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ममता कुलकर्णी –  90 के दशक की बोल्डनेस क्वीन स्क्रीन से संन्यास और आज की रहस्यमयी जिंदगी

ममता कुलकर्णी -  90 के दशक की बोल्डनेस क्वीन स्क्रीन से संन्यास और आज की रहस्यमयी जिंदगी
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 6, 2026 7:35 अपराह्न
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​90 के दशक के बॉलीवुड सिनेमा में जब भी ग्लैमर, बोल्डनेस और बेबाकी की बात आती है तो ममता कुलकर्णी का नाम सबसे ऊपर आता है। अपनी कातिलाना अदाओं, शानदार अभिनय और विवादों से भरे जीवन के कारण वह हमेशा सुर्खियों में रहीं। एक समय ऐसा था जब उनका नाम बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियां जैसे माधुरी दीक्षित, जूही चावला और मनीषा कोइराला के साथ लिया जाता था।

​जन्म और शुरुआती जीवन

​ममता कुलकर्णी का जन्म 20 अप्रैल 1972 को मुंबई तब बंबई , महाराष्ट्र में एक मध्यमवर्गीय रूढ़िवादी मराठी परिवार में हुआ था। उनकी दो बहनें हैं- मिथिला और मोलिना। ममता बचपन से ही बेहद खूबसूरत और चुलबुली थीं। हालांकि उनका परिवार फिल्म इंडस्ट्री से दूर-दूर तक वास्ता नहीं रखता था लेकिन ममता की मां चाहती थीं कि उनकी बेटी ग्लैमर की दुनिया में अपना नाम कमाए। अपनी मां के सहयोग और खुद के आकर्षण के बल पर ममता ने बहुत कम उम्र में ही मॉडलिंग की दुनिया में कदम रख दिया था।

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​करियर का सफर और प्रमुख फिल्में

​ममता कुलकर्णी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 1992 में तमिल फिल्म ‘नंबर वन’ से की थी। इसी साल उन्होंने फिल्म ‘तिरंगा’ से बॉलीवुड में कदम रखा जिसमें दिग्गज अभिनेता राजकुमार और नाना पाटेकर मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म में उनका रोल छोटा था लेकिन उन्होंने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

​इसके बाद साल 1993 में आई फिल्म ‘आशिक आवारा’ ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। इस फिल्म में उनके साथ सैफ अली खान थे और दोनों की केमिस्ट्री को काफी पसंद किया गया।

​प्रमुख और सुपरहिट फिल्में

  • वक्त हमारा है (1993) – अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी के साथ इस फिल्म में ममता के अभिनय और चुलबुले अंदाज को बहुत सराहा गया।
  • क्रांतिवीर (1994) –  नाना पाटेकर के साथ आई यह फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और इसने ममता के पैर इंडस्ट्री में मजबूती से जमा दिए।
  • करण अर्जुन (1995) –  राकेश रोशन के निर्देशन में बनी यह फिल्म ममता के करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इसमें उन्होंने सलमान खान के अपोजिट काम किया था और उन पर फिल्माया गाना ‘भंगड़ा पाले’ आज भी मशहूर है।
  • सबसे बड़ा खिलाड़ी (1995) –  अक्षय कुमार के साथ उनकी जोड़ी को इस एक्शन-रोमांटिक फिल्म में बेहद पसंद किया गया।
  • चाइना गेट (1998) – राजकुमार संतोषी की इस फिल्म में ममता का किरदार काफी सशक्त था, हालांकि इस फिल्म के दौरान उनके और निर्देशक के बीच काफी विवाद भी हुआ था।

​उपलब्धियां और पुरस्कार

​ममता कुलकर्णी ने अपने छोटे लेकिन प्रभावशाली करियर में कई बड़े स्टार्स शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान, अक्षय कुमार, सैफ अली खान, और गोविंदा के साथ काम किया।

  • लक्स न्यू फेस ऑफ द ईयर (1994) –  फिल्म ‘आशिक आवारा’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर का ‘न्यू फेस ऑफ द ईयर’ का अवॉर्ड मिला जो उनकी सबसे बड़ी आधिकारिक उपलब्धि थी।
  • ग्लैमर आइकन –  स्टारडस्ट और अन्य प्रतिष्ठित मैगजीन्स के कवर्स पर छाए रहने के कारण उन्हें 90 के दशक की सबसे बड़ी सेक्स सिंबल और ग्लैमर आइकन माना गया।

​विवाद और स्टारडस्ट मैगजीन का वो फोटोशूट

​ममता कुलकर्णी का करियर जितना सफल था उतना ही विवादों से घिरा रहा। साल 1993 में उन्होंने ‘स्टारडस्ट’ मैगजीन के लिए एक टॉपलेस फोटोशूट करवाया था। 90 के दशक के भारतीय समाज के लिए यह बेहद चौंकाने वाला और बोल्ड कदम था। इस फोटोशूट के बाद देशभर में जमकर हंगामा हुआ उन पर केस दर्ज हुए और रूढ़िवादी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए। हालांकि इस एक विवाद ने उन्हें पूरे देश में मशहूर कर दिया।

ममता कुलकर्णी

​विवाह और निजी जिंदगी (विक्की गोस्वामी से कनेक्शन)

​ममता कुलकर्णी के निजी जीवन में तब सबसे बड़ा मोड़ आया जब उनका नाम इंटरनेशनल ड्रग डीलर विजयगिरि ‘विक्की’ गोस्वामी से जुड़ा। कहा जाता है कि ममता विक्की के प्यार में इस कदर पागल थीं कि उन्होंने अपने चमकते करियर को लात मार दी।

​साल 1997 में विक्की गोस्वामी को दुबई में ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था और उसे 25 साल की सजा हुई थी। ममता ने विक्की का साथ नहीं छोड़ा। खबरों के मुताबिक विक्की को जेल से जल्दी रिहा कराने के लिए दोनों ने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया और जेल के अंदर या रिहाई के तुरंत बाद शादी कर ली हालांकि ममता ने बाद में शादशुदा होने की बात से इंकार भी किया था। साल 2012 में विक्की की रिहाई के बाद दोनों केन्या के नैरोबी में जाकर बस गए।

फिल्में न करने के कारण और वर्तमान स्थिति?

​साल 2002 में आई फिल्म ‘कभी तुम कभी हम’ ममता कुलकर्णी की आखिरी बॉलीवुड फिल्म थी। इसके बाद वह अचानक फिल्म इंडस्ट्री और भारत से गायब हो गईं।

​फिल्में न करने के मुख्य कारण

  • विवाद और अंडरवर्ल्ड से नाम जुड़ना – उनका नाम अंडरवर्ल्ड और ड्रग सिंडिकेट से जुड़ने के कारण बॉलीवुड ने उनसे दूरी बना ली और उन्हें काम मिलना बंद हो गया।
  • अध्यात्म की ओर झुकाव – ममता के अनुसार ग्लैमर की दुनिया छोड़ने के बाद वह अध्यात्म की ओर मुड़ गईं। उन्होंने खुद को एक ‘जोगन’ या संन्यासिन घोषित कर दिया। साल 2013 में उन्होंने अपनी एक किताब “ऑटोबायोग्राफी ऑफ एन एशेज” (Autobiography of an Aztec) रिलीज की, जिसमें उन्होंने अपने आध्यात्मिक सफर और ईश्वर भक्ति का जिक्र किया।

​वर्तमान स्थिति (वर्तमान वर्ष 2026 के अनुसार)

​साल 2016 में ठाणे पुलिस ने एक बड़े ड्रग रैकेट (Thane Drug Case) का भंडाफोड़ किया था जिसमें ममता कुलकर्णी और विक्की गोस्वामी को मुख्य आरोपी बनाया गया था। इसके बाद भारतीय अदालतों ने उन्हें ‘भगोड़ा’ घोषित कर दिया और उनकी संपत्तियां कुर्क करने के आदेश दिए।

​वर्तमान में ममता कुलकर्णी भारत से बाहर संभवतः किसी अज्ञात देश या कीनिया में गुमनामी की जिंदगी जी रही हैं। वह कानून की नजरों से दूर हैं और मीडिया के सामने बेहद कम आती हैं। कुछ समय पहले उनके कुछ इंटरव्यूज सामने आए थे जिसमें उन्होंने खुद को पूरी तरह बेकसूर बताया था और कहा था कि वह अब केवल ईश्वर की भक्ति में लीन रहती हैं।

ममता कुलकर्णी की कहानी बॉलीवुड की सबसे रहस्यमयी और उतार-चढ़ाव भरी कहानियों में से एक है। जहां एक तरफ उन्होंने अपनी खूबसूरती और अभिनय से करोड़ों दिलों पर राज किया वहीं दूसरी तरफ गलत फैसलों और विवादों ने उनके करियर को असमय खत्म कर दिया। एक सुपरस्टार अभिनेत्री से संन्यासिन और फिर कानूनन भगोड़ा बनने का उनका यह सफर किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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