अपनें अपनें दौर मेंं ऐसे कई चार पहिया वाहन आये और समय के साथ उनका दौर भी खत्म हो गया। लेकिन आज भी लोग उन वाहनों को न सिर्फ सर्च करते हैं बल्कि उसका एक अलग ही क्रेज है। लोग उन वाहनों के बारे में जानना चाहते है, और पसंद भी करते है। इन्ही वाहनों में शामिल है टाटा मोटर्स का SUV टाटा सियरा। 5 सीटर इस कार को टाटा नें आज से ठीक 34 वर्ष पहले जब लांच किया था तो इस SUV नें बाजार में धूम मचा दी थी।

बताया जाता है कि जब रास्ते से टाटा सियरा गुजरती थी लोग पलटकर देखते जरुर थे। टाटा मोटर्स द्वारा उस दौर के आधुनिक अंदाज में लांच किया यह वाहन न सिर्फ लोगों की पसंद बना बल्कि बाजार में भी सुपरहिट हुआ। टाटा नें 34 सालों बाद इस वाहन को लांच कर जहां भारतीय SUV बाजार में एक भूचाल ला दिया है और विभिन्न कंपनियों के सामनें एक कम्पटीशन खड़ा कर दिया है वहीं उन तमाम पुरानी यादों को भी ताजा कर दिया है, जिसे लेकर अब कार बाजार में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।
तो चलिये टाटा सियरा से जुडी वह तमाम बातें आपको बताते हैं जिसे शायद आज के दौर के लोग नहीं जानते होगें।
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भारत की पहली एसयूवी थी सियरा
आपको जानकार हैरानी होगी की आज से ठीक 34 साल पहले भारत की पहली एसयूटी कार का खिताब हासिल करनें वाली टाटा सियरा एक ऐसा मॉडल था जो 1991 के वक्त में उस दौर का आधुनिक फीचर के साथ तैयार कार थी। बताया जाता है कि रतन टाटा जी की दूरदर्शी सोच और परिकल्पना का परिणाम था जिसे इस SUV के रुप में किसी भारतीय कंपनी नें तैयार किया था।
जानिये क्या थी पुरानी सियरा की खासियत
1991 के दौर की टाटा सियरा जब बाजार में आई कम समय में ही उसनें अपनी पहचान बना ली। इसकी अलग डिजाइन पीछे के हिस्से में घुमावदार बड़ी खिड़कियां जो छत से जुड़ी हुई थी, उसनें उस दौर में डे नाइट दोनों के कम्बीनेशन को एक किया। ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ टाटा कंपनी नें इसकी मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया था। उस समय ये देश की पहली गाड़ी थी जिसमें इलेक्ट्रिक विंडो, ऑटो AC, एड्जेस्टेबल स्टीयरिंग व्हील और टेकोमीटर जैसे फीचर्स दिए गए थें। इसके दमदार फीचर्स इसकी लोकप्रियता का मुख्य कारण थें।

इसमें फोर व्हील ड्राइव फुल टाइम और पार्ट टाइम गियर शिफ्टिंग सिस्टम भी दिया गया था। कंपनी ने 1994 में इस एसयूवी का निर्यात यूरोपिय बाजार में भी खूब किया, जिसमें स्पेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली प्रमुख हैं। बाद में कंपनी ने साल 2000 में इस एसयूवी की डिस्कंटीन्यू कर दिया था। आपको जानकार हैरानी होगी कि उस दौर में सबसे ज्यादा बिकनें वाली मारुति 800 कार थी, जिसकी कीमत लगभग 1 लाख रुपये थी, वहीं टाटा सियरा कि कीमत इससे ठीक 5 गुना यानि की 5 लाख रुपये थी।
जानिये नई टाटा सियरा में क्या कुछ है खास
आज के दौर को ध्यान नें रखते हुये नई टाटा सियरा में कंपनी नें उन तमाम पहलुओं को ध्यान नें रखा है जिसकी डिमांड है। अब कंपनी ने तकरीबन दो दशकों के बाद एक बार फिर से ये एसयूवी इलेक्ट्रिक अवतार में पेश की गई है। इस नई एसयूवी को कंपनी ने जगुआर लैंडरोवर के प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है। इसके एक्सटीरियर को दमदार लुक देने के साथ ही कंपनी ने इसके इंटीरियर को भी बेहतर बनाया है। इसमें कंपनी ने रिवॉल्विंग पैसेंजर सीट दिया है जो कि चारो तरफ घूम सकता है।
इसके अलावा पिछले हिस्से में दिया गया वूड वर्क भी काफी शानदार है। इसके रूफ को क्पलीट ग्लॉस से सजाया गया है जो कि साइड में विंडो तक को कवर करते हैं। इसके अलावा इसमें LED हेडलाइट और टेल लाइट का प्रयोग किया गया है। इसके भीतर फ्लोर पर भी लकड़ियों का प्रयोग किया गया है, जो कि इसे लग्जरी फील देता है। इसके नए वीडियो में जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें इंटीरियर में किसी तरह के बटन को नहीं दिखाया गया है।

इसके फीचर्स को ट्च और सेंसर को ऑपरेट किया जा सकेगा। इसके पिछली पंक्ति में कंपनी ने बेंच और ज्यादा से ज्यादा लेगरूम दिया है। फिलहाल कंपनी ने Tata Sierra EV के इस कॉन्सेप्ट को पेश करते वक्त अभी कंपनी इसके ड्राइविंग रेंज या अन्य तकनीकी जानकारियों को साझा नहीं किया है। ऐसी खबर है कि कंपनी जल्द ही इसके प्रोडक्शन वर्जन को भी पेश करेगी। आपको बता दें कि, Sierra का अर्थ होता है पर्वत-श्रेणी, और ये नाम इस ऑफ रोडिंग एसयूवी के लिए काफी हद तक उपयुक्त है।
बहरहाल कंपनी नें इसका जो मॉडल विभिन्न आकर्षक रंगो में लांच किया है उसकी कीमत 11 लाख 49 हजार रुपये सामनें आई है। और इस कीमत में यह क्रेटा, वेन्यू, ग्रांड विटारा जैसी कारों को काफी पीछे छोड़ती दिखाई दे रही है।






