13 जून 2026 को भारत का मौसम एक तरफ आगे बढ़ते हुए दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की सक्रियता और दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिमी भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से निर्धारित हो रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और कुछ क्षेत्रों में तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। नीचे देश के सभी प्रमुख क्षेत्रों के लिए विस्तृत मौसम पूर्वानुमान और आवश्यक सुरक्षा सुझाव दिए गए हैं।
आंचलिक मौसम पूर्वानुमान (Regional Weather Forecast)
उत्तर-पश्चिम भारत- गरज-चमक और तेज हवाएं
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित देश के पहाड़ी राज्यों में 13 जून को छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusty Winds) चलने का अनुमान है।
मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में इस दौरान धूल भरी आंधी (Duststorm) चलने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंके वाली हवाओं (Thundersquall) को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य भारत- आंधी-तूफान और गरज-चमक की स्थिति
मध्य प्रदेश के पूर्वी व पश्चिमी हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ में मानसून-पूर्व और मानसून की शुरुआती गतिविधियों के कारण मौसम बदला रहेगा। आईएमडी के अनुसार 13 जून को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग पॉकेट्स में बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी है। विदर्भ क्षेत्र में भी गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद है जिससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत- भारी से बहुत भारी बारिश का दौर
यह क्षेत्र वर्तमान में इस सीजन की सबसे तीव्र बारिश के दौर से गुजर रहा है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। 13 जून को इन राज्यों में अत्यधिक भारी वर्षा (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने की प्रबल संभावना है जिससे निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश का अनुमान है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत- मानसून की निरंतर प्रगति
दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है। 13 जून को केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी व्यापक वर्षा और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। इसके विपरीत तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ आंतरिक और सीमित इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण उमस और हल्की लू (Heatwave) जैसी स्थिति बनी रह सकती है।
तापमान का मिजाज (Temperature Trends)
आईएमडी के तापमान विश्लेषण के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में पिछले दिनों हुई गिरावट के बाद अब अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मध्य भारत के तापमान में मानसून की आमद के कारण 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी जाएगी जिससे लोगों को तपन से राहत मिलेगी। देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है।
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मौसम जनित सुरक्षा एवं कृषि संबंधी सुझाव (Safety & Advisory)
तेजी से बदलते मौसम को देखते हुए नागरिकों और किसानों के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं
आम नागरिकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन
- आंधी और बिजली के दौरान- यदि आप खुले में हैं और कड़कने की आवाज सुनाई दे तो तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर में शरण लें। पेड़ों के नीचे खड़े होने से बिल्कुल बचें।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरण- गरज-चमक के दौरान घरों के कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्लग से निकाल दें (Unplug) ताकि बिजली के उतार-चढ़ाव से नुकसान न हो।
- जलभराव वाले क्षेत्र- भारी बारिश वाले क्षेत्रों (विशेषकर पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत) में यात्रा करते समय जलभराव वाले रास्तों और कमजोर पुलों को पार करने से बचें।
किसानों के लिए कृषि परामर्श (Agromet Advisory)
- फसलों को सहारा- तेज हवाओं और थंडरस्कॉल की संभावना को देखते हुए फलों के बागानों और खड़ी सब्जियों को यांत्रिक सहायता (Mechanical Support) प्रदान करें ताकि वे टूटने से बच सकें।
- कीटनाशकों का छिड़काव- जिन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट है वहां कीटनाशकों, उर्वरकों का छिड़काव और सिंचाई के कार्यों को कुछ समय के लिए स्थगित कर दें।
- पशुधन का ध्यान- आंधी और बिजली के समय अपने मवेशियों को खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे बांधने के बजाय सुरक्षित और ढके हुए शेड के नीचे रखें।
मछुआरों के लिए चेतावनी
- समुद्र में न जाएं- कर्नाटक, केरल के तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र के पास पूर्वी-मध्य और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में मौसम काफी खराब और अशांत रहने की आशंका है। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 13 जून को समुद्र में न उतरें।
नोट- यह मौसम पूर्वानुमान पूर्णतः भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक और नवीनतम वैज्ञानिक आंकड़ों पर आधारित है। स्थानीय स्तर पर मौसम में त्वरित बदलाव संभव हैं अतः यात्रा या खेती से जुड़े बड़े फैसले लेने से पहले अपने क्षेत्रीय मौसम केंद्र की तात्कालिक चेतावनियों (Nowcasts) पर भी नजर रखें।







