लाहौर। पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने घरेलू सरजमीं पर एक बड़ा धमाका करते हुए ऑस्ट्रेलिया को तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी और निर्णायक मुकाबले में धूल चटा दी है। लाहौर के ऐतिहासिक गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए इस सांसें रोक देने वाले मैच में मेजबान टीम ने कंगारुओं को 4 विकेट से मात दी। इस शानदार जीत के साथ ही पाकिस्तान ने सीरीज पर 2-1 से कब्जा जमाकर इतिहास रच दिया। मैच की कहानी बिल्कुल किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म जैसी रही, जहां पहले तो पाकिस्तानी गेंदबाजों ने अपनी आग उगलती गेंदों से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी, और बाद में जब पाकिस्तानी बैटिंग लड़खड़ाई, तो निचले क्रम के बल्लेबाजों ने गजब का जिगरा दिखाते हुए टीम को जीत की दहलीज पार कराई।
शुरुआत से ही कंगारुओं पर भारी पड़े पाकिस्तानी गेंदबाज
टॉस का बॉस बनने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम के हौसले बुलंद थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि आगे पिच पर उनके साथ क्या होने वाला है। पाकिस्तान के स्टार तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी ने नई गेंद हाथ में थामते ही ऐसा कहर बरपाया कि ऑस्ट्रेलियाई ओपनर्स के पास उनकी गेंदों का कोई जवाब नहीं था। शाहीन ने अपनी रफ्तार और स्विंग के दम पर कंगारू बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका ही नहीं दिया।पाकिस्तानी गेंदबाजों ने शुरुआत से ही इतनी कसी हुई लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की कि रन बनाना तो दूर, बल्लेबाजों के लिए विकेट बचाना भी मुश्किल हो गया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहने की वजह से ऑस्ट्रेलियाई टीम कभी भी मैच में वापसी नहीं कर सकी और पूरी पारी के दौरान रनों की रफ्तार के लिए छटपटाती नजर आई।
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कप्तान जोश इंग्लिस ने अकेले लड़ी लड़ाई, नहीं मिला किसी का साथ
एक तरफ जहां ऑस्ट्रेलिया के बड़े-बड़े नामी बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह बिखर कर पवेलियन लौट रहे थे, वहीं कप्तान जोश इंग्लिस ने अकेले मोर्चा संभाला। उन्होंने कप्तानी पारी खेलते हुए 65 रनों का बेहद जुझारू योगदान दिया। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने कुछ बेहद खूबसूरत और आकर्षक शॉट्स भी लगाए, जिससे लगा कि ऑस्ट्रेलिया एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच जाएगा।लेकिन अफसोस, दूसरे छोर से उन्हें अपनी टीम के किसी भी बल्लेबाज का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। ऑस्ट्रेलिया का मिडिल ऑर्डर और लोअर ऑर्डर पाकिस्तानी गेंदबाजों के सामने पूरी तरह सरेंडर कर गया। नतीजा यह हुआ कि पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 42 ओवरों में महज 157 रनों पर सिमट गई। मैच से पहले जिस पिच को बल्लेबाजी के लिए स्वर्ग माना जा रहा था, उस पर कंगारुओं का यह स्कोर बेहद बौना और निराशाजनक साबित हुआ।
छोटा लक्ष्य, लेकिन पाकिस्तान के लिए आसान नहीं थी राह
158 रनों के छोटे से टारगेट का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत ठीक-ठाक रही। सलामी बल्लेबाजों ने कुछ अच्छे शॉट्स खेले, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने भी आसानी से हार नहीं मानी और मैच में जोरदार वापसी की।नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से एक वक्त पाकिस्तान की टीम गहरे संकट में नजर आने लगी। स्कोरबोर्ड पर 112 रन थे और पाकिस्तान के 6 मुख्य बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऑस्ट्रेलियाई खेमे में जोश हाई था और मैच किसी भी तरफ पलट सकता था।

शादाब और अब्दुल समद ने दिखाया असली ‘दम’
ऐसे नाजुक मौके पर अनुभवी ऑलराउंडर शादाब खान ने मोर्चा संभाला। उन्होंने युवा बल्लेबाज अब्दुल समद के साथ मिलकर बेहद परिपक्वता से पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने कोई गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलने के बजाय सिंगल-डबल पर भरोसा जताया और विकेट बचाकर टीम को धीरे-धीरे लक्ष्य की तरफ ले गए।सातवें विकेट के लिए दोनों के बीच हुई नाबाद 49 रनों की साझेदारी ने मैच का पासा पूरी तरह पाकिस्तान की तरफ पलट दिया। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज विकेट के लिए तरसते रह गए, लेकिन कामयाबी उनके हाथ नहीं लगी।
41.5 ओवर में खत्म किया खेल, गद्दाफी स्टेडियम में मना जश्न
जीत जैसे-जैसे करीब आती गई, पाकिस्तानी बल्लेबाजों का हौसला बढ़ता गया। आखिरकार, 41.5 ओवर में पाकिस्तान ने 6 विकेट खोकर 161 रन बना लिए और 4 विकेट से मुकाबला जीत लिया। जैसे ही विजयी रन बना, गद्दाफी स्टेडियम में मौजूद हजारों फैंस खुशी से झूम उठे। शादाब खान अंत तक क्रीज पर डटे रहे और उन्होंने ही विनिंग शॉट लगाया। युवा अब्दुल समद ने भी दबाव में गजब का संयम दिखाया।
शाहीन रहे जीत के असली हीरो
भले ही मैच फिनिश करने का काम शादाब और समद ने किया, लेकिन इस जीत की स्क्रिप्ट शाहीन शाह अफरीदी और बाकी गेंदबाजों ने पहली पारी में ही लिख दी थी। ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ 157 रनों पर रोक देना ही इस मैच का टर्निंग पॉइंट रहा। शाहीन ने नई गेंद से जो आग उगली, उसने ऑस्ट्रेलिया को मैच से बाहर कर दिया। उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि वे बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं।
युवाओं ने बिखेरा जलवा
इस पूरी सीरीज में पाकिस्तान के युवा ब्रिगेड ने गजब का खेल दिखाया। खासकर अराफात मिन्हास ने बैट और बॉल दोनों से दमदार खेल दिखाया, जिसके लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया। युवाओं के इस प्रदर्शन ने पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य के लिए एक बेहतरीन संकेत दिया है।







