भारतीय वित्तीय बाजारों के लिए आज का दिन आम दिनों से अलग है। बकरीद (ईद-उल-अजहा) के पावन अवसर पर आज, गुरुवार 28 मई को देश के प्रमुख शेयर बाजारों में कोई कामकाज नहीं हो रहा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पूरी तरह से बंद हैं।
यदि आप कमोडिटी मार्केट (MCX) में ट्रेडिंग करते हैं, तो आपके लिए समय सारणी में थोड़ा बदलाव किया गया है। कमोडिटी बाजार में सुबह के सत्र (सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक) के लिए ट्रेडिंग स्थगित रहेगी, लेकिन शाम के सत्र में शाम 5:00 बजे से रात के 11:30 या 11:55 बजे तक हमेशा की तरह कामकाज सुचारू रूप से जारी रहेगा।
पिछले कारोबारी सत्र (27 मई) का लेखा-जोखा
बाजार में आज की छुट्टी से ठीक एक दिन पहले, यानी बुधवार 27 मई को भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली (Profit Booking) के हावी होने के कारण दोनों मुख्य सूचकांक लाल निशान में बंद हुए थे।
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बुधवार को बाजार बंद होते समय दोनों प्रमुख सूचकांकों की स्थिति कुछ इस प्रकार थी
| सूचकांक (Index) | अंतिम बंद भाव (Closing Price) | बदलाव (अंक) | गिरावट (%) |
| BSE Sensex | 75,867.80 | -141.90 | 0.19% |
| NSE Nifty 50 | 23,907.15 | -6.55 | 0.03% |
बुधवार के कारोबार में निफ्टी 50 ने शुरुआती सत्र में रिकवरी दिखाने की कोशिश की और 23,983.20 के उच्च स्तर को भी छुआ, लेकिन बैंकिंग सेक्टर के दिग्गजों में देखी गई बिकवाली ने बाजार पर दबाव बना दिया। अंततः निफ्टी मामूली गिरावट के साथ 23,900 के मनोवैज्ञानिक स्तर को बचाने में कामयाब रहा। वहीं, सेंसेक्स भी लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज करते हुए 76,000 के स्तर से नीचे फिसलकर बंद हुआ।
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण
27 मई के कारोबारी सत्र में बाजार के सुस्त रहने और गिरावट के पीछे कुछ प्रमुख कारण रहे
- बैंकिंग और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली – एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और इन्फोसिस (Infosys) जैसे भारी भरकम हिस्सेदारी वाले शेयरों में बिकवाली देखी गई। विशेष रूप से बैंकिंग इंडेक्स (Nifty Bank) करीब 239 अंक टूटकर 54,853.85 के स्तर पर बंद हुआ, जिसने बाजार को ऊपर जाने से रोका।
- वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव – अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर निवेशक थोड़े सतर्क नजर आ रहे हैं, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी सेंटीमेंट के तौर पर देखा जा रहा है।
- विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली – विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा बाजार से लगातार पैसे निकालने की प्रवृत्ति ने भी घरेलू बाजार की रफ्तार पर कुछ हद तक ब्रेक लगाने का काम किया है।
मेटल और एनर्जी सेक्टर में रही चमक
भले ही मुख्य सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए हों लेकिन ब्रॉडर मार्केट (मिडकैप और स्मॉलकैप) में तेजी का रुख बना रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में करीब 0.4% की बढ़त देखी गई।
इसके अलावा वैश्विक बाजारों में एल्युमीनियम की कीमतों में आई उछाल के कारण हिंडालको (Hindalco) और नाल्को (NALCO) जैसे मेटल शेयरों में शानदार तेजी दर्ज की गई। साथ ही टाटा मोटर्स और पावर ग्रिड जैसे शेयरों ने भी बाजार को सहारा देने का पूरा प्रयास किया। क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतों में आई 3% की नरमी ने भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार को एक बड़ी राहत दी, जिससे बाजार में कोई बड़ी गिरावट नहीं आ पाई।
निवेशकों के लिए आगे की रणनीति
आज 28 मई को छुट्टी होने के कारण अब भारतीय शेयर बाजार सीधे शुक्रवार, 29 मई को सुबह अपने नियमित समय पर खुलेगा।
विशेषज्ञों की राय – बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए फिलहाल 23,800 का स्तर एक बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट (Support Zone) के रूप में काम कर रहा है। जब तक बाजार इसके ऊपर टिका हुआ है, तब तक घबराने की कोई बात नहीं है। वहीं, ऊपर की तरफ बाजार को आगे बढ़ने के लिए 24,100 से 24,300 के रेजिस्टेंस (Resistance Level) को पार करना होगा।
चूंकि आज रात को कमोडिटी मार्केट खुलेगा, इसलिए घरेलू ट्रेडर्स की नजरें शाम 5 बजे के बाद सोने, चांदी और कच्चे तेल की चाल पर टिकी रहेंगी। विदेशी बाजारों के रुख को देखते हुए शुक्रवार को भारतीय बाजार में एक नई दिशा देखने को मिल सकती है।







