श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने राष्ट्रीय पुरुष टीम के पुनर्गठन और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। विश्व कप विजेता कोच गैरी कर्स्टन को श्रीलंका क्रिकेट टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। यह फैसला श्रीलंकाई टीम के हालिया उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन और 2027 के वनडे विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
इस नियुक्ति और गैरी कर्स्टन के करियर से जुड़ी संपूर्ण जानकारी
अनुबंध (Deal) का मुख्य विवरण
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड और गैरी कर्स्टन के बीच 2 साल का करार हुआ है।
- कार्यकाल की शुरुआत – 15 अप्रैल, 2026
- कार्यकाल की समाप्ति – 14 अप्रैल, 2028
- मुख्य लक्ष्य – 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले ICC पुरुष क्रिकेट विश्व कप के लिए टीम को तैयार करना।
- पिछला उत्तराधिकार – उन्होंने पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या का स्थान लिया है, जिन्होंने 2026 टी20 विश्व कप के बाद पद छोड़ने का निर्णय लिया था।
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गैरी कर्स्टन का शानदार कोचिंग करियर
गैरी कर्स्टन को क्रिकेट जगत के सबसे सफल और सम्मानित कोचों में गिना जाता है। उनके पास अंतरराष्ट्रीय और फ्रैंचाइजी क्रिकेट का व्यापक अनुभव है
भारतीय टीम के साथ ऐतिहासिक सफलता (2008–2011)
कर्स्टन का सबसे सुनहरा दौर भारतीय टीम के साथ रहा। उनके मार्गदर्शन में
- भारत ने 2011 का वनडे विश्व कप जीता।
- भारतीय टीम टेस्ट रैंकिंग में नंबर 1 के पायदान पर पहुँची।
- उन्हें खिलाड़ियों के साथ बेहतर तालमेल और ‘बैकस्टेज’ रहकर काम करने के लिए सराहा गया।
दक्षिण अफ्रीका के साथ सफर (2011–2013)
भारत के बाद उन्होंने अपने देश की टीम की कमान संभाली और प्रोटियाज को तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) में दुनिया की नंबर 1 टीम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अन्य अनुभव
- पाकिस्तान – उन्होंने 2024 में पाकिस्तान की व्हाइट-बॉल टीम के कोच के रूप में कार्य किया हालांकि आंतरिक मुद्दों के कारण उनका कार्यकाल छोटा रहा।
- IPL – वे गुजरात टाइटन्स (विजेता 2022) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ कोचिंग और मेंटर की भूमिका निभा चुके हैं।
- नामीबिया – हाल ही में 2026 टी20 विश्व कप के दौरान उन्होंने नामीबियाई टीम के साथ बतौर सलाहकार (Consultant) काम किया था।
श्रीलंका क्रिकेट के लिए यह नियुक्ति क्यों महत्वपूर्ण है?
श्रीलंकाई क्रिकेट पिछले कुछ समय से परिवर्तन के दौर (Transition Phase) से गुजर रहा है। कर्स्टन की नियुक्ति के पीछे SLC के कई उद्देश्य हैं
- हाई परफॉरमेंस सेंटर का कायाकल्प – SLC ने स्पष्ट किया है कि कर्स्टन की नियुक्ति उनके ‘नेशनल हाई परफॉरमेंस सेंटर’ के ढांचे को सुधारने की योजना का हिस्सा है।
- अनुभव का लाभ – कर्स्टन दक्षिण अफ्रीकी परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। चूंकि 2027 का विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में ही होना है, उनकी रणनीतियां टीम के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं।
- स्थिरता और अनुशासन – पाकिस्तान और अन्य टीमों के साथ कर्स्टन का अनुभव उन्हें कठिन ड्रेसिंग रूम माहौल को संभालने में मदद करेगा। वे युवाओं को निखारने और टीम में अनुशासन लाने के लिए जाने जाते हैं।
गैरी कर्स्टन दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर और दुनिया के सबसे सफल क्रिकेट कोचों में से एक हैं। भारतीय क्रिकेट इतिहास में उनका नाम हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा क्योंकि उन्हीं के मार्गदर्शन में भारत ने 28 साल बाद 2011 का वनडे वर्ल्ड कप जीता था।
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खिलाड़ी के रूप में करियर (1993–2004)
- डेब्यू और संन्यास – उन्होंने 1993 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया और 2004 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेला।
- रिकॉर्ड्स – वे 100 टेस्ट मैच खेलने वाले दक्षिण अफ्रीका के पहले खिलाड़ी बने। वह पहले ऐसे बल्लेबाज थे जिन्होंने उस समय की सभी 9 टेस्ट खेलने वाली टीमों के खिलाफ शतक जमाया था।उन्होंने अपने देश के लिए 101 टेस्ट (7289 रन) और 185 वनडे (6798 रन) मैच खेले।
- ऐतिहासिक पारी – 1996 के वर्ल्ड कप में उन्होंने यूएई के खिलाफ नाबाद 188 रन बनाए थे, जो 19 सालों तक वर्ल्ड कप इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर रहा। उन्होंने मैराथन पारी 1999 में इंग्लैंड के खिलाफ डरबन टेस्ट में उन्होंने 14.5 घंटे तक बल्लेबाजी की और 275 रन बनाए। यह समय के लिहाज से टेस्ट इतिहास की दूसरी सबसे लंबी पारी है।
गैरी कर्स्टन का खिलाड़ी के रूप में रिकॉर्ड
कोच बनने से पहले कर्स्टन दक्षिण अफ्रीका के एक दिग्गज सलामी बल्लेबाज थे
- टेस्ट क्रिकेट – 101 मैचों में 7,289 रन (21 शतक)।
- वनडे क्रिकेट – 185 मैचों में 6,798 रन (13 शतक)।
- कुल अंतरराष्ट्रीय रन – 14,000 से अधिक।
भविष्य की चुनौतियां
गैरी कर्स्टन के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रीलंका की निरंतरता (Consistency) को वापस लाना है। टीम में प्रतिभा की कमी नहीं है लेकिन बड़े टूर्नामेंटों के नॉकआउट मैचों में प्रदर्शन और तकनीकी सुधार पर उन्हें काफी काम करना होगा।
गैरी कर्स्टन का शांत स्वभाव और रणनीतिक कौशल श्रीलंका क्रिकेट के लिए एक नई सुबह साबित हो सकता है। 2027 विश्व कप का रोडमैप अब उनके हाथों में है।







