सोना और चांदी केवल धातुएं नहीं हैं, बल्कि भारतीय समाज में ये निवेश, सुरक्षा और परंपरा का प्रतीक हैं। फरवरी 2026 की शुरुआत में इन कीमती धातुओं के बाजारों में जो हलचल देखी गई है, उसने पूरी दुनिया के निवेशकों और आम खरीदारों को चौंका दिया है।
एक तरफ जहां जनवरी के अंत तक कीमतें आसमान छू रही थीं, वहीं अचानक आई ‘ऐतिहासिक गिरावट’ ने बाजार के समीकरण बदल दिए हैं।
रिकॉर्ड तोड़ उछाल – जब सोने-चांदी ने रचा इतिहास
जनवरी 2026 के मध्य से अंत तक सोने और चांदी की कीमतों ने वे स्तर छुए जिनकी कल्पना भी नहीं की गई थी। इसके मुख्य कारण वैश्विक तनाव, डॉलर की कमजोरी और डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की नई व्यापारिक नीतियों (Tariffs) से पैदा हुई अनिश्चितता थी।
- सोने का शिखर – 29 जनवरी 2026 को सोने ने ₹1,93,000 प्रति 10 ग्राम (MCX) का सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ।
- चांदी का शिखर – चांदी ने इसी दौरान ₹4,20,000 प्रति किलोग्राम के पार जाकर नया रिकॉर्ड बनाया।
- कारण – निवेशकों ने शेयर बाजार की अस्थिरता से बचने के लिए सोने को ‘सुरक्षित ठिकाना’ (Safe Haven) माना। साथ ही, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की भारी खरीद ने कीमतों को पंख लगा दिए थे।
ऐतिहासिक गिरावट – अचानक क्यों गिरे दाम?
फरवरी 2026 के पहले हफ्ते में सोने और चांदी की कीमतों में 20% से 35% तक की गिरावट दर्ज की गई। चांदी ने तो एक ही दिन में ‘लोअर सर्किट’ (Lower Circuit) को छू लिया। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं|
- मुनाफावसूली (Profit Booking) – ऊंचे दामों पर पहुंचे निवेशकों ने बड़े पैमाने पर अपनी होल्डिंग्स बेचना शुरू किया ताकि वे अपना मुनाफा पक्का कर सकें।
- मार्जिन मनी में बढ़ोतरी – ग्लोबल एक्सचेंजों (CME) और भारत के MCX ने ट्रेडिंग के लिए जरूरी मार्जिन मनी बढ़ा दी, जिससे सट्टेबाजों को अपनी पोजीशन काटनी पड़ी।
- US फेड रिजर्व में बदलाव – डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श (Kevin Warsh) को नया फेड रिजर्व चेयर नामित करने की खबर ने डॉलर को मजबूती दी और सुरक्षित निवेश की मांग कम कर दी।
- बजट 2026 का प्रभाव – भारत के बजट में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) पर टैक्स (STT) बढ़ने और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के नियमों में बदलाव से बाजार में पैनिक सेलिंग (Panic Selling) हुई।
वर्तमान कीमतों का विवरण (फरवरी 2026 के अनुसार)
| धातु | रिकॉर्ड हाई (Jan 2026) | वर्तमान स्तर (Feb 2026) | गिरावट |
| सोना (24K) | ₹1,93,096 | (₹1,48,000 – ₹1,52,000) | 20% |
| चांदी – | ₹4,20,048 | (₹2,60,000 – ₹2,90,000 ) – | 35% |
खरीदारी और बिक्री – क्या हो रहा है बाजार में?
बाजार में वर्तमान में दो तरह की स्थितियां देखने को मिल रही हैं-
- आम ग्राहक (Retail Buyers) – जिनके घरों में शादियां हैं, वे इस गिरावट को एक ईश्वरीय अवसर मान रहे हैं। सराफा बाजारों में गहनों की खरीदारी के लिए भीड़ बढ़ गई है क्योंकि पिछले महीने के मुकाबले सोना करीब ₹40,000 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया है।
- निवेशक (Investors) – बड़े निवेशक फिलहाल ‘रुको और देखो’ (Wait and Watch) की स्थिति में हैं। हालांकि, निचले स्तरों पर ‘सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट’ (SIP) के जरिए निवेश शुरू हो गया है।
एक्सपर्ट्स की राय – अभी खरीदें या बेचें?
बाजार के जानकारों और आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट बाजार का करेक्शन (Correction) है, न कि बुल रन का अंत।
विशेषज्ञों का कहना है – “सोने-चांदी का बुनियादी ढांचा (Fundamentals) अभी भी मजबूत है। वैश्विक अनिश्चितताएं खत्म नहीं हुई हैं। यह गिरावट नए निवेशकों के लिए प्रवेश करने का एक शानदार मौका है।”
क्या करें?
खरीदने वालों के लिए – अगर आप लंबी अवधि (1-3 साल) के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो यह खरीदारी का बेहतरीन समय है। सारा पैसा एक साथ न लगाकर टुकड़ों में (Staggered Manner) खरीदें।
बेचने वालों के लिए – यदि आपने बहुत ऊंचे स्तर पर खरीदा है, तो इस समय पैनिक में आकर न बेचें। सोने का इतिहास रहा है कि वह हर बड़ी गिरावट के बाद एक नया रिकॉर्ड बनाता है।
शादी-ब्याह के लिए – यह खरीदारी का अनुकूल समय है क्योंकि कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट बार-बार नहीं आती।
भविष्य का अनुमान (Q2 – Q4 2026)
अधिकांश विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 की दूसरी छमाही तक सोना फिर से ₹2,15,000 और चांदी ₹5,00,000 के स्तर को छू सकती है। इसका कारण इंडस्ट्रियल डिमांड (विशेषकर सोलर और इलेक्ट्रिक वाहनों में चांदी की मांग) और भू-राजनीतिक तनाव रहेंगे।
डिस्क्लेमर – यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।







