नई दिल्ली इंडियन सुपर लीग 2025-26 सीजन में सोमवार को खेले गए मुकाबले में पंजाब एफसी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए इंटर काशी को 3-0 से करारी शिकस्त दी। राजधानी के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए इस मैच में पंजाब की टीम शुरुआत से ही हावी रही और अंत तक मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। यह जीत न केवल पंजाब के लिए तीन महत्वपूर्ण अंक लेकर आई, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
शुरुआत से ही पंजाब का दबदबा
मैच शुरू होते ही पंजाब एफसी ने स्पष्ट कर दिया था कि वे रक्षात्मक खेल खेलने के मूड में नहीं हैं। रेफरी की पहली व्हिसल के साथ ही पंजाब के स्ट्राइकर्स ने इंटर काशी के गोल पोस्ट पर धावा बोल दिया। पहले 15 मिनट में ही पंजाब को दो कॉर्नर मिले, हालांकि काशी की रक्षापंक्ति ने उन्हें विफल कर दिया। लेकिन दबाव लगातार बना रहा। पंजाब के मिडफील्डर्स ने गेंद पर गजब का नियंत्रण रखा और काशी के खिलाड़ियों को गेंद के लिए तरसा दिया।मिडफील्ड में पंजाब के खिलाड़ियों का तालमेल देखने लायक था। छोटे-छोटे पास और विंग्स का सही इस्तेमाल करते हुए उन्होंने काशी के डिफेंडर्स को बार-बार अपनी पोजीशन छोड़ने पर मजबूर किया। इंटर काशी की टीम शुरुआत में थोड़ी सुस्त नजर आई, जिसका पूरा फायदा पंजाब ने उठाया।
पहला गोल: बढ़त का आधार
मैच का पहला गोल 37वें मिनट में आया,पंजाब को विपक्षी टीम के हाफ में एक फ्री-किक मिली। गेंद को बड़ी चतुराई से पेनल्टी बॉक्स के करीब भेजा गया। वहां खड़े समीर जेल्जकोविच ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल के अंदर पहुंचा दिया।
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दूसरे हाफ में भी पंजाब का जलवा
दूसरे हाफ में उम्मीद थी कि इंटर काशी की टीम वापसी करेगी और मैच में बराबरी की कोशिश करेगी। लेकिन पंजाब के इरादे कुछ और ही थे। हाफ शुरू होने के महज 6 मिनट बाद, यानी 51वें मिनट में, पंजाब ने एक और करारा हमला बोला।एक शानदार काउंटर-अटैक पर न्सुंगुसी ने अपनी गति और कौशल का परिचय देते हुए दूसरा गोल दाग दिया।मैच जैसे-जैसे अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा था, पंजाब की पकड़ मज़बूत होती जा रही थी। 72वें मिनट में बेड ओसूजी (Bede Osuji) ने वह काम किया जिसने इंटर काशी की वापसी की रही-सही उम्मीदों को भी खत्म कर दिया। ओसूजी ने डी-एरिया के ठीक बाहर से एक दमदार शॉट लगाया जो सीधे जाली में जा धंसा। 3-0 का स्कोर बोर्ड पर लगते ही यह साफ हो गया था कि पंजाब यह मैच बड़े अंतर से जीतने जा रही है।
डिफेंस और गोलकीपिंग: पंजाब की जीत की असली बुनियाद
जहां एक ओर पंजाब का आक्रमण शानदार रहा, वहीं उनकी रक्षा पंक्ति ने भी कमाल का प्रदर्शन किया। गोलकीपर अर्शदीप सिंह ने कुछ अहम मौकों पर बेहतरीन बचाव कर टीम की बढ़त को सुरक्षित रखा।वहीं, पंजाब के डिफेंडर्स ने पूरे 90 मिनट तक अनुशासन का परिचय दिया। उन्होंने काशी के प्रमुख खिलाड़ियों को मार्क करके रखा और उन्हें खुले मैदान में खेलने की आज़ादी नहीं दी। यही कारण था कि इंटर काशी की टीम पूरे मैच में एक भी प्रभावी मूव नहीं बना पाई।इस मुकाबले में समीर जेकोविच को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने न केवल गोल किया बल्कि पूरे मैच में टीम के खेल को संतुलित बनाए रखा।
अंक तालिका में असर
इस जीत के साथ पंजाब एफसी के 8 मैचों में 14 अंक हो गए हैं और टीम सातवें स्थान पर पहुंच गई है। वहीं इंटर काशी के 9 मैचों में 11 अंक हैं और वह आठवें स्थान पर बनी हुई है।प्लेऑफ की रेस अब और भी दिलचस्प हो गई है। पंजाब की टीम जिस लय में है, उसे देखकर ऐसा लगता है कि वे आने वाले मैचों में भी इसी तरह का दबदबा बनाए रखेंगे। टीम का सामूहिक प्रदर्शन (Team Work) ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। अब पंजाब का अगला मुकाबला काफी अहम होगा, जहाँ वे इसी जीत के सिलसिले को बरकरार रखना चाहेंगे।
कुल मिलाकर, यह मुकाबला पंजाब एफसी की श्रेष्ठता का प्रमाण था। उन्होंने न केवल तीन गोल दागे, बल्कि फुटबॉल के तकनीकी पहलुओं पर भी नियंत्रण रखा। पंजाब के प्रशंसकों के लिए यह एक यादगार मैच रहा। वहीं, फुटबॉल प्रेमियों को एक उच्च स्तरीय खेल देखने को मिला। पंजाब अब जीत के इस रथ को आगे बढ़ाना चाहेगी, जबकि इंटर काशी को नई ऊर्जा और रणनीति के साथ मैदान पर वापसी करनी होगी।खेल के मैदान पर पंजाब की यह ‘दहाड़’ विरोधियों के लिए एक चेतावनी है कि उन्हें कम आंकना बड़ी भूल साबित हो सकती है। आने वाले समय में पंजाब एफसी की यह आक्रामकता उन्हें खिताब की ओर ले जा सकती है।







