक और ठोस कदम बढ़ाया। वहीं हिमाचल प्रदेश के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही, क्योंकि टीम जीत के बेहद करीब पहुँचकर चूक गई।







