बिहार में कल नया अध्याय लिख गया। बिहार में वर्षों से शासन कर रहे नीतीश कुमार ने इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। नीतीश कुमार ने अपने कैबिनेट की आखिरी बैठक भी ली जहां उन्होंने अपने कैबिनेट के साथियों को धन्यवाद दिया। शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक बनाए जाने पर उन्होंने कल विधायक दल की बैठक ली जहां सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया।
सम्राट चौधरी अभी तक बिहार में उपमुख्यमंत्री का पद संभाल रहे थे। अब वो मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे। सम्राट चौधरी का नाम पहले ही तय था क्योंकि उनसे ज्यादा अनुभवी और सत्ता में पकड़ वाला कोई भी व्यक्ति नहीं था। अभी सम्राट चौधरी के उपमुख्यमंत्री पद से हटने के बाद उनकी जगह किसी नए नाम की घोषणा नही हुई है। अब ये पहला मौका होगा कि जब बिहार में भाजपा का कोई मुख्यमंत्री बना हो। नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के साथ मिलकर भाजपा गठबंधन की सरकार चला रही थीं। हालांकि गठबंधन की सरकार अभी भी है लेकिन मुख्यमंत्री भाजपा का है।
सम्राट चौधरी का राजनीतिक करियर
16 नवंबर 1968 को लखनपुर बिहार में जन्मे सम्राट चौधरी छात्र जीवन से ही राजनीति में जुड़ गए थे। साल 1990 से उन्होंने अपने राजनीति की शुरुआत करी। 1999 में उन्होंने कृषि मंत्री के रूप में शपथ ली। वह 31 वर्ष की आयु में मंत्री बनने वाले सबसे युवा नेता थे।
उसके बाद 2 जून 2014 को नीतीश सरकार में वो शहरी आवास मंत्री बनाए गए। 2018 में वो भारतीय जनता पार्टी का बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया । बीजेपी ज्वाइन करने से पहले सम्राट चौधरी RJD और JDU में भी काम कर चुके थे। उनके लगातार पार्टी के प्रति ईमानदारी एवं समर्पण को देखते हुए सम्राट चौधरी को 2023 में भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। 13 फरवरी 2024 को बिहार में गठबंधन की सरकार बनने के बाद सम्राट चौधरी को बिहार का उपमुख्यमंत्री और वित्तमंत्री बनाया गया। अब वो नीतिश कुमार के राज्यसभा में जाने के बाद बिहार के नए मुख्यमंत्री हैं।
मुख्यमंत्री बनने के बाद आगे क्या..?
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद अब वो राजभवन में राज्यपाल के सामने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का काम नीतीश कुमार की नीतियों को जन जन तक पहुंचाने का होगा। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने ट्वीट करके यह बयान भी दिया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जनता की सेवा का काम पवित्र काम होगा। सम्राट चौधरी के सामने अभी कुछ निम्न चुनौतियां होगी–
- बिहार में भाजपा की नींव को और मजबूत बनाना।
- जंगलराज को पूरी तरीके से खत्म करना
- बिहार में बढ़ती बेरोजगारी को कम करना
- भुखमरी से बिहार को छुटकारा दिलवाना
- बिहार से पलायन कर रहे लोगों को रोकना
- बिहार में नए उद्योगों के माध्यम से स्टार्टअप को लाना
- अपने मंत्रिमंडल में सामंजस्य बनाए रखना
- युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना
नीतीश कुमार का इस्तीफ़े के बाद भावुक संदेश
नीतीश कुमार ने कैबिनेट की अंतिम बैठक ली। इस बैठक में नीतीश कुमार काफी भावुक नजर आए। नीतीश कुमार अब राज्यसभा जा रहे लेकिन उन्होंने बिहार की जनता से वादा किया है कि वह अब भी बिहार की जनता की आवाज उठाते रहेंगे। नीतीश कुमार ने ट्वीट कर जानकारी दी कि अब वह दिल्ली शिफ्ट हो रहे लेकिन बिहार आते जाते रहेंगे। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार उपमुख्यमंत्री के प्रबल दावेदार माने जा रहे है। वह उपमुख्यमंत्री होते है या नहीं यह देखना बड़ा दिलचस्प होने वाला है।
होगा मंत्रिमंडल का विस्तार
कयास लगाया जा रहा कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके मंत्रिमंडल में विस्तार हो सकता है। जेडीयू के 10 मंत्री सम्राट चौधरी के कैबिनेट में बन सकते है। वही बीजेपी के भी कई नेता मंत्री बनने जा रहे है। चूंकि मुख्यमंत्री भाजपा का है इसलिए कोई और बड़ा पद जेडीयू को मिल सकता है। नीतीश सरकार में वित्त विभाग सम्राट चौधरी के पास था। अब सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री है तो देखना होगा कि वह यह विभाग अपने पास ही रखते है या किसी और नेता पर भरोसा जताते है।







