व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

​केरल में नया राजनीतिक युग –  वी.डी. सतीशन ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ 60 साल बाद पूरी कैबिनेट का एक साथ ऐतिहासिक शपथ ग्रहण

​केरल में नया राजनीतिक युग -  वी.डी. सतीशन ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ 60 साल बाद पूरी कैबिनेट का एक साथ ऐतिहासिक शपथ ग्रहण
नवजोत कौर सिद्धू
On: मई 18, 2026 1:44 अपराह्न
Follow Us:

​केरल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ और कद्दावर नेता वी.डी. सतीशन ने केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली है। तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक भव्य और गरिमामयी समारोह में राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।

​इस शपथ ग्रहण समारोह की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक विशेषता यह रही कि मुख्यमंत्री के साथ उनके 20-सदस्यीय कैबिनेट ने भी एक साथ पद की शपथ ली। केरल के संसदीय इतिहास में लगभग 60 वर्षों के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब मुख्यमंत्री और पूरी कैबिनेट मंत्रियों ने एक ही दिन, एक ही मंच से एक साथ शपथ ग्रहण की हो। इस अभूतपूर्व घटना ने इस राजनीतिक सत्ता परिवर्तन को बेहद खास और ऐतिहासिक बना दिया है।

​समारोह का आयोजन स्थल और भव्यता

​यह ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के प्रतिष्ठित सेंट्रल स्टेडियम  में आयोजित किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में सुरक्षा और प्रोटोकॉल के कड़े इंतजाम किए गए थे। समारोह में हजारों की संख्या में कांग्रेस और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के कार्यकर्ता, समर्थक, विभिन्न क्षेत्रों के वीआईपी और आम जनता साक्षी बने। पूरे राज्य से आए लोगों के उत्साह ने इस दिन को एक उत्सव के रूप में बदल दिया।

read more :

​सत्ता परिवर्तन और नए मंत्रिमंडल का स्वरूप

​केरल में यह सत्ता परिवर्तन राज्य की राजनीति को एक नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में गठित 20-सदस्यीय कैबिनेट में अनुभवी राजनेताओं और युवा चेहरों का एक बेहतरीन संतुलन देखने को मिला है।

​कैबिनेट में शामिल मुख्य रूप से शामिल प्रमुख नामों में

  • वी.डी. सतीशन –  मुख्यमंत्री (गृह और सामान्य प्रशासन विभाग)
  • के. सुधाकरन – वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कैबिनेट मंत्री
  • रमेश चेन्निथला –  पूर्व विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कैबिनेट सहयोगी
  • पी.के. कुन्हालीकुट्टी –  इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के प्रमुख नेता

​नए मंत्रिमंडल में समाज के हर वर्ग, क्षेत्र और गठबंधन के सहयोगी दलों को उचित प्रतिनिधित्व देकर एक समावेशी सरकार बनाने का संदेश दिया गया है। सरकार ने अपनी पहली प्राथमिकता राज्य के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और जनकल्याणकारी योजनाओं को रफ्तार देना बताया है।

​विपक्ष और अन्य दलों की भागीदारी

​इस लोकतांत्रिक उत्सव की एक और खूबसूरत तस्वीर तब देखने को मिली जब समारोह में राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

  • विपक्ष की मौजूदगी –  निवर्तमान मुख्यमंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) के वरिष्ठ नेताओं ने समारोह में हिस्सा लिया और नई सरकार को शुभकामनाएं दीं।
  • गठबंधन दलों की एकजुटता –  कांग्रेस के नेतृत्व वाले मोर्चे (UDF) के सहयोगी दलों जैसे इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), केरल कांग्रेस (एम) और अन्य घटक दलों के शीर्ष नेता मंच पर अग्रिम पंक्ति में मौजूद रहे, जो नई सरकार की मजबूती और एकजुटता को प्रदर्शित कर रहा था।
  • राष्ट्रीय नेताओं का जमावड़ा – अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के शीर्ष नेतृत्व और राष्ट्रीय स्तर के कई विपक्षी दिग्गजों ने भी इस समारोह में शिरकत कर वी.डी. सतीशन को बधाई दी।

​60 साल बाद बना यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड

​केरल की राजनीति में अमूमन यह देखा गया है कि मुख्यमंत्री पहले शपथ लेते हैं और कैबिनेट का विस्तार बाद में चरणों में किया जाता है। लेकिन लगभग छह दशकों के बाद यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री के साथ सभी 20 मंत्रियों ने एक ही समय पर शपथ ली। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम नई सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और सहयोगियों के बीच गहरे तालमेल और आपसी सहमति को दर्शाता है।

​ वी.डी. सतीशन का मुख्यमंत्री बनना और पूरी कैबिनेट का एक साथ शपथ लेना केरल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है। जनता को इस नई सरकार से काफी उम्मीदें हैं, और विपक्ष की गरिमामयी उपस्थिति ने केरल की समृद्ध लोकतांत्रिक परंपरा को एक बार फिर दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया है।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment