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तेजस्विन शंकर का स्वर्णिम प्रदर्शन एशियन इंडोर एथलेटिक्स में भारत का परचम लहराया

तेजस्विन शंकर का स्वर्णिम प्रदर्शन एशियन इंडोर एथलेटिक्स में भारत का परचम लहराया
नवजोत कौर सिद्धू
On: फ़रवरी 9, 2026 2:32 अपराह्न
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तियानजिन (चीन)। भारतीय एथलेटिक्स को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक और बड़ी सफलता दिलाते हुए तेजस्विन शंकर ने एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में पुरुष हेप्टाथलॉन स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया। बहुआयामी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए तेजस्विन ने कुल 5,993 अंक अर्जित किए और न सिर्फ प्रतियोगिता जीती, बल्कि अपना ही राष्ट्रीय इनडोर रिकॉर्ड भी बेहतर कर दिया। उनकी यह उपलब्धि भारत के लिए खास इसलिए भी रही क्योंकि यह इस चैंपियनशिप में देश का एकमात्र स्वर्ण पदक साबित हुआ।

चीन के तियानजिन शहर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में तेजस्विन शंकर शुरू से ही मजबूत लय में नजर आए। सात स्पर्धाओं वाली कठिन हेप्टाथलॉन प्रतियोगिता में उन्होंने लगभग हर इवेंट में निरंतरता और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया, जिसका नतीजा स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया।

पहले दिन ही बना ली बढ़त

हेप्टाथलॉन में दो दिनों तक चलने वाली सात स्पर्धाएं शामिल होती हैं और पहले दिन का प्रदर्शन अक्सर पूरे इवेंट की दिशा तय करता है। तेजस्विन शंकर ने पहले दिन ही अपने इरादे साफ कर दिए।

उन्होंने 60 मीटर दौड़ में तेज शुरुआत करते हुए अच्छा समय निकाला। इसके बाद लॉन्ग जंप में उन्होंने 7.53 मीटर की शानदार छलांग लगाई, जिससे उन्हें अहम अंक मिले। शॉट पुट में 13.63 मीटर का थ्रो और फिर हाई जंप में 2.23 मीटर की ऊंची छलांग लगाकर उन्होंने पहले दिन के अंत तक बढ़त बना ली।

पहले दिन के बाद तेजस्विन शीर्ष स्थान पर काबिज थे और उनके आत्मविश्वास में साफ झलक रहा था कि वह खिताब के प्रबल दावेदार हैं।

दूसरे दिन भी दबदबा बरकरार

दूसरे दिन की शुरुआत 60 मीटर बाधा दौड़ से हुई, जहां तेजस्विन ने बेहतरीन टाइमिंग के साथ अंक बटोरे। इसके बाद पोल वॉल्ट में उन्होंने संतुलित प्रदर्शन किया और अंत में सबसे चुनौतीपूर्ण मानी जाने वाली 1000 मीटर दौड़ में दमखम दिखाते हुए मजबूत फिनिश किया।

सभी सात स्पर्धाओं के बाद तेजस्विन का कुल स्कोर 5,993 अंक रहा, जो न केवल स्वर्ण पदक के लिए पर्याप्त था, बल्कि भारतीय इनडोर एथलेटिक्स के इतिहास में एक नया मानक भी बन गया।

भारत का इकलौता स्वर्ण, लेकिन प्रदर्शन सामूहिक

तेजस्विन शंकर का यह स्वर्ण पदक भारत के अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। भारतीय दल ने प्रतियोगिता में कुल पांच पदक अपने नाम किए, जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य शामिल रहे।

महिला हाई जंप में पूजा सिंह ने रजत पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया, वहीं शॉट पुट में तजिंदरपाल सिंह तूर ने भी रजत पदक भारत की झोली में डाला।

महिला लॉन्ग जंप में एंसी सोजन और पुरुष हाई जंप में आदर्श राम ज्योति शंकर ने कांस्य पदक जीतकर टीम के पदक तालिका में योगदान दिया।

इन प्रदर्शनों के दम पर भारत ने प्रतियोगिता का समापन कुल मिलाकर सम्मानजनक स्थान के साथ किया।

तेजस्विन शंकर : बहुआयामी एथलेटिक्स का नया चेहरा

तेजस्विन शंकर भारतीय एथलेटिक्स में उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने हाई जंप से आगे बढ़ते हुए मल्टी-इवेंट स्पर्धाओं में खुद को स्थापित किया है। उनके पास आउटडोर डेकाथलॉन का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है और एशियाई खेलों जैसे बड़े मंचों पर पदक जीतने का अनुभव भी।

हेप्टाथलॉन जैसे कठिन इवेंट में उनकी सफलता यह दिखाती है कि भारतीय एथलीट अब तकनीकी और शारीरिक रूप से एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करने में सक्षम हैं।

भारतीय एथलेटिक्स के लिए सकारात्मक संकेत

तेजस्विन शंकर की यह जीत सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत भी है। बहु-इवेंट स्पर्धाओं में इस तरह का प्रदर्शन आने वाले समय में विश्व और ओलंपिक स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए उम्मीद जगाता है।

उनकी यह सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और यह भरोसा दिलाएगी कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही प्रशिक्षण के साथ भारत अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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