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वेलिंगटन में केर का ‘विराट’ अवतार- न्यूजीलैंड ने 347 रन चेज कर रचा इतिहास

वेलिंगटन में केर का 'विराट' अवतार- न्यूजीलैंड ने 347 रन चेज कर रचा इतिहास
नवजोत कौर सिद्धू
On: अप्रैल 2, 2026 12:30 अपराह्न
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वेलिंगटन |  महिला क्रिकेट के इतिहास में कुछ पारियां ऐसी होती हैं जो रिकॉर्ड बुक बदलने के लिए खेली जाती हैं, लेकिन बुधवार को वेलिंगटन के बेसिन रिजर्व मैदान पर अमेलिया केर ने जो किया, उसने इस खेल की परिभाषा ही बदल दी। दक्षिण अफ्रीका द्वारा रखे गए 347 रनों के ‘हिमालयी’ लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड ने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि महिला वनडे क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन-चेज  कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। इस ऐतिहासिक जीत की सूत्रधार रहीं स्टार ऑलराउंडर अमेलिया केर, जिन्होंने नाबाद 179 रनों की ऐसी पारी खेली जिसे आने वाली पीढ़ियां एक ‘टेक्स्टबुक’ की तरह याद रखेंगी।

जब दक्षिण अफ्रीका ने बनाया रनों का अंबार

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 4 विकेट खोकर 346 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट  ने शुरुआत से ही कीवी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट्स खेलते हुए एक शानदार शतक जड़ा। मध्यक्रम में एंके बॉश ने उनका बखूबी साथ निभाया। लेकिन मैच का असली मोमेंटम अंत में क्लो ट्रायन ने बदला, जिन्होंने अंतिम ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी करते हुए स्कोर को 340 के पार पहुँचाया। उस वक्त डगआउट में बैठी न्यूजीलैंड की टीम के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती थीं, क्योंकि महिला क्रिकेट में 347 का लक्ष्य हासिल करना लगभग नामुमकिन माना जाता था।

शुरुआती झटकों से सहमी कीवी टीम

लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम ने अपने शीर्ष क्रम के तीन विकेट मात्र 80 रन के भीतर गंवा दिए। दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाजों की स्विंग और गति के सामने कीवी बल्लेबाज बेबस नजर आ रहे थे। जब स्कोरबोर्ड पर 130 रन थे, तब तक न्यूजीलैंड अपने 4 प्रमुख विकेट खो चुका था। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों और खेल विशेषज्ञों को लगने लगा था कि मैच अब केवल एक औपचारिकता रह गया है।

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अमेलिया केर: एक योद्धा की तरह डटी रहीं

ऐसी विषम परिस्थितियों में क्रीज पर आईं अमेलिया केर ने जिम्मेदारी संभाली। शुरुआती 30 गेंदों पर उन्होंने बेहद सावधानी से खेला और एक-एक रन के लिए संघर्ष किया। लेकिन जैसे ही उनकी नजरें जम गईं, उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी स्पिनरों पर प्रहार करना शुरू कर दिया। केर की बल्लेबाजी में वह आत्मविश्वास दिखा जो अक्सर बड़े मैचों के खिलाड़ियों में होता है।

उन्होंने अपनी पारी को तीन चरणों में बांटा पहला चरण शुरुआती विकेट गिरने के बाद पारी को संभालना और स्ट्राइक रोटेट करना,दूसरा चरण इज़ी गेज़ के साथ मिलकर पारी को गति देना और तीसरा चरण अंतिम 10 ओवरों में चौकों और छक्कों की बरसात कर लक्ष्य को करीब लाना।

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इज़ी गेज़ के साथ ने निभाई अहम भूमिका

जब एक छोर पर केर संघर्ष कर रही थीं, तब दूसरे छोर पर युवा खिलाड़ी इज़ी गेज़  ने साहस का परिचय दिया। गेज़ ने केर पर से दबाव कम करने के लिए कुछ जोखिम भरे शॉट्स खेले। दोनों के बीच हुई 150 से अधिक रनों की साझेदारी ने मैच का पासा पलट दिया। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान वोल्वार्ड्ट ने सात अलग-अलग गेंदबाजों का इस्तेमाल किया, लेकिन उस दिन केर और गेज़ के बीच की दीवार को तोड़ना नामुमकिन साबित हुआ।

सांस रोक देने वाला आखिरी लम्हा

मैच के आखिरी तीन ओवरों में न्यूजीलैंड को जीत के लिए 28 रनों की दरकार थी। दबाव दोनों तरफ था। दक्षिण अफ्रीका को पता था कि एक विकेट उन्हें मैच में वापस ला सकता है, जबकि कीवी टीम को हर गेंद पर बाउंड्री की तलाश थी। 49वें ओवर में केर ने दो शानदार चौके जड़कर समीकरण को आसान कर दिया। आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर जब केर ने मिड-विकेट के ऊपर से गेंद को सीमा रेखा के बाहर भेजा, तो पूरा स्टेडियम ‘केर-केर’ के नारों से गूंज उठा।

टूटा भारत का पुराना रिकॉर्ड

इस जीत के साथ ही न्यूजीलैंड ने महिला वनडे में सबसे सफल रन-चेज का भारतीय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। अब तक 300 से अधिक का लक्ष्य हासिल करना एक दुर्लभ घटना मानी जाती थी, लेकिन 347 रन बनाकर न्यूजीलैंड ने स्पष्ट कर दिया है कि अब महिला क्रिकेट में कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं है।

क्रिकेट जगत ने दी बधाई

इस जीत के बाद क्रिकेट के दिग्गजों ने अमेलिया केर की तारीफों के पुल बांध दिए हैं। पूर्व क्रिकेटरों का कहना है कि यह पारी केवल रनों के लिए नहीं, बल्कि उस ‘जज्बे’ के लिए याद रखी जाएगी जिसने हार की कगार पर खड़ी टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया।

मैच के बाद अमेलिया केर ने कहा:

“सच कहूँ तो मुझे स्कोरबोर्ड की चिंता नहीं थी। मैं बस अगली गेंद पर ध्यान दे रही थी। इज़ी (गेज़) ने मेरा बहुत साथ दिया। यह जीत पूरी टीम की मेहनत और उस अटूट विश्वास का नतीजा है कि हम किसी भी परिस्थिति से वापसी कर सकते हैं।”

भविष्य का संकेत: नया महिला क्रिकेट

यह मुकाबला महज एक मैच नहीं था, बल्कि महिला क्रिकेट के बढ़ते कद का प्रमाण था। जिस तरह से 340+ का स्कोर बना और उसे सफलतापूर्वक चेज किया गया, वह बताता है कि महिला खिलाड़ी अब शारीरिक और मानसिक रूप से खेल के उच्चतम स्तर को छू रही हैं। आने वाले विश्व कप के लिए यह अन्य टीमों के लिए एक बड़ी चेतावनी है—न्यूजीलैंड की टीम अब ‘असंभव’ शब्द को अपनी डिक्शनरी से हटा चुकी है।

वेलिंगटन की इस शाम ने यह साबित कर दिया कि खेल में ‘चमत्कार’ केवल संयोग नहीं होते, वे कड़ी मेहनत और कभी न हार मानने वाले जज्बे की उपज होते हैं।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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