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RBI के फैसले के बाद शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव- सेंसेक्स और निफ्टी में आई गिरावट

RBI के फैसले के बाद शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव- सेंसेक्स और निफ्टी में आई गिरावट
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 5, 2026 1:04 अपराह्न
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भारतीय शेयर बाजार में आज 5 जून 2026 को बेहद उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिल रहा है। सुबह के सत्र में बाजार ने मजबूत वैश्विक संकेतों के दम पर शानदार बढ़त के साथ शुरुआत की थी। हालांकि यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजों की घोषणा के बाद बाजार में अचानक बिकवाली का दबाव बढ़ गया जिससे दोनों मुख्य सूचकांक अपनी शुरुआती बढ़त गंवाकर लाल निशान में कारोबार करने लगे।

​बाजार का मौजूदा हाल- सेंसेक्स और निफ्टी के आंकड़े

​सुबह के समय बीएसई (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 74,629 के स्तर पर मजबूती के साथ खुला था और कुछ ही देर में 74,717 के दैनिक उच्च स्तर तक पहुंच गया। लेकिन आरबीआई के नीतिगत निर्णयों और आर्थिक विकास दर के अनुमानों में कटौती के बाद बाजार में ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली हावी हो गई। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से करीब 55 अंक फिसलकर 74,305 के आसपास कारोबार कर रहा है।

​दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 23,478 के स्तर पर बढ़त के साथ खुला था, जो सत्र के दौरान 23,516 के रिकॉर्ड स्तर को छूने के बाद लुढ़क गया। फिलहाल निफ्टी शुरुआती बढ़त खोकर 23,385 के स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा है।

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​RBI MPC बैठक के मुख्य ऐलान जिन्होंने बाजार को प्रभावित किया

​भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं जिनका बाजार की धारणा पर सीधा असर पड़ा

  • रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं- आरबीआई ने लगातार तीसरी बार बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है। केंद्रीय बैंक ने नीतिगत रुख को भी ‘न्यूट्रल’ बनाए रखा है। हालांकि बाजार को इस फैसले की पहले से उम्मीद थी लेकिन गवर्नर के सतर्क बयानों ने निवेशकों को थोड़ा निराश किया।
  • GDP ग्रोथ अनुमान में कटौती- बाजार में गिरावट की मुख्य वजह यह रही कि आरबीआई ने वित्तीय वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया है। इसके पीछे पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव, कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों (~$95 प्रति बैरल) और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान को जिम्मेदार बताया गया है।
  • महंगाई का बढ़ता खतरा- आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए रिटेल इन्फ्लेशन (CPI) के अनुमान को 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया है जिससे भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं फिलहाल धूमिल हो गई हैं।
  • विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs/FPIs) को राहत- एक सकारात्मक खबर यह रही कि सरकार और आरबीआई की ओर से विदेशी निवेशकों के लिए बॉन्ड टैक्स नियमों में सरलता और निवेश मानदंडों को उदार बनाने के संकेत दिए गए हैं जिससे आने वाले महीनों में पूंजी प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।

​सेक्टोरल प्रदर्शन- किस सेक्टर में रहा सबसे ज्यादा दबदबा?

​आज के कारोबार में अलग-अलग सेक्टर्स का मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है

  • बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में मजबूती- रेपो रेट में बदलाव न होने से निफ्टी बैंक और निफ्टी ऑटो सेक्टर्स को सहारा मिला। बैंक निफ्टी आज 54,732 के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया। बजाज फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे शेयरों ने बाजार को थामने की कोशिश की।
  • IT और टेक सेक्टर में भारी गिरावट- आज सबसे ज्यादा मार आईटी सेक्टर पर पड़ी है। अमेरिकी मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों के इंतजार और तकनीकी कंपनियों में मुनाफावसूली के कारण निफ्टी आईटी (Nifty IT) इंडेक्स में तगड़ी गिरावट देखी जा रही है।
  • रियल्टी और कंजम्पशन सेक्टर्स में दबाव- महंगाई दर के अनुमान में बढ़ोतरी और ब्याज दरों के ऊंचे स्तर पर बने रहने के कारण रियल एस्टेट (रियल्टी) और कंजम्पशन से जुड़े शेयरों में हल्की बिकवाली का माहौल बना हुआ है।

​टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स कंपनियाँ

​आज के उतार-चढ़ाव भरे सत्र के दौरान प्रमुख कंपनियों के शेयरों की स्थिति इस प्रकार है

​टॉप गेनर्स (Top Gainers)

  • महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M)- ऑटो सेक्टर में मजबूत मांग के चलते शेयर में अच्छी तेजी है।
  • बजाज फाइनेंस- आरबीआई के फैसले के बाद वित्तीय क्षेत्र में इस शेयर ने नेतृत्व संभाला।
  • अडानी पोर्ट्स- बुनियादी ढांचा क्षेत्र में मजबूती और व्यापारिक गतिविधियों के बढ़ने से शेयर को सपोर्ट मिला।
  • बजाज फिनसर्व और टेक महिंद्रा- शुरुआती सत्र से ही ये शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।

​टॉप लूजर्स (Top Losers)

  • विप्रो (Wipro)- आईटी सेक्टर में सबसे बड़ी गिरावट विप्रो में देखी जा रही है, जो करीब 4% तक लुढ़क चुका है
  • इन्फोसिस (Infosys) और टीसीएस (TCS)- विप्रो की तर्ज पर अन्य बड़ी आईटी कंपनियों के शेयरों पर भी बिकवाली का भारी दबाव है।
  • टाटा मोटर्स- शुरुआती तेजी के बाद ऊपरी स्तरों पर बिकवाली के कारण यह लाल निशान में आ गया।

​बाजार के लिए आगे की राह- विशेषज्ञों की राय

​बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई द्वारा नीतिगत दरों को 5.25% पर बरकरार रखना एक स्थिर कदम है लेकिन विकास दर (GDP) के अनुमान को घटाना और महंगाई के लक्ष्य को बढ़ाना निवेशकों के लिए एक चेतावनी की तरह है। पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें $96 प्रति बैरल के आसपास हैं, और भारतीय रुपया भी प्रति डॉलर 95.80 के करीब कमजोर बना हुआ है। ये वैश्विक कारक आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा तय करेंगे।

​तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी के लिए 23,300 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है। जब तक बाजार इस स्तर के ऊपर टिका रहता है, तब तक घबराने की जरूरत नहीं है। ऊपरी स्तरों पर 23,550 से 23,600 का जोन एक कड़ा रेजिस्टेंस (रुकावट) बना हुआ है। अगले हफ्ते बाजार की नजरें अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के रुख पर टिकी होंगी।

महत्वपूर्ण नोट- शेयर बाजार में निवेश पूरी तरह से बाजार के जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक या इंडेक्स में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें और खुद का शोध जरूर करें।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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