डेलीबार्ता, बाजार। भारत में कीमती धातुओं के बाजार में ऐसा उछाल देखने को मिला है, जिसने निवेशकों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक सभी को चौंका दिया है। चांदी ने अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए चार लाख रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर को छू लिया है, जबकि सोना भी तेजी के साथ 1.71 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया है। घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतें नए शिखर पर कारोबार कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर में कमजोरी जैसे कारणों से कीमती धातुओं में यह ऐतिहासिक तेजी देखने को मिल रही है। अगर मौजूदा रुझान बना रहा, तो आने वाले दिनों में कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी की रिकॉर्ड छलांग
अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो गुरुवार को सोने की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया। सोना पहली बार 5,591.61 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। वहीं, स्पॉट गोल्ड में भी जोरदार तेजी देखने को मिली और यह 2.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,511.79 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया।
सिर्फ एक हफ्ते में सोने की कीमतों में 10 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि इसी सप्ताह सोमवार को सोने ने पहली बार 5,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार किया था, जिसे बाजार के लिए एक अहम मनोवैज्ञानिक सीमा माना जा रहा था।
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चांदी भी पीछे नहीं,गजब का उछाल
चांदी भी पीछे नहीं रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 118.061 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी, जबकि सत्र के दौरान इसने 119.34 डॉलर प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई भी छू लिया। यह तेजी संकेत देती है कि निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।
भारतीय बाजार में भी ऐतिहासिक उछाल
अंतरराष्ट्रीय तेजी का सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली। बुधवार को MCX पर सोना 1,66,355 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी 3,86,530 रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, MCX पर चांदी की कीमतों में जिस तरह की तेजी देखने को मिल रही है, वह हाल के वर्षों में दुर्लभ है। चांदी की मांग में अचानक आई तेजी और सीमित आपूर्ति ने कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है।
सर्राफा बाजार में भी चांदी-सोने की चमक
दिल्ली के सर्राफा बाजार में भी चांदी और सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। बुधवार को चांदी के दाम एक ही दिन में 15,000 रुपये बढ़कर 3.85 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए। यह लगातार तीसरा दिन था, जब चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिली।
इससे पहले 26 जनवरी को चांदी के भाव में 40,500 रुपये प्रति किलो की भारी छलांग लगी थी, जिसने बाजार को पूरी तरह से चौंका दिया था। वहीं, सोना भी इस रेस में पीछे नहीं रहा। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 5,000 रुपये की तेजी के साथ 1,71,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
चलिये जानते हैं कि आखिर क्यों बढ़ रही हैं सोना-चांदी की कीमतें?
कीमती धातुओं में इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं। इनमें वैश्विक आर्थिक संकेतों से लेकर भू-राजनीतिक तनाव तक शामिल हैं।
1. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने हाल ही में ब्याज दरों को स्थिर रखने का संकेत दिया है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि महंगाई अभी भी 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख किया है।
2. अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी सोने की मांग को मजबूती दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से परमाणु समझौते को लेकर बातचीत की अपील की, लेकिन साथ ही भविष्य में कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका, इस्राइल और उनके सहयोगियों को चेतावनी दी है। इस तरह के भू-राजनीतिक तनाव आमतौर पर सोने की कीमतों को ऊपर ले जाते हैं।
3. क्रिप्टो कंपनियों का सोने में निवेश
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की बड़ी क्रिप्टो कंपनियों में से एक टेदर (Tether) अपने पोर्टफोलियो का 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा भौतिक सोने में निवेश करने की योजना बना रही है। इससे सोने की मांग को अतिरिक्त समर्थन मिला है और कीमतों में तेजी आई है।
4. डॉलर में कमजोरी
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का एक बड़ा कारण है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो अन्य मुद्राओं में सोना और चांदी सस्ते पड़ते हैं, जिससे उनकी मांग बढ़ जाती है।
5. चांदी की अलग कहानी
चांदी की कीमतों में तेजी की वजहें थोड़ी अलग हैं। सोने के मुकाबले सस्ता विकल्प होने के कारण निवेशकों का रुझान चांदी की ओर बढ़ा है। इसके अलावा, औद्योगिक मांग, सीमित आपूर्ति और निवेशकों की आक्रामक खरीदारी ने चांदी की कीमतों को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है। इस साल अब तक चांदी की कीमतों में 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है।
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आगे क्या रहेगा रुख?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहती है और डॉलर में कमजोरी जारी रहती है, तो सोना और चांदी दोनों की कीमतों में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि, ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली का दबाव भी आ सकता है।
जो लोग निवेश या खरीदारी की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह समय सावधानी बरतने का है। कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं, ऐसे में छोटे निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।







