व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

रूस सरकार और पतंजलि के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता

रूस सरकार और पतंजलि
नवजोत कौर सिद्धू
On: दिसम्बर 7, 2025 12:10 अपराह्न
Follow Us:

बाबा रामदेव जी की पतंजलि और रूस सरकार के बीच में एक बड़ा समझौता हुआ है जिसके तहत दोनों ही व्यापार और कारोबार को आगे बढ़ाएंगे बाबा रामदेव जी का कहना है कि हमें हमारे ऋषि मुनियों की वैलनेस आयुर्वेद विधा को सारी दुनिया को बताना है|जिसका एंट्री प्वाइंट रूस होगा समझौते का मुख्य मकसद रूस में पतंजलि की वेलनेस सेवाओं का विस्तार करना है यह भारत-रूस के आर्थिक संबंधों को और ज्यादा मजबूत करेगा|

रूस सरकार और पतंजलि के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता

होटल लीला पैलेस में हुआ भव्य समारोह

पतंजलि के संस्थापक योग गुरु बाबा रामदेव और रूस के मंत्री सर्गेई चेरेमिन ने इस बाबत एमओयू पर हस्ताक्षर किए,यह साझेदारी मुख्य तौर पर वेलनेस आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों पर केंद्रित है। इससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा के साथ ही ज्ञान साझा करने और नई-नई रिसर्च के होने से व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे। योग गुरु बाबा रामदेव ने बताया कि रूस में लोग योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बहुत पसंद करते हैं,साथ ही उनका पालन भी करते हैं।

भारत के लिये गर्व का क्षण

भारत के लिए यह गर्व का क्षण है, पूरे भारतवर्ष के लिए गर्व का विषय है कि दुनिया में स्वास्थ्य और वेलनेस के सबसे बड़े इन्फ्लुएंसर माने जाने वाले योग गुरु स्वामी रामदेव जी को इस साझेदारी के लिए चुना गया है। स्वामी रामदेव के नेतृत्व में पतंजलि ने न केवल भारत में बल्कि उच्च स्तर पर आयुर्वेद और योग को एक नई पहचान दी है। रूस ने आज पतंजलि के साथ हाथ मिला कर इस बात का प्रमाण दिया है।

You may also read- Global Economic Landscape: Multinational Deals, Foreign Investments and Tech-Sector Activity

200 देशों तक वेलनेस विद्या को पहुंचाना लक्ष्य

स्वामी रामदेव ने कहा कि हमारा लक्ष्य दुनिया के लगभग 200 देशों तक वेलनेस विद्या को पहुंचाना है। जिसमें से रूस इस लक्ष्य को हासिल करने का पहला पड़ाव होगा।
इस समझौते के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बिंदु रूस में पतंजलि की वेलनेस सेवाओं का विस्तार करना है। पतंजलि रूस के साथ मिलकर उम्र को कम करने और लंबी उम्र पर गहन शोध करेगा। इस शोध से गंभीर बीमारियों का पता करने के साथ उनके शरीर में आने से कई साल पहले ही पता लगाया जा सकेगा

संस्कृति और ऋषियों की धरोहर को रूस लेकर जाएगा भारत

अब यह दोस्ती केवल रक्षा और व्यापार तक सीमित न रहकर स्वास्थ्य आध्यात्मिक ज्ञान, संस्कृति, योग, आयुर्वेद और भारत की अनमोल धरोहरों से संबंधित ज्ञान को रूस के साथ साझा करना है। इसके लिए पतंजलि भारत की संस्कृति और ऋषियों की धरोहर को रूस लेकर जाएगी। भारत की ओर से रूस को कुशल श्रमिक और कुशल योगी उपलब्ध कराना है। योग गुरु स्वामी रामदेव जी ने बताया है कि पतंजलि ही एकमात्र प्राइवेट पार्टनर है जिसने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 2 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया है पतंजलि अब रूस को कुशल योगी और कुशल श्रमिक भी प्रदान करेगा।

रुस और भारत मित्र देश

इस समझौते के तहत भारत के उच्च स्तरीय ब्रांड्स को रूस में और रूसी ब्रांड्स को भारत में बढ़ावा दिया जाएगा। पतंजलि अपने विश्वस्तरीय ब्रांड को रूस लेकर जाएगी, जिससे रूस के नागरिकों को भी पतंजलि के गुणवत्ता वाले उत्पादों का लाभ मिलेगा। योग गुरु रामदेव ने कहा कि कि रूस और भारत एक मित्र देश है। यह मित्रता बहुत पुरानी है। आज भारत के लोग राष्ट्रपति पुतिन को एक मजबूत लीडर के तौर पर मानते हैं।उनके द्वारा किया गया प्रदर्शन आज पूरी दुनिया को पता है। उन्होंने कहा है कि इस दोस्ती से कुछ देश बिल्कुल खुश नहीं है पर किसी भी परिस्थिति रूस भारत का मित्र था और रहेगा।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Leave a Comment