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मनोरंजन जगत से रियल एस्टेट क्वीन तक –  रिमी सेन के जीवन और करियर का संपूर्ण सफर

मनोरंजन जगत से रियल एस्टेट क्वीन तक -  रिमी सेन के जीवन और करियर का संपूर्ण सफर
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 9, 2026 6:16 अपराह्न
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​2000 के दशक में अपनी मनमोहक मुस्कान, बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली अभिनेत्री रिमी सेन आज भले ही रुपहले पर्दे से दूर हैं, लेकिन उनका सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। हिंदी, तेलुगु और बंगाली सिनेमा में अपनी पहचान बनाने वाली रिमी ने अपनी शर्तों पर जिंदगी जी है।

 ​जन्म और शुरुआती जीवन

​रिमी सेन का जन्म 21 सितंबर 1981 को कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता), पश्चिम बंगाल में हुआ था। उनका वास्तविक नाम शुभमित्रा सेन है, जिसे उन्होंने बाद में फिल्मों में आने के लिए बदलकर रिमी सेन कर लिया। कोलकाता के एक मध्यमवर्गीय बंगाली परिवार में जन्मी रिमी बचपन से ही कला और नृत्य के प्रति आकर्षित थीं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा विद्या भारती गर्ल्स हाई स्कूल, कोलकाता से पूरी की। रिमी ने कम उम्र में ही ओडिसी नृत्य सीखना शुरू कर दिया था और वह इसमें काफी पारंगत भी हुईं।

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​परिवार

​रिमी सेन के परिवार में उनकी मां संघमित्रा सेन हैं, जिन्होंने उनके करियर और जीवन के हर मोड़ पर उनका पूरा साथ दिया। रिमी अपने निजी जीवन और परिवार को हमेशा मीडिया की चकाचौंध से दूर रखना पसंद करती हैं। उन्होंने अभी तक शादी नहीं की है और वह सिंगल रहते हुए स्वतंत्र रूप से अपने करियर और बिजनेस पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

​करियर का सफर –  बंगाली से बॉलीवुड तक

​रिमी सेन ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बेहद कम उम्र में एक बाल कलाकार के रूप में की थी। उन्होंने साल 1996 में आई बंगाली फिल्म ‘दामू’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कुछ विज्ञापनों में काम किया, जिसमें आमिर खान के साथ उनका एक कोका-कोला का विज्ञापन काफी लोकप्रिय हुआ। इस विज्ञापन ने उन्हें ग्लैमर इंडस्ट्री में बड़ी पहचान दिलाई।

​मुख्य अभिनेत्री के रूप में उन्होंने साल 2002 में तेलुगु फिल्म ‘नी तोडू कवाली’ से शुरुआत की। इसके ठीक एक साल बाद, 2003 में, उन्होंने प्रियदर्शन की ब्लॉकबस्टर कॉमेडी फिल्म ‘हंगामा’ से बॉलीवुड में धमाकेदार डेब्यू किया। इस फिल्म में उनके ‘अंजलि’ के किरदार को दर्शकों ने खूब पसंद किया और वह रातों-रात हिंदी सिनेमा का एक जाना-माना चेहरा बन गईं।

रिमी सेन के जीवन

​प्रमुख फिल्में और सह-कलाकार

​अपने एक दशक से लंबे करियर में रिमी सेन ने बॉलीवुड के कई बड़े सुपरस्टार्स और निर्देशकों के साथ काम किया। उनकी कुछ सबसे प्रमुख और यादगार फिल्मों की सूची इस प्रकार है:

  • हंगामा (2003) –  अक्षय खन्ना और आफताब शिवदासानी के साथ उनकी यह डेब्यू कॉमेडी फिल्म आज भी कल्ट क्लासिक मानी जाती है।
  • बागबान (2003) –  इस पारिवारिक ड्रामा में उन्होंने अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी जैसी दिग्गज हस्तियों के साथ स्क्रीन साझा की।
  • धूम (2004) – अभिषेक बच्चन के अपोजिट ‘स्वीटी दीक्षित’ के किरदार में उन्होंने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। इस फिल्म का गाना ‘शिखदुम’ उन पर ही फिल्माया गया था।
  • गरम मसाला (2005) और गोलमाल –  फन अनलिमिटेड (2006) –  अक्षय कुमार, जॉन अब्राहम और अजय देवगन के साथ इन ब्लॉकबस्टर कॉमेडी फिल्मों ने उन्हें ‘कॉमेडी क्वीन’ के रूप में स्थापित किया।
  • फिर हेरा फेरी (2006) – इस सुपरहिट फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनकर उन्होंने दर्शकों को खूब हंसाया।
  • जॉनी गद्दार (2007) –  इस थ्रिलर फिल्म में उनके अभिनय की काफी सराहना की गई।

​उपलब्धियां और पुरस्कार

​रिमी सेन ने फिल्म ‘हंगामा’ के लिए सर्वश्रेष्ठ महिला डेब्यू (Best Female Debut) श्रेणी में फिल्मफेयर पुरस्कार, आईआईएफए (IIFA) और जी सिने अवार्ड्स के लिए नामांकन हासिल किया था।

​इसके अलावा, जब उन्होंने अभिनय से दूरी बनाकर फिल्म निर्माण (Production) में हाथ आजमाया, तो उनके बैनर तले बनी फिल्म ‘बुधिया सिंह – बॉर्न टू रन’ (2016) को बेहद सराहा गया। इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म की श्रेणी में 63वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Award) से सम्मानित किया गया, जो बतौर निर्माता रिमी के जीवन की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

​फिल्में क्यों नहीं कर रहीं? (दूरी बनाने की वजह)

​करियर के पीक पर होने के बावजूद रिमी सेन ने धीरे-धीरे अभिनय से दूरी बना ली। उनकी आखिरी बड़ी फिल्म 2011 में आई ‘शागिर्द’ थी। फिल्में छोड़ने की वजह का खुलासा खुद रिमी ने अपने हालिया साक्षात्कारों में किया है:

  • स्टीरियोटाइप होना – रिमी का मानना है कि उन्हें लगातार केवल कॉमेडी फिल्मों में ही कास्ट किया जा रहा था, जहाँ उन्हें केवल ग्लैम डॉल या ‘फर्नीचर’ की तरह इस्तेमाल किया जाता था। उन्हें अपने अभिनय कौशल को दिखाने के लिए गंभीर या चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं नहीं मिल रही थीं।
  • पुरुष प्रधान इंडस्ट्री – उन्होंने बताया कि उस दौर में फिल्म इंडस्ट्री पूरी तरह से पुरुष प्रधान (Male-Dominated) थी, जहां अभिनेत्रियों के लिए करियर का दायरा और समय बहुत सीमित था।
  • संतुष्टि की कमी –  वह केवल प्रसिद्धि या पैसों के लिए काम नहीं करना चाहती थीं। जब उन्हें रचनात्मक संतुष्टि (Creative Satisfaction) मिलना बंद हो गई, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के इस चमक-धमक वाली दुनिया को अलविदा कह दिया।

​वर्तमान स्थिति (दुबई में रियल एस्टेट बिजनेस)

​रिमी सेन ने साल 2015 में रियलिटी शो ‘बिग बॉस 9’ में हिस्सा लिया था, जहां उनके बेबाक और बेपरवाह अंदाज ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद उन्होंने कुछ समय राजनीति में भी हाथ आजमाया।

​वर्तमान समय में रिमी सेन ग्लैमर की दुनिया को पूरी तरह छोड़ चुकी हैं और दुबई में एक सफल रियल एस्टेट एजेंट (Businesswoman) के रूप में काम कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने खुलासा किया कि वह दुबई के रियल एस्टेट मार्केट की स्थिरता और वहां की जीवनशैली से बेहद प्रभावित हैं। वह वहां लग्जरी विलाओं और संपत्तियों की डीलिंग करती हैं और व्यावसायिक रूप से बेहद सफल हैं। हालांकि, उन्होंने फिल्म निर्माण को पूरी तरह नहीं छोड़ा है और वह अपने होम प्रोडक्शन के तहत कुछ नए प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही हैं।

​रिमी सेन का सफर यह साबित करता है कि सफलता का मतलब सिर्फ पर्दे पर दिखना नहीं, बल्कि अपनी खुशी और आत्मसम्मान के लिए फैसले लेना है। बॉलीवुड की चकाचौंध और ‘फेम के नशे’ को छोड़कर बिजनेस की दुनिया में अपनी नई पहचान बनाने वाली रिमी आज कई महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की एक मिसाल हैं।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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